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क्राइम पेट्रोल

72 घंटे के भीतर रायगढ़ जिला प्रशासन की अफीम की खेती पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत बीते 72 घंटे में तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक अवैध मादक पदार्थ अफीम के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे इस कार्य में जुडे़ संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

     इस संबंध में आज प्रशासन द्वारा पुलिस कंट्रोल रुम मे प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत खरसिया (14 ग्राम), घरघोड़ा (10 ग्राम), तमनार (12 ग्राम), लैलूंगा (4 ग्राम), मुकडेगा (3 ग्राम), रायगढ़ (11 ग्राम), पुसौर (13 ग्राम) एवं धरमजयगढ़ (7 ग्राम) में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 
             कलेक्टर ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण और सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अफीम की खेती के दो मामले सामने आए थे। वहीं, आज दोपहर तीसरा मामला भी प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती कानूनन गंभीर अपराध है। इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ड्रोन सर्वे, सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी। 
             वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने बताया कि बीते 19 मार्च को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र के आमाघाट में छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर विवेचना की जा रही है। मौके पर पूरी फसल को उखाड़कर जब्त किया गया तथा रोटावेटर और जेसीबी मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह नष्ट कर समतल किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन, कृषि, आबकारी एवं एफएसएल की टीम संयुक्त रूप से उपस्थित रही। 
             इसी क्रम में 23 मार्च को फिजिकल एवं ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव में भी अवैध खेती का मामला सामने आया। यहां भूमिस्वामी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में साग-भाजी के बीच छोटे क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों में सफेद फूल आना प्रारंभ हो गया था तथा कुछ डंठल सूख चुके थे। पुलिस ने तत्काल फसल को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते विफल करते हुए सामग्री जब्त की गई। 
            लैलूंगा क्षेत्र के मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में लगभग 5 डिसमिल क्षेत्र में संदिग्ध फसल की खेती किए जाने की बात सामने आई है। उसके घर से पेड़, पत्तियां एवं तने के सूखे अवशेष प्रशासनिक टीम द्वारा बरामद कर जांच के लिए भेजा गया हैं। पुलिस टीम नारकोटिक्स के अधिकारियों के संपर्क में है, रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है, पूछताछ करने के बाद उनकी भूमिका पूरी तरीके से स्पष्ट हो जाएगी। जिसके बाद नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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धमतरी सड़क दुर्घटना में कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में हुए सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के वीर जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित हमारे जांबाज जवानों का निधन अत्यंत हृदयविदारक है और यह क्षति अपूरणीय है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोबरा बटालियन के जवानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायल जवान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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नए आपराधिक कानूनों के प्रयोग से पुलिस प्रक्रिया हुई तीव्र एवं आसान - उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।

       पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी।
    पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिसपर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
    पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है।
      उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में  शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है।
     अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी।
     उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।
    उन्होंने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।
       राज्य में नशे व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है।
       साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। 
        राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।
    नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।
        पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।
      उन्होंने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में 'उमंग-तरंग' नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं। इस अवसर पर एसीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, एडीजी श्री अमित कुमार, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री विवेकानंद, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, आईजी श्री ध्रुव गुप्ता एवं मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है, विकास का नया युग प्रारंभ हो चुका है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन अब साकार होता दिख रहा है। यह सफलता डबल इंजन की सरकार के मजबूत नेतृत्व, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की स्पष्ट नीति तथा हमारे वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद आज अपने अंतिम चरण में है और यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा, और यह संकल्प अब धरातल पर साकार रूप लेता दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सली हिंसा के समाप्त होते ही बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और स्थिरता की मजबूत नींव स्थापित हो रही है। वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्रों में अब तेजी से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, पर्यटन और आजीविका के नए आयाम खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बस्तर अब परिवर्तन की राह पर है, और आने वाले वर्षों में वहां विकास की गंगा बहेगी।"

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सुरक्षा बलों का साहस — इन तीनों की संयुक्त शक्ति से छत्तीसगढ़ न केवल नक्सलवाद से मुक्त होगा, बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ विकासशील राज्यों में अग्रणी बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह नया छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि, विश्वास और विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बीजापुर में नक्सल-विरोधी अभियान में वीर जवानों की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की

