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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को गुरु घासीदास जयंती महोत्सव का मिला निमंत्रण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज सतनाम कल्याण समिति, बंधवा के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा की 269वीं जयंती के अवसर पर मुंगेली जिले के लालपुर धाम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विशाल मेला—18, 19 एवं 20 दिसंबर—में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्रदान किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन, सत्य, अहिंसा, समानता और सद्भाव के मूल्य हमें सामाजिक समरसता और मानवकल्याण की दिशा में निरंतर प्रेरित करते हैं।उन्होंने कहा कि लालपुर धाम का यह मेला छत्तीसगढ़ की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर गुरु बाबा के उपदेशों को आत्मसात करते हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामकथा पोस्टर एवं कैलेंडर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी श्री रामकथा कार्यक्रम हेतु तैयार किए गए पोस्टर एवं कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया।


प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि श्री रामकथा का आयोजन 28 दिसंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक दुर्ग जिले के जामुल नगर में किया जाएगा।  प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को इस पावन आयोजन में सादर आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल के सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया एवं आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर मंच के संरक्षक श्री दिलेश्वर उमरे, संयोजक श्री ईश्वर उपाध्याय, तथा श्री जागेश्वर मल सोनी, श्री उमेश निर्मलकर, श्री नेत राम साहू, श्री जितेंद्र साहू, श्री इंद्रजीत उपाध्याय, श्री वैभव उपाध्याय सहित मंच के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अघोर गुरुपीठ में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहाँ उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने गुरुपीठ में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर अवधूत जी के कृपापात्र शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक स्पर्श सदैव ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा देता है और जनसेवा के कार्यों को अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री भानु यादव, श्रीमती मुक्ता देवी, श्रीमती रीना बरला, श्री मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।


मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री निर्मल सिन्हा, श्री कैलाश साहू, श्री कृष्ण कुमार जायसवाल, श्री आदर्श वर्मा, श्री हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर में कोलता समाज द्वारा आयोजित श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झगरपुर परिसर में किया गया, जहाँ समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का पारंपरिक गजमाला पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री श्री रणेश्वर रामचंडी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर माता रामचंडी के चरणों में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि झगरपुर की इस पावन भूमि पर आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव हुआ है। यह मंदिर न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना और एकता का भी सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति और परंपराओं में बसती है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। उन्होंने माता-पिता को सच्चा ईश्वर बताते हुए कहा कि यदि माता-पिता प्रसन्न हैं तो सभी देवी-देवता प्रसन्न रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से अपने घर के बड़ों के प्रति सम्मान और सेवा-भाव बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए ई-गवर्नेंस की शुरुआत हो चुकी है तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ सतत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के 18 से 19 माह के भीतर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस दिया गया, धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की गई, और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी योजनाएं जनहित में संचालित की जा रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संसाधनों से समृद्ध राज्य है, और जनसहयोग तथा संसाधनों के सही उपयोग से हम विकास के नए अध्याय लिख रहे हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ यह केवल नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज 35,440 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली दो प्रमुख योजनाओं – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन – का शुभारंभ किया है। यह योजनाएं देश के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण समृद्धि के लिए सतत प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था में सुधार कर शासन प्रणाली में नई पारदर्शिता और जवाबदेही लाई गई है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने झगरपुर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए, विकासखंड मुख्यालय लैलूंगा में कोलता समाज हेतु सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा मार्ग निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए, वार्ड क्रमांक 5 पटेलपारा के बीच नदी में स्टॉप डैम कम कॉजवे निर्माण हेतु 2.5 करोड़ रुपए, लैलूंगा–कुंजारा से गमेकेला में खारुन नदी पुलिया निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए और वार्ड क्रमांक 11 में शासकीय कन्या हाईस्कूल के नवीन भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है। कोलता समाज का आशीर्वाद और सहयोग सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि उसे ऐसे जनसेवक का नेतृत्व प्राप्त है जो प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के मात्र 12 दिन बाद ही 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपए बोनस का भुगतान कर दिया। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। प्रदेश में 18 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और प्रभु श्रीराम इस धरती के भांजा हैं। यही हमारी सांस्कृतिक पहचान और गर्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय का ध्यान प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। लैलूंगा और आसपास के क्षेत्रों की आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री पूर्णतः अवगत हैं, और क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी कार्य चरणबद्ध रूप से पूरे किए जाएंगे।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन जिला पंचायत सदस्य श्री बृजेश गुप्ता ने किया, जिन्होंने कोलता समाज की ऐतिहासिक परंपराओं और 120 उपजातियों की एकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर श्री रत्थूलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, पूर्व विधायक श्री सत्यानंद राठिया, श्रीमती सुनीति राठिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्रीमती ज्योति भगत, समाजसेवी श्री अमर अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावर, अरुण कातोरे, जतिन साव, विनय साव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित थे।
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संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है विकास और आस्था के मार्ग पर - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 छत्तीसगढ़ की पुण्यभूमि माता कौशल्या की जन्मस्थली होने के साथ-साथ प्रभु श्रीराम का ननिहाल भी है — यह हमारे लिए परम सौभाग्य और गर्व का विषय है। प्रभु श्रीराम ने अपने चौदह वर्षों के वनवास काल का अधिकांश समय इसी पावन छत्तीसगढ़ की धरती पर व्यतीत किया, जिससे यह भूमि भक्ति, त्याग और मर्यादा की दिव्यता से आलोकित हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बड़े जुंगेरा स्थित माँ कौशल्या धाम, जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत श्री रामकृष्णदास महात्यागी एवं संत श्री रामजानकीदास महात्यागी के समाधि स्थल पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दोनों संत महापुरुषों के राष्ट्र, समाज और अध्यात्म के प्रति योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग, तप और सेवा से छत्तीसगढ़ की यह भूमि आज भी आलोकित है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबाजी तेजस्वी साधक और त्याग, सेवा व अध्यात्म के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लोककल्याण और मानवता की सेवा को समर्पित किया। 
उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की प्रेरणा ही हमारे समाज की आत्मा और राज्य के सांस्कृतिक गौरव की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में आकार ले रहा यह दिव्य धाम छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रतीक बनेगा। उन्होंने संत बालक दास महात्यागी जी से भेंट कर निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रतनपुर महामाया मंदिर में नवरात्रि पर की पूजा अर्चना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रतनपुर स्थित ऐतिहासिक महामाया मंदिर पहुँचकर मां महामाया का दर्शन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की और उन्हें नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। 


