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सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण

शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

            मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
      इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
           इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
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सुशासन तिहार 2026 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।


कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया।

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है। 

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी बिलासपुर श्री रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
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सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में 4 हितग्राहियों को मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की खुशियों की चाबी

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।


इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई।

लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
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मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान - आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन करना हुआ आसान

 दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं।

 
 विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही श्री हिड़मा मण्डावी एवं श्री महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं। जैसा कि हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था। परन्तु राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से सुशासन तिहार 2026 में इन्हें मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे मत्स्याखेट करने में कोई परेशानी नहीं होगी एवं किराये से जाल होने की स्थिति से बचकर वह बेहतर आय अर्जित करेगा।
 
  इसी प्रकार एक और अन्य हितग्राही श्री महादेव मरकाम पिता श्री हड़मा ग्राम भूसारास वि.ख. कटेकल्याण के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार 2026 में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। चूंकि इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था। और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया। वह अपने तालाब की मछली को निकालकर विक्रय हेतु बाजार ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और मछली खराब होने की स्थिति से राहत मिलेगा। 
 
 इसके अलावा ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक श्री परमेश्वर राना पिता श्री नवल राना एवं श्री सुनील कुमार भोयर पिता श्री सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकड़ने में परेशानी हो रही थी। वर्तमान में कृषक को सरकार की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 में विभाग द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे कृषक को अब मछली पकड़ने में कोई परेशानी नही होगी। वही सुनिल कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। परन्तु आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछली ले जाने में दिक्कत नहीं होगा। इस प्रकार राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन शिविर ने श्री हिड़मा मण्डावी, श्री महादेव मरकाम, श्री परमेश्वर राना, श्री सुनील कुमार भोयर जैसे सैकड़ों हितग्राहियों की व्यवहारिक एवं आर्थिक दिक्कतों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूर दराज के ग्रामीणों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने समझने और इसके समाधान करने का यह अभिनव प्रयास सुशासन को सार्थक कर रहा हैं
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सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को मिलें - मंत्री श्री टंक राम वर्मा

छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ सरसीवा तहसील के ग्राम पंचायत झुमका में 'सुशासन तिहार' के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में  प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा शामिल हुए।       

     मंत्री श्री वर्मा ने शिविर में विभागीय स्टालों का अवलोकन कर आवेदन निराकरण की स्थिति जानी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हितग्राहियों को ट्रैक्टर की चाबी, अनुदान राशि के चेक, प्रमाण पत्र और अन्य सामग्री भेंट कर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
    इस ​शिविर में ​कुल  2310 आवेदन प्राप्त हुआ जिसमे से 272 का ​तत्काल निराकरण किया गया।  एक कृषक हितग्राही को ट्रैक्टर खरीदी पर 2.50 लाख रुपये का अनुदान और कई किसानों को बोर खनन हेतु 43 हजार रुपये के चेक वितरित किये गए। इसी तरह नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन, गर्भवती महिलाओं को उपहार और आयुष्मान कार्ड का भी वितरण किया गया।
      ​ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 'अंत्योदय' के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।​"प्रधानमंत्री आवास योजना के हर पात्र हितग्राही को उनका हक मिलेगा, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिविर में प्राप्त एक-एक आवेदन का निराकरण समय-सीमा के भीतर हो।

​विभागीय लाभों का पिटारा

     ​शिविर में प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न विभागों के माध्यम से बड़ी संख्या में लाभान्वित किया गया। शिविर में किसान पुस्तिका, बी-1 और विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसी तरह ​मत्स्य एवं खाद्य विभाग द्वारा मछुआरों को जाल और पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड सौंपे गए। दिव्यांग प्रमाण पत्र, पेंशन स्वीकृति और प्रधानमंत्री आवास के पूर्णता प्रमाण पत्र बांटने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा शिविर लगाकर ग्रामीणों का निःशुल्क परीक्षण किया गया।
​       ​कार्यक्रम में  बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरे,जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पांडेय,और ग्राम पंचायत झुमका के सरपंच धनंजय साहू,कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू,सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए विभिन्न योजनाओं के लिए अपना पंजीयन कराया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भारतीय रेडक्रास सोसायटी के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ शाखा के चेयरमेन श्री तोमन साहू जी चेयरमेन एवं अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को रेडक्रॉस का बैज पहनाकर एवं  स्मृति चिन्ह भेंट कर विश्व रेडक्रॉस दिवस की शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानवता की सेवा के साथ ही आपदा के समय में रेडक्रॉस संस्था की भूमिका सराहनीय है।