 बीजापुर जिले में आज चल रहे नक्सल-विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। संयुक्त सर्च एवं कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। क्षेत्र में अभी भी सर्च अभियान सतत जारी है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए डीआरजी बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक-संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुठभेड़ में घायल दो अन्य जवान खतरे से बाहर हैं और उनके समुचित उपचार की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। उन्होंने दोनों जवानों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद के विरुद्ध यह निर्णायक सफलता यह स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। उन्होंने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार और सुरक्षाबल “माओवाद के पूर्ण खात्मे” के संकल्प पर पूरी मजबूती से अडिग हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँच जाता, तब तक यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफल कार्रवाई में शामिल सभी सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
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साइबर धोखाधड़ी से बचाव में जिला अर्थशाला ने दर्ज की उल्लेखनीय सफलता

 साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी की घटनाएँ तेजी से बढ रही है। इस प्रकार की धोखाधडी से बचाव के लिए बलौदाबाजार -भाटापारा की पहल पर जिला-स्तरीय अर्थशाला(फाइनेंस लैब)। यह फाइनेंस लैब आम नागरिकों को साइबर खतरों से बचाव, आधुनिक वित्तीय प्रणाली, सुरक्षित लेनदेन के तरीके, डिजिटल बैंकिंग के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। जिला फाइनेंस लैब पण्डित चक्रपाणि शुक्ल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलौदाबाजार में 2 नवम्बर 2025 से संचालित है। 


730 युवा फाइनेंस लैब से जुड़े 

             वर्तमान समय में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।  आम नागरिकों को इन खतरों से बचाने और उन्हें वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर बलौदाबाजार -भाटापारा की पहल पर एक महीने से भी कम समय में लगभग 730 युवा इस  फाइनेंस लैब से जुड़ चुके हैं, जो इसकी सफलता को परिलक्षित करता है। इस लैब के माध्यम से वित्तीय अवधारणाओं को समझने और सुरक्षित एवं जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार विकसित करने के प्रति युवाओं में  रुचि बढ़ी है।

फाइनेंस लैब की मुख्य उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक वित्तीय शिक्षा से है जोड़ना 

             फाइनेंस लैब का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को व्यावहारिक वित्तीय शिक्षा से जोड़ना है। आज के समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है- वित्तीय साक्षरता और व्यावहारिक समझ भी उतनी ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ फाइनेंस लैब को इस प्रकार तैयार किया गया है कि छात्र, युवा और जिले के नागरिक खेलों, गतिविधियों और नवाचार आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वित्तीय अवधारणाओं को आसानी से सीख सकें।

वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और सीख सकते हैं आर्थिक नियोजन 

            फाइनेंस लैब की अवधरणा- यह एक ऐसा समर्पित स्थान या प्लेटफॉर्म है जो छात्रों, निवेशकों या आम जनता को वास्तविक जीवन के वित्तीय परिदृश्यों  और उपकरणों  के साथ अभ्यास करने का अवसर देता है।यह बजट बनाने, बचत करने, बीमा लेने और निवेश करने के बारे में सूचित  और विचारशील निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ावा देता है।​ वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और आर्थिक नियोजन जैसे जीवन-भर काम आने वाले कौशल सीख सकते  हैं। फाइनेंस लैब में बिजनेस और स्टार्ट अप में रुचि लेने वाले विद्यार्थियों के मार्गदर्शन  के लिए लक्ष्य क़क्ष, आकांक्षा क़क्ष ,उड़ान क़क्ष इत्यादि निर्मित है जहाँ हर ज़रूरी पहलू पर युवाओं का मार्गदर्शन किया जाएगा।यहाँ ग्रुप एक्टिविटीज के माध्यम से ऑक्शन प्रक्रिया की भी जानकारी मिलेगी। ग्रामीण अंचल के युवाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करने के लिए काफ़ी फायदेमंद है ।

तकनीक एवं सुरक्षित वित्तीय सेवाओं से जुड़ने का अवसर

            फाइनेंस लैब के लाभ-नागरिक सही वित्तीय और डिजिटल लेनदेन के तरीके सीख सकेंगे। साइबर फ्रॉड, फ़िशिंग, एटीएम स्कैम और फर्जी निवेश जैसे जाल से बचाव में मदद मिलेगी। लोग सही निवेश और वित्तीय प्रबंधन सीख सकेंगे। वित्तीय साक्षरता से ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों को मजबूती मिलेगी। युवाओं को नई तकनीक एवं सुरक्षित वित्तीय सेवाओं से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। बलौदाबाजार की यह पहल पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी।
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“हिड़मा के आतंक का अंत, बस्तर में लौट रहा शांति का वसंत” — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों द्वारा संचालित सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर एवं सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए कहा है कि “यह घटना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक उपलब्धि है।" 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों के सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर और सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों का न्यूट्रलाइज होना नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई में एक निर्णायक उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सुरक्षाबल के जवानों के अदम्य साहस को नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिड़मा वर्षों से बस्तर में रक्तपात, हिंसा और दहशत का चेहरा था। आज उसका अंत न सिर्फ एक ऑपरेशन की उपलब्धि है, बल्कि लाल आतंक पर गहरी चोट है, साथ ही यह क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स बताते हैं कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हमारी सुशासन सरकार बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा बहा रही है।नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति, नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना, इन कदमों ने जनविश्वास को मजबूत किया है और बस्तर के हर गांव में नया आत्मविश्वास भरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र–राज्य की संयुक्त रणनीति के साथ मार्च 2026 तक भारत पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा।
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2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।
यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।

निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज

भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।
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डबल इंजन की सरकार में ड्रग्स कैसे पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ पहुंच रहा- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार सीमा पार से होने वाली नशीली वस्तुओं की तस्करी रोकने में नकारा साबित हो गई है। अडानी के मुद्रा पोर्ट में हजारों करोड़ों रुपए का ड्रग्स पकड़ा गया किसी भी प्रकार से कानूनी कार्यवाही नहीं की गई। सीमा पार से आतंकवादी विदेशी हथियार, नशीली वस्तुएं, घुसपैठ हो रहा है इसकी जिम्मेदारी किसके ऊपर है, केंद्र सरकार के नाकामी के चलते पूरे देश में नशा का कारोबार फल-फूल रहा है, छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के 21 महीने के कार्यकाल में प्रदेश में ड्रग्स, अफीम, गांजा, हीरोइन, नकली शराब, अवैध शराब बिना रोक-टोक के गली-गली में बिक रहा है, हर चौक चौराहा में नशीली वस्तु बेचने वालों का गैंग है, जिसके चलते प्रदेश में आपराधिक घटनाएं भी बड़ी है। प्रदेश में नशेड़ियों का जमवाड़ा हो गया है। सूर्यास्त होने के बाद जिस प्रकार से नशाखोरी हो रहा है, हर वर्ग नशा की ओर आकर्षित हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है। ये सरकार की असफलता है। यह बेहद चिंता का विषय है सरकार इसे रोकने सख्त कदम उठाए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ अपराध और नशाखोरी का गढ़ बन गया है। प्रदेश में रोज- रोज हो रही आपराधिक घटनाएं, हत्या, बलात्कार, चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ती, नशे का व्यापार प्रदेश की खास्ताहाल हो चुकी कानून व्यवस्था का उदाहरण है। राज्य की राजधानी में औसतन रोज एक से दो हत्याएं हो रही है। प्रदेश का कोई शहर नहीं बचा है, जहां हत्या, बलात्कार, चाकूबाजी की घटनाएं रोज न हो रही हो।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार दावा करती है कि उसने राज्य में पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स की सप्लाई चैन को तोड़ दिया है। देश में 11 साल से मोदी की सरकार है, राज्य में पौने दो साल से भाजपा की सरकार है। भाजपा बताये कि देश की सीमा से पार होकर भारत के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ में ड्रग्स कैसे पहुंच रहा था? केंद्र सरकार सीमा को सुरक्षित नहीं रख पा रही है, तभी तो स्मग्लर सीमा पार से ड्रग्स छत्तीसगढ़ पहुंचा रहे थे। सरकार बताये सीमा पार से आने वाला ड्रग्स छत्तीसगढ़ की सीमा में कैसे पहुंच रहा था, क्योंकि राज्य सरकार की नाकामी नहीं है?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज समाप्त हो गया है। गृह मंत्री केवल बयानबाजी करने के लिए ही उनसे गृह विभाग नहीं संभल रहा है। पुलिस विभाग अवैध वसूली का गिरोह बन चुका है। उसे आम आदमी की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है। सरकार पुलिस को उसका मूलकाम करवाना छोड़ विरोधियों के खिलाफ षड़यंत्र में लगा रखी है।
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आज हम पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन – मुख्यमंत्री श्री साय