इस अवसर पर विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष श्री दीपक सिंह ठाकुर, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित महामाया ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर शहर के आकाशवाणी चौक स्थित माँ काली मंदिर से डोंगरगढ़ तक निःशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। रायपुर से माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बस सेवा का नि:शुल्क लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कालीमाता सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ काली और माँ बम्लेश्वरी से छत्तीसगढ़ में खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं।


माँ काली सेवा समिति द्वारा संचालित यह नि:शुल्क बस सेवा पूरे नवरात्र पर्व के दौरान नौ दिनों तक लगातार चलेगी। इस सेवा के तहत प्रतिदिन चार बसें रायपुर से श्रद्धालुओं को डोंगरगढ़ तक ले जाएँगी और उन्हें दर्शन के उपरांत वापस रायपुर लाएँगी। मुख्यमंत्री ने आज चार बसों में लगभग दो सौ महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कालीमाता सेवा समिति पिछले दस वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से प्रत्येक नवरात्र में प्रतिदिन चार बसों से श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु ले जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में दर्शन की लालसा हर सनातनी के मन में होती है। माँ के दर्शन की कल्पना मात्र से ही मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन कई बार परिस्थितिवश हर कोई दूर स्थित देवी स्थलों तक नहीं पहुँच पाता। ऐसे में यह बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बस सेवा से समिति ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही सेवा, समर्पण और समावेशिता का प्रेरक संदेश भी दिया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राजिम से रायपुर तक मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की कुंभनगरी राजिम के श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए और अधिक सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए कालीमाता सेवा समिति से जुड़े श्री श्रीचंद सुंदरानी, श्री दीपक भारद्वाज और सभी पदाधिकारियों को साधुवाद दिया।

इस अवसर पर गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति से एक बस कवर्धा से डोंगरगढ़ तक चलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक श्री सुनील सोनी एवं श्री पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा जयंती पर की पूजा अर्चना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने संसार के प्रथम वास्तुकार एवं सृजन-निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर प्रदेश की प्रगति और निर्माण के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को जाता है। विश्वकर्मा जयंती का यह अवसर हम सभी को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा देता है।
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पं. श्री श्रीकृष्ण शास्त्री जी का इस दिन होगा रायपुर में कथा

 छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर के गुढ़ियारी की पावन धरती पर एक बार पुनः दिव्यागार और भक्ति के अद्वितीय संगम की साक्षी बनने जा रही है। आगामी दिनांक 04 अक्टूबर से 08 अक्टूबर 2025 तक पू. श्री पंडित श्रीकृष्ण शास्त्री फाफाडीह के तत्वावधान में, संपूर्ण प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे भारत देश के श्रद्धालुओं के लिए एक महान आध्यात्मिक अवसर का आयोजन होने जा रहा है।


इस अवसर पर बगैरोंध धाम पिथौरीदिया, पू. पं. श्री श्रीकृष्ण शास्त्री जी अपने अद्भुत वाणी वाचन से हनुमंत कथा का दिव्य वर्णन करेंगे। हनुमंत कथा के संदर्भ में श्री हनुमान जी का दिव्य स्वरूप सभी के जीवन में आशा, उत्साह, और पराक्रम-प्रसार हेतु विशेष रूप से प्रेरणा का जीवन में अध्यात्म के साथ-साथ कर्म करने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

यह आयोजन अपूर्व होगा, वहीं कथा स्थल, श्रोतागण, श्रद्धालु, साधु-संत भी सम्मिलित होंगे, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। आयोजक मंडल ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं हेतु व्यापक व्यवस्था की है जिसमें जलपान, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा की विशेष देखरेख की जाएगी।

इस महोत्सव के निर्देशक श्री चंदन अग्रवाल एवं श्री बसंत अग्रवाल (धान व्यापारी वाले) हैं, जिन्होंने सदैव सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों को सहयोग प्रदान कर समाज सेवा का मिशाल कायम की है।

धार्मिक दृष्टि से यह आयोजन जनमानस को भक्ति, अध्यात्म और संस्कारों से ओतप्रोत करेगा तो वहीं सामाजिक और जनजागृति दृष्टि से यह कार्यक्रम समाज में एकता, सद्भाव और सहयोग की भावना को दृढ़ करेगा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक परंपरा को नए आयाम देने यह महोत्सव निश्चित ही आध्यात्मिक धरातल को और अधिक समृद्ध करेगा।

प्रदेश एवं नगर की जनता से अपील है कि इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पधारकर पूज्य. पं. श्रीकृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से हनुमंतजी का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।
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मुख्यमंत्री से पूज्य संत श्री असंग देव जी ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में परम पूज्य संत श्री असंग देव जी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और श्रीफल भेंट कर पूज्य संत श्री असंग देव जी का सम्मान किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। संत श्री असंग देव जी ने मुख्यमंत्री को गौमाता की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पूज्य संत श्री असंग देव जी के मध्य विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा बड़ी संख्या में संत असंग देव जी के अनुयायी संतगण भी उपस्थित थे।
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राज्यपाल श्री डेका पोला पर्व उत्सव में हुए शामिल

राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पोला पर्व के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक त्यौहार मनाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण उपस्थित थे ।  

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में वर्चुअली हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार के शुभ अवसर पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के समीप आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।


श्रावण मास की इस सात दिवसीय दिव्य कथा श्रृंखला का आयोजन 28 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक महामधेश्वर धाम समिति द्वारा किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री देवकीनंदन जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी वाणी से हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ से जुड़े सभी संतजनों को प्रणाम करते हुए समिति को भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिव और शक्ति छत्तीसगढ़ के कण-कण में समाए हैं और प्रदेश को आध्यात्मिक ऊर्जा इन्हीं  देवस्थलों से प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए केंद्र सरकार से ₹10 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, तथा राज्य सरकार तीव्र गति से अधोसंरचना विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए कार्य कर रही  है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विराजित भगवान शिव के प्रमुख स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव विभिन्न रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण प्रदेश शिवमय है।

श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरिडोर योजना प्रारंभ की गई है। इसमें डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है।

इसी क्रम में पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जीवन में आध्यात्मिक संतोष और आस्था का अनुभव हो रहा है।

समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास के समन्वय से छत्तीसगढ़ को नया धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य बनाएगी।
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हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।


यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।
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भाजपा ध्रुवीकरण करने के लिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाती हैः भूपेश बघेल