इस अवसर पर वाइस चेयरमेन श्री रुपेश पाणिग्रही,कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल,राज्य प्रबंध समिति सदस्य श्री प्रदीप साहू, संरक्षक सदस्य श्री दिनेश तापड़िया उपस्थित थे।
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कथित सुशासन की पोल खुल रही तो अधिकारियों को धमकाया जा रहा - दीपक बैज

 तथाकथित सुशासन असली पोल सुशासन त्यौहार में खुल रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मंत्री, विधायक, सांसद अब अधिकारियों को धमकाने, चमकाने पर उतर आये है। ढाई साल के सरकार जनता से दूर हो चुकी है। सुशासन त्यौहार के नाम पर जब जनता के बीच जा रहे तब जनाक्रोश को दबाने अधिकारियों पर दोषारोपण कर रहे है। मंत्री दयालदास बघेल मंच से शराब तस्करी के लिए पुलिस को दोषी ठहरा रहे है, तो विधायक रोहित साहू पटवारी को धमका रहे है, सांसद भोजराज नाग अधिकारी को निपटाने की धमकी दे रहे है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय छत्तीसगढ़ की 1 करोड़ महिलाओं से महतारी वंदन का फार्म भरवाये, 18 लाख पीएम आवास देने का फर्जी दावा किये, 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का झूठा वादा किये, अब उस वादाखिलाफी से ध्यान भटकाने सुशासन तिहार के नाम पर एक बार फिर आवेदन जमा किये जा रहे है, सरकार का फोकस समस्या के निराकरण में नहीं है। पेयजल व्यवस्था बदहाल है, बूंद-बूंद पानी के लिए जनता तरस रही है, मनरेगा के श्रमिक काम के इंतजार में खाली बैठे हैं, शिक्षकों की भर्ती रोक दी गई है, अस्पतालों में जांच, इलाज़, दवा का अभाव है और यह सरकार जन सरोकार से आंख मूंदकर सुशासन तिहार मना रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सुशासन का दंभ भरने वाली साय सरकार के राज में आम आदमी छोटे-छोटे काम के लिये सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटने को मजबूर है। पटवारी कार्यालय से लेकर तहसील दफ्तरों में लोगों के नामांतरण, फौती, त्रुटि सुधार के लाखों आवेदन लंबित है, लोगों के काम नहीं हो रहे, आम आदमी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर है। बेहद दुर्भाग्यजनक है कि लाखों लोगों को सरकार के पास सड़क, नाली, बिजली, पानी जैसे रोजमर्रा के कामों के लिये आवेदन देने सरकार के सुशासन तिहार का इंतजार करना पड़ता है। साय सरकार लोगों के मूलभूत काम को भी नहीं कर पा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार किस बात का सुशासन त्यौहार मनाने जा रही? यदि सरकार में सुशासन होता तो लोगों का काम नियमित हो रहा होता तो त्यौहार मनाने की जरूरत क्यों पड़ती? यह सुशासन त्यौहार अपनी विफलता से ध्यान भटकाने का तरीका है। पिछले बार भी सुशासन त्यौहार मनाये थे और जनता से जो लाखों आवेदन प्राप्त हुए उसको कचरे के ढेर में फेंक दिए। इस बार के सुशासन त्यौहार के पहले, पिछले साल के आवेदनों के बारे में जनता को बताये उनका अभी तक निराकरण क्यों नहीं हुआ?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ढाई साल के भीतर ही शांति का टापू कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ को भाजपा की सरकार ने अपराध गढ़ बना दिया है। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, चाकूबाजी की घटनाएं बेतहाशा बढ़ गई हैं। अवैध शराब, मिलावटी शराब, नकली होलोग्राम, भू-माफिया और रेत माफियाओं के गुंडागर्दी की शिकायत है रोज उजागर हो रही है। सत्ता के संरक्षण में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। गर्मी के दिनों में जब कृषि मजदूर खाली हो जाते हैं उस दौरान मनरेगा के काम हर ग्राम पंचायत में खोले जाते रहे हैं, लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद से मनरेगा के मजदूर काम के लिए तरस रहे हैं और यह सरकार आत्ममुग्धता में सुशासन तिहार मनाने का ढोंग कर रही है।
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बिजली सप्लाई को बेहतर बनाने नई तकनीकों का करें उपयोग-अधिकारी से लाइनमेन तक हों एआई तकनीक से लैस

