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सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का  महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का अभिनव प्रयास है भजन क्लबिंग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित माधवास रॉक बैंड के ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भजन क्लबिंग युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का एक अभिनव और सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और युवाओं के कंधों पर ही देश एवं प्रदेश का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


प्रसिद्ध भजन बैंड माधवास रॉक बैंड की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया। राधा-कृष्णमय माहौल में मुख्यमंत्री श्री साय ने भी भक्तों के साथ फूलों की होली खेली। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक चेतना मंच द्वारा किया गया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें अपनी जड़ों और प्राचीन परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अध्यात्म से जुड़ते हैं तो उनमें सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक सशक्त होती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक अन्नदाता किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बिल्हा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में राशि पहुंचने से उनके परिवारजन हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकेंगे।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री अजय जामवाल, श्री आलोक डंगस, सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष श्री उज्ज्वल दीपक सहित अन्य पदाधिकारी, इस्कॉन रायपुर से स्वामी सुलोचन प्रभुजी, स्वामी तमाल कृष्ण प्रभुजी, स्वामी निखिलापति प्रभुजी, स्वामी रघुपति दास तथा बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।
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माँ का आशीर्वाद और अपार जनस्नेह : बगिया में आत्मीयता के साथ मनामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जन्मदिन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का 62वाँ जन्मदिवस उनके गृहग्राम बगिया में अत्यंत उत्साह, आत्मीयता और पारिवारिक स्नेह के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गृहग्राम बगिया स्थित अपने घर पहुंचते ही सबसे पहले अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।


मुख्यमंत्री श्री साय के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी के स्नेह, शुभकामनाओं और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनस्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने अपने जन्मदिवस को विशेष और यादगार बनाने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस विशेष अवसर पर बगिया स्थित श्री राम सदन में सत्यनारायण व्रत कथा श्रवण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उनकी माताजी श्रीमती जसमनी देवी, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ व्रत कथा का श्रवण किया तथा ईश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आगमन से पूर्व ही उनके गृहग्राम बगिया स्थित गृहनिवास में उनसे मिलने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों में मुख्यमंत्री से भेंट करने और उन्हें शुभकामनाएं देने को लेकर विशेष उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली।

क्रिकेट में जिले का नाम रोशन कर चुकी छात्राओं को मुख्यमंत्री ने प्रदान की क्रिकेट किट

क्रिकेट की दुनिया में जिले का नाम रोशन करने वाली शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, इचकेला की प्रतिभाशाली छात्राओं को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रोत्साहित करते हुए 15 क्रिकेट किट प्रदान किया। छात्रावास की इन छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले को गौरवान्वित किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप इसी लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ती रहें तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रोशन करें।

पारंपरिक परिधान में आए पहाड़ी कोरवा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को दी जन्मदिवस की बधाई

बगीचा से आए विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पहाड़ी कोरवा समाज के सदस्य अपने पारम्परिक वेशभूषा एवं तीर-धनुष के साथ उपस्थित हुए, जिससे उनकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनके क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। इस पर पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में उनके क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य संचालित हो रहे हैं तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और उनके क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत सदस्य श्री कृष्ण कुमार राय सहित जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, पंचायत प्रतिनिधि, नगरीय निकायों के प्रतिनिधिगण,  जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह तथा अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
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62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना करते हुए कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व एवं जीवन देता है राष्ट्र प्रेम की सीख- उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

छत्रपति शिवाजी की 396 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। यह प्रतिमा कवर्धा शहर में छत्रपति शिवाजी चौक पर स्थापित की गई है। प्रतिमा के पार्श्व में किले की दीवार और आजू बाजू में तोपों की प्रतिकृति बनाई गई है। जो पूरे प्रतिमा को भव्यता प्रदान कर रही है। 

