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छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी थे।


मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि AIIA की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और शोध सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

श्री साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति देगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राज्य में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से की चर्चा

 केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। 


              स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए। 

              श्री नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।
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मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं भगवान महावीर के विचार : लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला

 लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

श्री बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

कार्यक्रम में सकल जैन श्रीसंघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री विजय बघेल, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्री महेश कश्यप, विधायक श्री राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।
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युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना राज्य की सर्वाेच्च प्राथमिकता : राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा

छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि राज्य के सामने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में ग्रामीण युवाओं की बेरोजगारी, मोबाइल एडिक्शन, ड्रग्स की बढ़ती लत, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ती आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल रोजगार सृजन और कौशल विकास के माध्यम से ही संभव है।


छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग नवा रायपुर में में आयोजित एसएसएम पीआईयू एवं एम एंड ई यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि आज गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो खेती-किसानी से जुड़ना नहीं चाहते, लेकिन उनके पास रोजगार के पर्याप्त अवसर भी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का लक्ष्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

उपाध्यक्ष श्री जी एस मिश्रा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की अब तक की सबसे बड़ी टीम छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही है और अगले छह महीनों में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यूएनडीपी के विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि ग्रामीण युवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्लंबर, गार्डनर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, टी.वी. मैकेनिक, मोबाईल रिपेयरिंग तथा अन्य रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए व्यापक परियोजना तैयार की जाए।

श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को केवल कौशल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा जिससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को तत्काल रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके लिए उद्योगों, निजी संस्थानों और सिविल सोसायटी संगठनों के सहयोग से प्रत्येक जिले में विशेष रोजगार आयोजन किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, सामाजिक चुनौतियों पर नियंत्रण मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। 

उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास, उद्योगों की सहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश में युवा सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा।
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छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाना हमारा लक्ष्य : राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा

 छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल योजनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सटीक आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति से संभव होगा।


नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित स्टेट सपोर्ट मिशन (SSM), प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) एवं मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (M&E) यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ राज्य के दीर्घकालिक विकास का व्यापक रोडमैप है, जिसमें आर्थिक विकास, सुशासन, सामाजिक प्रगति, निवेश संवर्धन और मानव विकास से जुड़े स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और अंजोर विजन-2047 एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों का मूल उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को इन लक्ष्यों के अनुरूप क्रियान्वित करना होगा। इस दिशा में राज्य नीति आयोग के अंतर्गत गठित SSM, PIU एवं M&E इकाइयां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

श्री मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब राज्य का लक्ष्य केवल सूचकांकों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि उत्पादकता, औद्योगिक विकास, महिला श्रम भागीदारी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य नीति आयोग के साथ कार्य कर रही विशेषज्ञ टीमों को विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर KPI आधारित समीक्षा, नीति विश्लेषण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा साक्ष्य आधारित सुझावों के माध्यम से विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से नवाचार, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने का आह्वान किया।

उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और राज्य नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन-2047 के लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किए जा सकेंगे तथा छत्तीसगढ़ समावेशी, सतत और विकसित राज्य के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की बात कही गई थी। श्री मिश्रा ने कहा कि बस्तर संभाग राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ‘‘बस्तर अंजोर’’ पहल के तहत सात प्रमुख नवाचारों के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को मूर्त रूप दिया जाएगा। इससे बस्तर विकास, सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

इस दौरान राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री आशीष कुमार भट्ट, सदस्य डॉ के सुब्रह्मण्यम सहित यूएनडीपी के विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।

श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
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बिलासपुर-यलहंका(बेंगलुरु)–बिलासपुर के मध्य 05-05 फेरों के लिए चलेगी समर स्पेशल ट्रेन |