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने डंगनिया स्थित मुख्यालय में जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिजली हर व्यक्ति के जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना पावर कंपनीज़ की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



            श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि विद्युत व्यवस्था को आधुनिक, तेज एवं उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिये नवीन टेक्नोलॉजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने डाटा बेस्ड डिसिजन मेकिंग पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक एआई तकनीक का उपयोग कर विद्युत आपूर्ति, फॉल्ट मॉनिटरिंग, लोड प्रबंधन, उपभोक्ता शिकायत निवारण एवं सिस्टम मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।


            श्री सिंह ने कहा कि पावर कंपनीज़ में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई तकनीकों एवं आधुनिक कार्यप्रणाली से लैस किया जाना चाहिए, ताकि कार्य क्षमता, मॉनिटरिंग सिस्टम और उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार किया जा सके।
उन्होंने तीनों कंपनियों के अधिकारियों की अलग-अलग बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

 

            बैठक में नए भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने, लंबित परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।अध्यक्ष श्री सिंह ने टोल फ्री कॉल सेंटर नंबर 1912 को और अधिक दक्ष बनाने तथा शिकायतों के निराकरण के रिस्पांस टाइम में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना पावर कंपनीज़ की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

 

            बैठक में जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार, ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करें - श्री अरुण साव

 उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज विभागीय मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर सड़कों एवं पुल-पुलियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तत्परता से तकनीकी स्वीकृति और टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में कहा कि सभी मुख्य अभियंता कार्यालय कॉर्पोरेट दफ्तरों की तरह पूरी क्षमता और दक्षता से काम करें। उन्होंने विभाग की कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए फील्ड से लेकर कार्यालय तक तेज गति और जवाबदेही से काम करने को कहा।


उप मुख्यमंत्री श्री साव ने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग करने और इनके खराब होने पर संबंधित ठेकेदारों से त्वरित मरम्मत कराने को कहा, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की स्थिति खराब पाए जाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने ऐसी सड़कों का तत्काल ठेकेदारों से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता को भारत सरकार के साथ लगातार समन्वय कर स्वीकृतियों एवं कार्यों में तेजी लाने को कहा। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी मुख्य अभियंताओं को प्राथमिकता वाले कार्यों की खुद मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने फील्ड पर निकलकर प्राथमिकता वाली सड़कों के कार्यों की प्रगति का हर सप्ताह निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भू-अर्जन की कार्यवाहियों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने ब्लैक-स्पॉट्स दूर करने के साथ ही सड़कों व पुलों के निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्माण कार्यों और निर्माण सामग्रियों में गुणवत्ता पर जोर देते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि बहुत दिनों तक लंबित काम विभाग की छवि खराब करता है। इस तरह की स्थिति न बने। हर हाल में समय-सीमा में काम पूर्ण करने का प्रयास करें। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं के साथ ही सेतु संभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत जिले के सुदूर व पहाड़ी कोरवा बसाहटों में 113 हैंडपंप व बोरवेल की होगी खुदाई

जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन क्षेत्रों में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।


विगत दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले में पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शासन की योजनाओं खासकर बुनियादी जरूरतों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना यह सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसी क्रम में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष श्री अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि स्थलीय सर्वे  पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 इस तरह इन विकासखण्डों  में डीएमएफ मद से 113 हैंडपंप एवं बोरवेल खनन की जाएगी। 24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल,  लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सहित अन्य सदस्यों की सहमति से यह कार्य की स्वीकृति दी गई है।

  कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया है कि  हैंडपंप खनन, बोरवेल खनन कर  दीर्घकालिक समाधान के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित  करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से एक माह में पूर्ण किए जाएं, ताकि सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्थायी पेयजल सुविधा सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस संवेदनशील पहल से जिले के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या से सैकड़ो गांवों के हजारों निवासियों को निश्चित ही राहत मिलेगी।
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उप मुख्यमंत्री ने 2.06 करोड़ की लागत से घोटिया विद्युत उपकेंद्र का किया भूमिपूजन

कवर्धा शहर की बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए आज नवीन बस स्टैण्ड घोटिया में 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत लगभग 2.06 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस विद्युत उपकेन्द्र की सौगात दी। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह केंद्र शहर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी तथा आम उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। उपकेन्द्र के शुरू होने से मेडिकल कॉलेज, नवीन बस स्टैण्ड, कृषि महाविद्यालय, तुलसी नगर और राजदीप कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं शहर के 8614 उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कवर्धा शहर की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आज घोठिया स्थित नवीन बस स्टैण्ड के पास नए विद्युत उपकेंद्र का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद मात्र ढाई वर्षों के भीतर जिले में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और अब तक चार नए उपकेंद्रों का भूमिपूजन पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि दलदली, सेमो और सरेखा में पहले ही उपकेंद्रों का भूमिपूजन हो चुका है, जबकि जल्द ही दुबहा में भी नए उपकेंद्र का भूमिपूजन किया जाएगा।
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महज ढाई वर्षों में जिले में पांच सब स्टेशन स्थापित होने जा रहे हैं, जो विद्युत व्यवस्था को नई मजबूती देंगे। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में भी नए सब स्टेशन और ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे ताकि हर क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाई जा सके। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर लगने से लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं में बड़ी राहत मिलती है। ढाई साल में अब तक जिले में 486 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी।
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि घोटिया उपकेंद्र में 5 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। अभी तक कवर्धा शहर की पूरी विद्युत व्यवस्था दो पावर ट्रांसफार्मरों के भरोसे संचालित हो रही थी, लेकिन यह तीसरा पावर ट्रांसफार्मर शहर की करीब 40 प्रतिशत आबादी को कवर करेगा। इससे वोल्टेज की समस्या, लाइन फाल्ट और ओवरलोड जैसी परेशानियों से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस नए उपकेंद्र से कवर्धा शहर के 13 वार्डों में विद्युत सप्लाई की जाएगी। इससे मौजूदा दोनों ट्रांसफार्मरों पर लोड कम होगा और दूरस्थ बस्तियों तक भी पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली पहुंच सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि नवंबर माह तक इस उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डाॅ. बीरेन्द्र साहू, जनपद अध्यक्ष श्री सुषमा गणपत बघेल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण उपस्थित थे।

5 एमव्हीए ट्रांसफार्मर और तीन नए फीडर होंगे स्थापित
      नवीन उपकेन्द्र में 5 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही यहां से तीन नए 11 केव्ही फीडर मेडिकल कॉलेज फीडर, तुलसीनगर फीडर तथा राजदीप कॉलोनी फीडर निकाले जाएंगे। इन फीडरों के माध्यम से नव निर्मित मेडिकल कॉलेज, नवीन बस स्टैण्ड, कृषि महाविद्यालय, तुलसीनगर एवं राजदीप कॉलोनी क्षेत्र में बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

पुराने उपकेन्द्रों पर कम होगा भार
           विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस नए उपकेन्द्र के प्रारंभ होने के बाद लोहारा नाका स्थित उपकेन्द्र का भार यहां हस्तांतरित किया जाएगा। इससे दशरंगपुर, टाउन-1 तथा रामनगर फीडरों पर दबाव कम होगा। साथ ही 11 केव्ही फीडरों की लंबाई घटने से अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी।