      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा यह कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन है जब अदम्य वीरता और साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा उनके जन्म जयंती के अवसर पर यहां स्थापित की जा रही है। छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व हमारे समाज और युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक और प्रेरणादायी रहा है कि कैसे उन्होंने मुगल आतंक को चुनौती दी और अपनी वीरता से एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, जो आगे चलकर विदेशी ताकतों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बना। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को प्रेरणास्त्रोत के रूप में राष्ट्र प्रेम की सीख देगा। 
        प्रदेश में लाल आतंक के खात्मे पर उन्होंने कहा कि हम सशस्त्र नक्सलिज्म को खत्म करने का कार्य कर रहे हैं। आज हम बस्तर से लाल आतंक के समूल नाश करने में निर्णायक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया था जिसे पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।
     कवर्धा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा को भी शामिल किया गया है, यहां के सरोवर और मेला स्थल को भी संवारा जाएगा। इसी प्रकार बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं नदी तट को संवारने का काम किया जाएगा। यहां कांवड़िया सदन का निर्माण भी होने जा रहा है।
      विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर  ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने देश को एकजुट कर भारत को भारत बनाने में अपने प्राण न्यौछावर किया। उनका व्यक्तित्व आज इतने वर्षों बाद भी उतना ही प्रेरणादायी व अनुकरणीय है। उन्होंने पूरे समाज और पूरे देश को एक किया है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना शहर को न केवल भव्यता दे रहा है बल्कि युवाओं को हमारे अमर बलिदानी के योगदान की हमेशा याद दिलाएगा। 
      नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी का समूचा व्यक्तित्व और पूरा जीवन वीरता, शौर्य और साहस का प्रतीक है, उनकी स्मृति में छत्रपति शिवाजी के नाम से बने इस चौक में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का भी प्रतिमा निर्माण करवाने हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य श्री भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री उमंग पाण्डेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी, श्री मनहरण कौशिक, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, अध्यक्ष श्री सतीष चंद्रवंशी, श्रीमती विजय लक्षमी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, समस्त पार्षदगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


           मुख्यमंत्री श्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।
            कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्री मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
                 गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए
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सुदूर अंचलों के श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या धाम का सौभाग्य, मुख्यमंत्री ने कहा — यही जनसेवा की प्रेरणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान झुमका जलाशय परिसर में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या धाम की पावन यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का हाल-चाल जाना और उनके आध्यात्मिक एवं भक्तिमय अनुभवों को बड़े ध्यानपूर्वक सुना। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से उन्हें निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सम्मानपूर्वक यात्रा की समुचित व्यवस्था किए जाने से यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सहज और अविस्मरणीय बन गई। 


श्रद्धालुओं ने बताया कि अपने सुदूर गांवों से अयोध्या तक पहुँचना उनके लिए पहले कठिन था, किंतु सरकार की पहल ने इसे संभव कर दिया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को ‘हमारे राम’  तैलचित्र भेंट कर आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा हैं और प्रदेशवासियों को उनके दर्शन कराना शासन के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही जनसेवा की वास्तविक संतुष्टि है, और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।
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आस्था, संस्कृति और रामकथा से आलोकित हुआ राजिम कुंभ कल्प 2026

छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में  सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले श्री अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा।


इस अवसर पर श्री अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी।

उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
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नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में श्री रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है।

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, श्री कृष्णा राय, श्री पवन साय, श्री भरत सिंह, श्री अरविन्द प्रसाद साय, श्री कपिल देव साय, सरगुजा आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सशक्त माध्यम-मंत्री श्री केदार कश्यप

नारायणपुर में आयोजित ऐतिहासिक माता मावली मेले में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता मावली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों, विशेषकर जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं।

     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मावली माता के आशीर्वाद से बस्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराएं सदैव अक्षुण्ण रहें। उन्होंने कहा कि नारायणपुर का यह मेला सामाजिक समरसता, लोककला और परंपरा का जीवंत संगम है, जहां दूर-दूर से लोग पहुंचकर बस्तर की संस्कृति से रूबरू होते हैं। उन्होंने सभी को मेले में शामिल होकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का आग्रह किया।
       मंत्री द्वय ने मेले में लगे विभिन्न दुकानों एवं विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्थानीय उत्पादों और पूजा सामग्री की खरीदारी भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
      इस अवसर पर कुल 1 करोड़ 76 लाख 59 हजार रुपये के कार्यों का भूमिपूजन तथा 59 लाख 51 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 10 प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया, जिनकी स्वीकृत राशि 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रुपये है। इसके अलावा जनपद पंचायत ओरछा के ग्राम कुतुल एवं जाटलूर में दो-दो बाजार शेड निर्माण के लिए 34 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए।
      जनपद पंचायत नारायणपुर अंतर्गत बागडोंगरी, पालकी और महिमागवाड़ी में 59 लाख 51 हजार रुपये की लागत से निर्मित खाद्यान्न भवनों का लोकार्पण किया गया। साथ ही नेलवाड़ और खोड़गांव में 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों का भी लोकार्पण किया गया।
        कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित
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कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख  रूपये करने की घोषणा की।


         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब ​मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। 