 दुर्ग में दो ननों सहित तीन लोगों को गिरफ़्तार कर मानव तस्करी व धर्मांतरण का आरोप लगाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राज में पूरे देश में अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा है कि बहुसंख्यकों का ध्रुवीकरण करने के लिए भाजपा ऐसा षडयंत्र करती है।


पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि क़ानून यह कहता है कि किसी मामले में शिकायत दर्ज हो तो पहले जांच की जानी चाहिए फिर एफ़आईआर दर्ज करके कार्रवाई करना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकारों के अंतर्गत पूरे देश में हो रहा है कि जैसे ही अल्पसंख्यकों का मामला आता है, पुलिस बिना क़ानूनी औपचारिकता पूरी किए कार्रवाई करती है. चाहे वो ईसाइयों का मामला हो, मुसलमानों का या फिर सिख या किसी अन्य अल्पसंख्यक का। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बहुसंख्यक समुदाय के राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए ऐसा करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि ननों पर भी इसीलिए कार्रवाई की गई कि तीनों आदिवासी महिलाओं को उनकी सहमति से रोज़गार के लिए साथ ले जाया जा रहा था और इसमें उनके परिजनों की स्वीकृति भी थी। नौकरी करना हर किसी का नागरिक अधिकार है और इसके लिए कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में जाकर काम कर सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि पुलिस की अनुचित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह बयान भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह महिलाओं की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने कहा है कि बयान देने से पहले मुख्यमंत्री तथ्यों की जांच करवा लेते तो बेहतर होता। इस मामले पर विरोध दर्द करवाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि जिन ननों पर आरोप लगाए गए हैं वे एसिसी सिस्टर्स ऑफ़ मैरी इमैक्युलेट (एएसएमआई) की सदस्य हैं और परिजनों की स्वीकृति के साथ उनके साथ जा रहीं थीं। इस मामले में आज संसद में भी विरोध प्रदर्शन किया गया।
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पाट जात्रा के साथ शुरू हुआ विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा

हरियाली अमावस्या के मौके पर बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी मन्दिर के सामने गुरुवार को पाट जात्रा पूजा विधान के साथ ही विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व शुरू हो गया। बस्तर दशहरा पर्व के इस प्रथम पूजा विधान में बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और बस्तर दशहरा पर्व समिति के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी-गायता, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों के साथ ही बड़ी संख्या में जनसमुदाय शामिल हुआ।


     बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के पहले पूजा विधान पाट जात्रा में रथ निर्माण के लिए बनाए जाने वाले औजार ठुरलू खोटला तथा अन्य औजारों का परम्परागत तरीके से पूजा-अर्चना कर रस्म पूरी की गयी। इसके साथ ही विश्व  प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व शुरू हो गया, जो इस वर्ष करीब 75 दिवस की अवधि तक पूरे आस्था, श्रद्धा और पूरे हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा। 

     बस्तर दशहरा पर्व के प्रमुख पूजा विधानों को निर्धारित तिथि अनुसार सम्पन्न की जाती है। जिसके तहत आगामी शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को काछन जात्रा पूजा विधान एवं मुरिया दरबार होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई होगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।
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मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: श्री साय ने गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का किया अभिषेक

छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व “हरेली” पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। 

पहली बार मुख्यमंत्री निवास में हरेली के पूजन में भिलाई की ग्रेजुएट सुश्री धनिष्ठा शर्मा ने अपने बड़े भाई श्री दिव्य शर्मा के साथ भगवान शिव के अभिषेक में मंत्रोच्चार किया, इससे मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनके परिजनों सहित मौजूद सभी अतिथि प्रभावित हुए।

हरेली के पूजा-पाठ में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेती किसानी के कामों में उपयोग होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व दूसरे कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर हरेली उत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के किसानों समेत समस्त छत्तीसगढ़ वासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन संरक्षण के संदेश के साथ गाय और बछड़े को पारंपरिक लोंदी और हरा चारा खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली पर्व केवल किसानों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन से जुड़े हमारे गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है। इस दिन गाय एवं अन्य मवेशियों को गेहूं के आटे, नमक और अरंडी के पत्तों से तैयार लोंदी खिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे पशुओं को कई प्रकार की बीमारियों से बचाव मिलता है और उनकी सेहत बेहतर रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में पशुओं को परिवार का सदस्य माना गया है। हरेली का यह पर्व हमें पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं से जुड़ें और पशुधन की देखभाल एवं सुरक्षा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिवेश और पूजा-पद्धति के साथ लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
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