8614 उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
        इस नवनिर्मित उपकेन्द्र से कवर्धा शहर के लगभग 8614 उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे। बेहतर विद्युत व्यवस्था से आम नागरिकों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और तेजी से विकसित हो रहे नए क्षेत्रों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत
           नए उपकेन्द्र के निर्माण से शहर के कई क्षेत्रों में लंबे समय से बनी लो वोल्टेज की समस्या से भी राहत मिलेगी। विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि कम दूरी से विद्युत आपूर्ति होने के कारण बिजली की गुणवत्ता में सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
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“पीएम आवास सिर्फ मकान नहीं, परिवारों के सपने पूरे होने का प्रतीक”-उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 कबीरधाम जिले के ग्राम पंचायत बम्हनी में आयोजित सुशासन तिहार का समाधान शिविर गुरुवार को ग्रामीणों के लिए सीधे संवाद का मंच बन गया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने यहां जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं। जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने आवेदन लेकर पहुंचे थे। उप मुख्यमंत्री ने सभी की बात ध्यान से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर शासन, प्रशासन और आमजन के बीच का सेतु है। लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो यह प्रयास होना चाहिए।


         ग्राम पंचायत बम्हनी में 24 गांवों के क्लस्टर को शामिल करते हुए शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी परिवार के लिए पीएम आवास सिर्फ एक मकान नहीं होता, बल्कि वर्षों से देखे गए उस सपने का साकार रूप होता है, जहां परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में पीएम आवास की स्वीकृति का निर्णय इसी सोच और प्रतिबद्धता का हिस्सा था।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 में बम्हनी सेक्टर की 24 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 8066 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 7069 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं वर्ष 2025-26 में 1822 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 480 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
            उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण, नाला सफाई, पुलिया निर्माण, आंगनबाड़ी भवन, पक्की नाली और डबरी निर्माण जैसे 163 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों की कुल राशि लगभग 4 करोड़ 92 लाख रुपये है। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न कार्यों में लगे मजदूरों को अब तक 3 करोड़ 73 लाख रुपये का मजदूरी भुगतान किया गया है। उन्होंने स्व सहायता समूहों की महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बम्हनी सेक्टर के 456 स्व सहायता समूहों को 68 लाख 40 हजार रुपये की चक्रीय निधि तथा 312 समूहों को 1 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश निधि प्रदान की गई है।
         कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सलवाद की समाप्ति के लिए किए प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश नक्सलवाद के दंश से लंबे समय तक पीड़ित रहा। लेकिन गृह मंत्री श्री अमित शाह के सशक्त नेतृत्व और ठोस निर्णयों के साथ 31 मार्च 2026 तक प्रदेश से सशस्त्र नक्सलवाद  समाप्ति की समय सीमा तय की गई। दृढ़ इच्छाशक्ति और रणनीति के तहत सशस्त्र नक्सलिज्म की समाप्ति में सफलता हासिल हुई है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहे हैं। अब तक योजना की 27 किश्तें जारी हो चुकी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता का आधार दे रहा है
उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल ने भी संबोधित किया।

हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

       समाधान शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। उन्होंने 13 हितग्राहियों को पेंशन पत्र, 3 हितग्राहियों को आवास की चाबी, 25 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 14 हितग्राहियों को जॉब कार्ड, 7 हितग्राहियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन प्रमाण पत्र, 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 5 हितग्राहियों को आबादी पट्टा तथा किसानों को किसान पुस्तिका, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि ऋण चेक वितरित किए। इस दौरान कक्षा 12वीं में 92.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र खेमलाल गंधर्व को भी सम्मानित किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने किया विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण
        जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा जन जागरूकता हेतु विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टाल लगाए गए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन स्टाल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं से आमजन को परिचित कराते हुए उन्हें लाभान्वित करना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं से जुड़ी सभी अहम जानकारियां पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने शिविर में बच्चों का अन्न प्राशन भी कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू,  जिला पंचायत सदस्य डाॅ. बीरेन्द्र साहू, जनपद अध्यक्ष श्री सुषमा गणपत बघेल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण उपस्थित थे।
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मोर गांव – मोर पानी महाअभियान से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल जिला

राज्य शासन के “मोर गांव – मोर पानी” महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं।  


जिले में बनीं 17 सौ से अधिक आजीविका डबरी

          “जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

पीएम आवासों में बने 2541 सोखता गड्ढे, 87 तलाबों का नवीनीकरण  

       वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे  का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ एवं दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।  