रेलवे प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बिलासपुर–यलहंका(बेंगलुरु)–बिलासपुर के मध्य यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये 05-05 फेरे के लिए समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है | गाड़ी संख्या 08261 बिलासपुर- यलहंका(बेंगलुरु)–समर स्पेशल ट्रेन बिलासपुर से प्रत्येक बुधवार को 03 जून 2026 से 01 जुलाई 2026 तक चलेगी | इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08262 यलहंका(बेंगलुरु)–बिलासपुर समर स्पेशल ट्रेन यलहंका से प्रत्येक गुरुवार को 04 जून 2026 से 02 जुलाई 2026 तक चलेगी | 


 कोच संरचना - 
   इस गाड़ी में 02 एसएलआरडी, 04 सामान्य, 10 स्लीपर, 04 एसी-III सहित कुल 20 कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।  

 गाड़ी का समय-सारिणी – 
????गाड़ी संख्या 08261 बिलासपुर-यलहंका(बेंगलुरु) समर स्पेशल ट्रेन 03 जून 2026 से 01 जुलाई 2026 तक प्रत्येक बुधवार को बिलासपुर से 14.00 बजे रवाना होगी तथा भाटापारा आगमन 14.40 बजे, प्रस्थान 14.42 बजे, रायपुर आगमन 15.35 बजे, प्रस्थान 15.40 बजे, दुर्ग आगमन 16.25 बजे, प्रस्थान 16.30 बजे, राजनादगाँव आगमन 16.49 बजे, प्रस्थान 16.51 बजे, डोंगरगढ़ आगमन 17.12 बजे, प्रस्थान 17.14 बजे, गोंदिया आगमन 18.15 बजे, प्रस्थान 18.25 बजे, वडसा आगमन 19.32 बजे, प्रस्थान 19.34 बजे, चांदाफोर्ट आगमन 21.18 बजे, प्रस्थान 21.20 बजे,  बल्लारशाह आगमन 22.05 बजे, प्रस्थान 22.15 बजे, सिरपुर कागजनगर आगमन 22.59 बजे, प्रस्थान 23.00 बजे, मंचिर्याल आगमन 23.54 बजे, प्रस्थान 23.55 बजे, दूसरे दिन काजीपेट आगमन 01.38 बजे, प्रस्थान 01.40 बजे, चर्लपल्ली आगमन 03.08 बजे, प्रस्थान 03.10 बजे, सिकंदराबाद आगमन 05.55 बजे, प्रस्थान 06.05 बजे, लिंगमपल्ली 06.18 बजे, प्रस्थान 06.20 बजे, विकाराबाद आगमन 07.03 बजे, प्रस्थान 07.05 बजे, तांडूर आगमन 07.43 बजे, प्रस्थान 07.45 बजे, यादगीर आगमन 09.13 बजे, प्रस्थान 09.15 बजे, कृष्णा जंक्शन आगमन 09.50 बजे, प्रस्थान 10.00 बजे, रायचूर आगमन 10.28 बजे, प्रस्थान 10.30 बजे, मंत्रालयम रोड आगमन 10.53 बजे, प्रस्थान 10.55 बजे, गुंटकल आगमन 12.25 बजे, प्रस्थान 12.35 बजे, गुत्ती आगमन 13.03 बजे, प्रस्थान 13.05 बजे, अनंतपुर आगमन 13.23 बजे, प्रस्थान 13.25 बजे, धर्मवरम आगमन 15.30 बजे, प्रस्थान 15.35 बजे, हिंदूपुर आगमन 16.38 बजे, प्रस्थान 16.40 बजे तथा 19.00 बजे यलहंका स्टेशन पहुंचेगी |  
???? इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08262 यलहंका(बेंगलुरु)-बिलासपुर समर स्पेशल ट्रेन 04 जून 2026 से 02 जुलाई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को यलहंका से 21.30 बजे रवाना होगी तथा हिंदूपुर आगमन 22.38 बजे, प्रस्थान 22.40 बजे, दूसरे दिन धर्मवरम आगमन 00.55 बजे, प्रस्थान 01.00 बजे, अनंतपुर आगमन 01.28 बजे, प्रस्थान 01.30 बजे, गुत्ती आगमन 02.18 बजे, प्रस्थान 02.20 बजे, गुंटकल आगमन 03.35 बजे, प्रस्थान 03.40 बजे, मंत्रालयम रोड आगमन 04.58 बजे, प्रस्थान 05.00 बजे, रायचूर आगमन 05.40 बजे, 05.42 बजे, कृष्णा जंक्शन आगमन 06.10 बजे , प्रस्थान 06.20 बजे, यादगीर आगमन 06.48 बजे, प्रस्थान 06.50 बजे, तांडूर आगमन 08.39 बजे, प्रस्थान 08.40 बजे, विकाराबाद आगमन 09.18 बजे, प्रस्थान 09.20 बजे, लिंगमपल्ली आगमन 10.03 बजे, प्रस्थान 10.05 बजे, सिकंदराबाद आगमन 10.55 बजे, प्रस्थान 11.05 बजे, चर्लपल्ली आगमन 11.33 बजे, प्रस्थान 11.35 बजे, काजीपेट आगमन 13.23 बजे, प्रस्थान 13.25 बजे, मंचिर्याल आगमन 14.48 बजे, प्रस्थान 14.50 बजे, सिरपुर कागजनगर आगमन 15.33 बजे, प्रस्थान 15.35 बजे, बल्लारशाह आगमन 17.35 बजे, प्रस्थान 17.45 बजे, चांदाफोर्ट आगमन 18.15 बजे, प्रस्थान 18.17 बजे, वडसा आगमन 19.48 बजे, प्रस्थान 19.50 बजे, गोंदिया आगमन 21.50 बजे, प्रस्थान 22.00 बजे, डोंगरगढ़ आगमन 22.58 बजे, प्रस्थान 23.00 बजे, राजनादगाँव आगमन 23.25 बजे, प्रस्थान 23.27 बजे, तीसरे दिन दुर्ग आगमन 00.20 बजे,  प्रस्थान 00.25 बजे, रायपुर आगमन 01.05 बजे, प्रस्थान 01.10 बजे, भाटापारा आगमन 02.05 बजे, प्रस्थान 02.07 बजे तथा 03.30 बजे बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी | 