आज हम छत्तीसगढ़वासी अपने पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन है। वे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित अवंती विहार चौक पर आयोजित माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनका पुण्य स्मरण किया। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सभी लोग उनके भाषण के कायल होते थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने 25 सप्ताह तक चलने वाले छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के ‘रजत महोत्सव’ का शुभारंभ किया है। आज यदि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो यह अटल जी की ही देन है। इस 25 सप्ताह में सभी विभागों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह वर्ष अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। हमने उनकी स्मृति में इस वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ घोषित किया है, जिसके तहत अधोसंरचना विकास में तेजी लाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, उन उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए हमारा राज्य तेजी से तरक्की की राह पर बढ़ रहा है। इन 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने अगले 25 वर्षों में विकसित राज्य बनने की न केवल संकल्पना की है, बल्कि इसे पूरा करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ रोडमैप भी तैयार किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि जब श्री अटल जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय मैं सांसद के रूप में निर्वाचित हुआ। मैंने संसद में अटल जी के व्याख्यान सुने हैं। लोकसभा में उनके संबोधन का हम सब इंतजार करते थे। उनका चुटीला अंदाज, बेबाकी और अपनी बात रखने की कला सबका मन मोह लेती थी। जब छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संबंधी बिल संसद में प्रस्तुत हुआ, उस चर्चा को भी मुझे श्रोता के रूप में सुनने का अवसर मिला। उस समय हमारे राज्य से राज्यसभा सांसद स्वर्गीय लखी राम अग्रवाल एवं स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने भी अपनी बात संसद में रखी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने हमें सिखाया कि सिद्धांतों पर हमेशा दृढ़ रहना चाहिए। वे सिद्धांत एवं मूल्यों की राजनीति को ही महत्व देते थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि संवाद, सहमति और संवेदना की कला भी है। उनकी वाणी आज भी हमारी धड़कनों में गूंजती है। 

कार्यक्रम को विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। 

इस अवसर पर श्री किशोर महानंद, श्री जयंती पटेल, अवंती विहार व्यापारी संघ के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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केन्द्रीय जेल रायपुर में श्री शोएब ढेबर को 3 माह के लिए सभी प्रकार के मुलाकात से किया गया प्रतिबंधित

 केन्द्रीय जेल रायपुर से श्री शोएब ढेबर पिता श्री अनवर ढेबर को सभी प्रकार के मुलाकात से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। श्री शोएब ढेबर द्वारा जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, इस आधार पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।


जेल अधीक्षक रायपुर द्वारा जारी आदेश अनुसार श्री शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक श्री एम.एन. प्रधान द्वारा की गई, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि श्री शोएब ढेबर द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना सत्य है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक द्वारा आदेश जारी करते हुए श्री शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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उप अभियंता भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी पकड़ी गई, एफआईआर दर्ज

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के अंतर्गत परीक्षा केन्द्र क्र. 1309 - शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) में एक गंभीर नकल प्रकरण प्रकाश में आया।  कक्ष क्रमांक 07 में परीक्षार्थी रोल नंबर 13091014 - कु. अन्नु सूर्या, पिता - कलेश्वर राम द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा कक्ष में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त परीक्षार्थी के अंतःवस्त्र में हिडन कैमरा व कान से माइक्रो स्पीकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर रखे गए पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त किया गया।


परीक्षा केन्द्र परिसर के बाहर नकल में सहायता करने हेतु उपस्थित कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल करने का प्रयास था।

प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ऐसी घटनाओं पर "जीरो टॉलरेंस नीति" अपनाई गई है। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा - ‘बंदूक की गोली नहीं, अब विकास की बोली गूंज रही है’

छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में बदलाव की बयार बह रही है। बस्तर बदल रहा है, बंदूकें थम रही हैं और लोकतंत्र की लौ अब हर कोने में जल रही है। इसी परिवर्तनशील वातावरण में आज सुकमा जिले में ₹1.18 करोड़ के इनामी 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हें  मिलाकर पिछले 24 घंटों में कुल 45 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास जताया है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अभूतपूर्व घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं है, बल्कि विश्वास की उस जीत का प्रतीक है, जो हमारी सरकार ने 'नियद नेल्ला नार' जैसी जनउन्मुख योजनाओं के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया है। अब यहां बंदूक की गोली नहीं, विकास की बोली सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 1521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की पहुंच और विश्वास निरंतर बढ़ा है। यह सफलता राज्य सरकार की ‘नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ की सकारात्मकता को भी दर्शाती है, जिसके तहत हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को न केवल सामाजिक सम्मान, बल्कि पुनर्वास और आजीविका का अवसर भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में चल रहे सुशासन के विजन का सजीव उदाहरण है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा प्रदेश तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।
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रेत के अवैध परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई, चार दिनों में 14 वाहन जब्त

धमतरी जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामले में जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान संचालित कर इस काम में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग द्वारा पिछले चार दिनों में 6 हाईवा, दो जेसीबी मशीन और 6 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं।

खनिज अधिकारी ने बताया कि नगरी तहसील के घटुला क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए एक महिंद्रा ट्रैक्टर जब्त कर सिहावा थाने में रखा गया है। वहीं, मगरलोड के ग्राम मेघा में पेट्रोल पंप के पास अवैध रेत भंडारण में उपयोग की जा रही एक जेसीबी मशीन और एक हाईवा को भी जब्त कर कुरूद मंडी परिसर में अभिरक्षा में रखा गया है।