जल स्तर में 2.19 मीटर की हुई वृद्धि

        जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।  

जिले के तीन विकासखण्ड अब सेफ कैटेगरी में

         अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अखबार में प्रकाशित पेयजल समस्या की खबर पर लिया त्वरित संज्ञान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह समाचार पत्रों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ज़मीन पर सुनिश्चित करना है।
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कटहल–गुलमोहर की छांव में सजी चौपाल, मुख्यमंत्री ने सरोधी में सुनी जनता की आवाज

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज  खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान के ग्राम सरोधी पहुंचे, जहां उन्हें अपने बीच पाकर ग्रामीणों में उत्साह, आत्मीयता और अपनत्व का अनोखा दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री के आगमन से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें देखने और उनसे मिलने उमड़ पड़े।


गांव की महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने महुआ, चार, आम और रखियां बड़ी भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया, वहीं स्कूली बच्चों ने अपने हाथों से तैयार गुलमोहर और कनेर के फूलों के गुलदस्ते भेंट कर अपनी खुशी और सम्मान व्यक्त किया। यह स्वागत ग्रामीण संस्कृति और सादगी की जीवंत झलक बन गया।

ग्राम सरोधी के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में कटहल और गुलमोहर के पेड़ों की छांव तले मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस सहज और आत्मीय वातावरण में उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके बीच आकर आपका हाल-चाल जानने, सुख-दुख सुनने और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझने आए हैं। यह अभियान 1 मई से 10 जून तक चलेगा, जिसमें सरकार स्वयं आपके द्वार तक पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह समस्याओं का संकलन कर समाधान शिविरों के माध्यम से उनका निराकरण किया गया था और इस वर्ष भी उसी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी रूप में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को अभी महज 28 माह हुए हैं, लेकिन मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। 

उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है, जिससे वनांचल क्षेत्र के लोगों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना और तीर्थ यात्रा दर्शन योजना के माध्यम से लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से पेयजल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम सरोधी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें राशन पीडीएस दुकान की स्थापना, नवीन ग्राम पंचायत भवन, पूर्व माध्यमिक शाला के लिए नए भवन का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही गंडई से बकरकट्टा मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक सड़क निर्माण, साल्हेवारा-पंडरापानी मार्ग पर मगुरदा नाला पर पुल निर्माण, पीएचसी बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की तैनाती, बकरकट्टा से नवागांव सड़क का नवीनीकरण तथा क्षेत्र में 33 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति दी गई। 

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।
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निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को श्रमिकों ने दिया भोजन का न्यौता: साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी

सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।


निरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को बड़े स्नेह और आग्रह के साथ दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस सादगी भरे निमंत्रण को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लेकर आई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे अपने घर से पारंपरिक भोजन—बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी लेकर आई हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी सहजता से उनके साथ भोजन करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठ गए और उनके टिफिन से ही भोजन ग्रहण किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ा हुआ है।  

भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय  ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला।

जब मुख्यमंत्री ने गांव की प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या लगातार बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रह पाते, जिससे गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और तत्काल समाधान की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं समय पर और प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सुशासन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
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वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने की सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार के जिलों में सुशासन तिहार के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। 

          समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मनरेगा भुगतान, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड वितरण, राजस्व प्रकरण, शिक्षा, जाति प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं पेयजल व्यवस्था सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। 
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि सुशासन तिहार में विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए और कोई भी मामला समय-सीमा से बाहर न रहे। उन्होंने नक्शा-खसरा निःशुल्क उपलब्ध कराने, बंटवारा, सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं समाज प्रमुखों तक समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
           बैठक में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के प्रचार-प्रसार के लिए शिविरों में स्टॉल लगाने और डेमो देने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजना की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खाद वितरण, विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने, खराब बोर सुधारने, पाइपलाइन बिछाने और जरूरत पड़ने पर पानी टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
        उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर शिविर स्थलों पर पेयजल, कूलर और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। उन्होंने पुलिस विभाग को स्कूल-कॉलेजों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा साइबर अपराध, नशा और यातायात नियमों पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने और ग्राम पंचायतों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर सुशासन तिहार को सफल बनाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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