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। 

         समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। 

        इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।
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मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।
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महर्षि महेश योगी के आध्यात्मिक योगदान को मुख्यमंत्री श्री साय ने किया नमन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महर्षि महेश योगी की जयंती (12 जनवरी) के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक एवं योगाचार्य थे, जिन्होंने भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) के माध्यम से भारत की प्राचीन वैदिक चेतना को वैश्विक पहचान दिलाई।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि राजिम के समीप पांडुका ग्राम में जन्मे महर्षि महेश योगी ने भारतीय अध्यात्म को आधुनिक विज्ञान और वैश्विक संवाद से जोड़ते हुए मानव कल्याण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। उनका संपूर्ण जीवन साधना, अनुशासन और मानवता की सेवा को समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि महेश योगी का यह संदेश कि  मनुष्य के भीतर असीम ऊर्जा, ज्ञान एवं संभावनाएँ निहित हैं, आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक युग में अत्यंत प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाएँ आत्मबोध, मानसिक शांति और संतुलित जीवनशैली के लिए समाज को निरंतर प्रेरित करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महर्षि महेश योगी द्वारा स्थापित संस्थाएँ, वैदिक विश्वविद्यालय, ध्यान केंद्र और आयुर्वेदिक परंपराएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनके विचारों से प्रेरित होकर विश्वभर में लाखों लोग मानवता, शांति और समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महर्षि महेश योगी की दिव्य शिक्षाएँ आने वाली पीढ़ियों को आत्मविकास, आंतरिक शांति और वैश्विक सद्भाव के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दामाखेड़ा में संत समागम मेले की तैयारियों की समीक्षा की

 कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा मे 23 जनवरी 2026 से शुरू हो रहे संत समागम समारोह (माघ मेला) की तैयारी हेतु उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पंथ श्री प्रकाशमुनि नाम साहब की अध्यक्षता में शुक्रवार को सद्गुरु कबीर धर्मदास साहब वंशावली प्रतिनिधि सभा प्रांगण में बैठक सम्पन्न हुआ। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संत समागम समारोह की भव्यता को दृष्टिगत रखते हुए सुविधा, व्यवस्था एवं सुरक्षा की चाक - चौबंद इंतजाम हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

        पंथ श्री प्रकाशमुनि नाम साहब ने बताया कि संत समागम समारोह (माघ मेला) 23 जनवरी से माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा। इस वर्ष समारोह में 23 जनवरी को नवोदित वंशाचार्य उदितमुनि नाम साहब का चादर तिलक समरोह भी होगा, जिसमें अन्य प्रान्त एवं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस समारोह को प्रतिवर्ष जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिलता है इस वर्ष भी सभी का सहयोग प्राप्त होगा और सफलता पूर्वक यह आयोजन सम्पन्न होगा।
       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस बार का आयोजन वृहद स्तर पर किया जाएगा। जिससे अधिक मानव संसाधन एवं व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि सभी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और समय पर सभी कार्य पूर्ण करें। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां से मधुर स्मृति अपने साथ लेकर जाएं। श्री शर्मा ने जिला प्रशासन द्वारा अब तक की गई तैयारियों से संतुष्टि जाहिर करते हुए किसी प्रकार की कमी की कोई गुंजाईश न रखने के निर्देश दिये।
        बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी अपने सुझाव साझा किये। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, डीएफओ गणवीर धम्मशील, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल, एसडीएम अतुल शेट्टे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनेगा सिरकट्टी धाम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के सिरकट्टी धाम आश्रम स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा मंदिर के सर्वोच्च शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की। उन्होंने आश्रम को सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए आश्रम परिसर में समरसता भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद पूरे देश में जो आध्यात्मिक चेतना का वातावरण निर्मित हुआ है, उसी की अखंड धारा का विस्तार आज सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा स्थापना के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों, साधु-संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की पवित्र भूमि है। हमें धर्म को केवल आस्था के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया। दंडकारण्य के रूप में विख्यात अबूझमाड़ का विशाल जंगल कभी नक्सल समस्या से प्रभावित क्षेत्र था, जो आज तेजी से नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 39 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की निशुल्क तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत भी अब तक पांच हजार से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पांच शक्तिपीठों के विकास का कार्य भी निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है तथा रतनपुर के विकास के लिए भी प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजिम कल्प-कुंभ का आयोजन भी इस बार भव्य स्वरूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामजानकी मंदिर का भव्य स्वरूप जनसहभागिता का अनुपम उदाहरण है। लगभग 22 हजार परिवारों के सहयोग से लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर बीते 10 वर्षों की तपस्या का परिणाम है। राजस्थान के शिल्पियों द्वारा पारंपरिक शैली में बिना सीमेंट और छड़ के उपयोग के निर्मित इस मंदिर की आयु लगभग एक हजार वर्ष आंकी गई है। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने धर्मध्वजा रोहण को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल परंपरागत ध्वजारोहण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में धर्म, अध्यात्म और सामाजिक समरसता की स्थापना का प्रतीक है। 

केबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हम सभी के लिए सिरकट्टी धाम में धर्मध्वजा की स्थापना देखना अलौकिक अनुभव है। कार्यक्रम में सिरकट्टी आश्रम के महामंडलेश्वर महंत संत गोवर्धन शरण व्यास ने स्वागत उद्बोधन में सिरकट्टी आश्रम की स्थापना और महत्व पर जानकारी दी। 

इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री रोहित साहू, दीपेश साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, अनेक जनप्रतिनिधि, देश के विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
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उपमुख्यमंत्री घड़ी चौक रायपुर में आयोजित माता शाकम्बरी की जयंती समारोह में हुए शामिल

माता शाकम्बरी जयंती के अवसर पर सोमवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा रायपुर के घड़ी चौक में आयोजित जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की और पटेल समाज के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उन्होंने लोगों को सब्जियों का निःशुल्क वितरण भी किया।

      उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज एक उद्यमी, संगठित और सुव्यवस्थित समाज है। अपने श्रम और उद्यम के आधार पर उनकी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि समाज के श्रम को बाड़ी में उत्पादन से लेकर देश के बड़े बड़े बाजारों तक उनके उत्पादों को पहुंचा कर उचित प्रतिफल दिलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा शाकम्बरी बोर्ड का गठन किया गया था। जिसका बहुत अच्छा परिणाम हमें प्राप्त हुआ है।
          उन्होंने कहा कि मरार पटेल समाज में सहकारिता की भावना हर व्यक्ति में विद्यमान है। जन जन और हर मन में स्वाभाविकता से बसे इस सहकारिता के भाव के साथ हमें आगे बढ़ना है और समाज एवं प्रदेश के विकास के लिए कार्य करना है। 
     उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता की कृपा से सभी के घरों में धन-धान्य की वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहाते रहें, सभी नागरिक स्वस्थ और सुखी रहें तथा राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर गांव, गरीब, किसान और श्रमिक के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।
     इस अवसर पर राज्य मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री राम कुमार पटेल, श्री अशोक पटेल, श्री परदेशी पटेल, श्री केके पाटिल, श्री ब्रम्हदेव पटेल, श्री राजेन्द्र पटेल, श्री मोतीराम पटेल, श्री प्रमोद पटेल, श्री बाकीराम पटेल, श्री ईश्वर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
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माता शाकम्बरी की कृपा से समाज समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो रहा- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

माता शाकम्बरी जयंती के पावन एवं पुण्य अवसर पर शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के ग्राम मैनपुरी, बीरुटोला, अमलीडीह, बरपेला टोला, सोहागपुर एवं घुघरीखुर्द ग्रामों में आयोजित जयंती समारोहों में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सोहागपुर ग्राम में किचन शेड का विधिवत लोकार्पण भी किया। 

      उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाजजनों को संबोधित करते हुए माता शाकम्बरी के आदर्शों, सामाजिक समरसता, परिश्रम और सहकारिता की भावना पर प्रकाश डाला तथा कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में बांधने के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। इस दौरान उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।
     उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पटेल समाज सदैव से परिश्रमी, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी समाज रहा है। माता शाकम्बरी की कृपा से यह समाज धन-धान्य से सम्पन्न रहा है और उसने हमेशा मिल-जुलकर कार्य करने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। मरार-पटेल समाज के भाव में सहकारिता निहित है, जिसके बल पर समाज और सरकार मिलकर विकास के अनेक कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकते हैं।
    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल समाज अपने उद्यम, श्रम और पुरुषार्थ से न केवल स्वयं आगे बढ़ा है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के पोषण और सहयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। आज आवश्यकता है कि अन्य समाज भी पटेल समाज के परिश्रम, अनुशासन और सामूहिकता से सीख लें।
     उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता की कृपा से सभी के घरों में धन-धान्य की वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहाते रहें, सभी नागरिक स्वस्थ और सुखी रहें तथा क्षेत्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर गांव, गरीब, किसान और श्रमिक के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।
     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विभिन्न ग्रामों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए, इसके लिए सभी को मिलकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
     इस अवसर पर जिला भोयरा मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री संतोष पटेल, श्री परदेशी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री विजय पटेल, बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्री राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, लोहारा अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा, श्री संतोष पटेल, श्री कांतिराम पटेल, श्री भगत पटेल, ललिता सुखदास पटेल, श्री भीम सिंह पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राम कुमार भट्ट, श्री तीरथ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान आज बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के पावन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मां  दंतेश्वरी के चरणों में नमन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामनाएँ कीं।


इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी,  संस्कृति सचिव श्री रोहित यादव, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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