 
 

इसी तरह, लीलर और कोलियारी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन में लिप्त 5 ट्रैक्टरों पर भी कार्रवाई की गई। लीलर गांव में रेत के अवैध भंडारण में संलग्न एक चैन माउंटेड जेसीबी मशीन को जब्त कर कलेक्टोरेट परिसर में रखा गया है। इसके अलावा, धमतरी तहसील के दोनर गांव में रेत का अवैध परिवहन करते हुए चार हाईवा जब्त किए गए हैं, जबकि सिहावा चौक के पास अवैध मुरूम परिवहन करते हुए एक हाईवा पर भी कार्रवाई की गई है। खनिज अधिकारी श्री भारद्वाज ने बताया कि सभी जब्त वाहनों पर खान एवं खनिज अधिनियम तथा गौण खनिज नियमों के तहत अर्थदंड वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

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देवर ने भाभी को उतारा मौत के घाट

  सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा में एक एक व्यक्ति ने अपनी विधवा भाभी की गला घोंटकर हत्या कर दी और फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। ग्राम खैरा निवासी राजकुमारी बर्मन (38) मजदूरी कर अपने दो बच्चों का भरण-पोषण कर रही थी।

पति की मृत्यु के बाद वह अपने मायके में रह रही थी। 7 मार्च को दोपहर में, जब उसके दोनों बच्चे स्कूल गए थे, तभी उसका देवर संजय बृजवासी, जो चकरभाठा थाना क्षेत्र के तेलसरा का निवासी है, घर आया।

दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिससे गुस्से में आकर संजय ने राजकुमारी को कमरे में पटककर गमछे से उसका गला घोंट दिया और फरार हो गया।

हत्या करने के करीब आधे घंटे बाद आरोपी संजय ने अपनी बड़ी मां की बेटी को फोन कर खुद ही जानकारी दी और खुदकुशी करने की बात कहकर मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद उसकी बहन ने परिवार को सूचना दी। परिजनों ने जब घर पहुंचकर देखा तो राजकुमारी मृत अवस्था में पड़ी थी।

परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपी संजय का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है।

 

 

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भाजपा सांसद भोजराज नाग के काफिले ने बाइक सवारों को कुचला 3 युवकों की मौत...

भाजपा सांसद भोजराज नाग के काफिले ने बाइक सवारों को कुचल दिया है। घटना के बाद आनन-फानन में एम्बुलेंस से तीनों ही को घायलों को अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक परीक्षण के उपरान्त दो को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं तीसरे युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। यह सभी मृतक एक ही गांव, पोंडगांव के रहने वाले थे। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है।

कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक हादसा सोमवार रात हुआ, जब भाजपा सांसद भोजराज नाग भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अंतागढ़ थाना क्षेत्र के पोडगांव के पास उनके काफिले के फॉलो वाहन ने एक बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इलाज के दौरान तीसरे युवक ने तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अंतागढ़ अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान तीसरे घायल युवक ने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान गिरधारी समरथ, कुलेश्वर समरथ और तामेश्वर देहारी के रूप में हुई है।

गांव में आक्रोश, प्रशासन अलर्ट
तीन युवकों की मौत से गांव में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

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मेला में दो पक्षों के बीच मारपीट: 1 युवक की मौत, एक घायल...

 जिले के शिवरीनारायण मेला में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इसके बाद चाकू से हमला कर एक युवक हत्या कर दी। वहीं एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने संदेहियों युवकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

दरअसल, बुधवार की देर रात शिवरीनारायण मेला में आपस में टकरा जाने की बात को लेकर दो पक्षों की बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि, दर्जनभर से अधिक युवकों ने आपस में मारपीट शुरू कर दी और चाकू से हमला कर दिया। इस हादसे में युवक की मौत हो गई। वहीं एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भेजा गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस संदेहियों युवकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

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तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी फरार

 पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को पकड़ने के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, कुछ श्रमिकों ने बच्ची को गाजीपुर फार्म रोड पर राम वाटिका के पास सुनसान इलाके में पाया। फरीदाबाद में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद उसे सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया।

पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बच्ची सोमवार शाम कुछ श्रमिकों को मिली और उसके निजी अंग तथा चेहरे पर गहरी चोट थी। पुलिस के मुताबिक, बच्ची को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को पकड़ने के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, कुछ श्रमिकों ने बच्ची को गाजीपुर फार्म रोड पर राम वाटिका के पास सुनसान इलाके में पाया।

 

 

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