यात्रियों से आग्रह है कि उक्त स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी और ठहराव संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर देखकर तदानुसार यात्रा प्रारम्भ करें |
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छत्तीसगढ़ को पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान

प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में छत्तीसगढ़ का चयन "माह का सौर अभियान – सर्वाधिक वेंडर पंजीयन" श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए किया गया है।


माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि"छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित 'मंथ ऑफ सोलर' अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। यह उपलब्धि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य के सतत प्रयासों तथा जनभागीदारी का परिणाम है।" 

 *प्रमुख सचिव (ऊर्जा) तथा पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ऩे इस उपलब्धि के लिये अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। 

यह सम्मान राज्य में सौर ऊर्जा अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक वेंडर पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किया जा रहा है। इस श्रेणी में एक महीने में छत्तीसगढ़ ने 86 वेंडर पंजीयन दर्ज कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इस तरह छत्तीसगढ़ में 1222 वेंडर पंजीकृत हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ ने महिला स्वसहायता समूहों को भी वेंडर बनाया है। 

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष सारंगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। पत्र में उन्हें 4 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम "प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के दो वर्ष : एक करोड़ सौर छतों की ओर बढ़ता भारत" में शामिल होने तथा राज्य की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर उपभोक्ताओं को सस्ती, स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बिजली बिल में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 1 जून 2026 की स्थिति में राज्य में 1 लाख 93 हजार 371 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 61 हजार 700 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 32 हजार 28 स्थापना कार्य प्रगति पर हैं।  16 हजार  उपभोक्ताओं के शून्य बिजली बिल का लाभ मिल चुका है।

योजना के तहत 45 हजार 978 हितग्राहियों को केंद्र शासन से 353.20 करोड़ रुपये तथा 40 हजार 910 हितग्राहियों को राज्य शासन से 122.62 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हो चुकी है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं।
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‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है। 


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा  गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।


मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में राज्यों की सक्रिय भूमिका और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
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मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया। 

             उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। 
         इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी-केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।


अजा परियोजना वैज्ञानिक पशुपालन और सशक्त बाजार लिंकेज

          मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।

पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान

          निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र,  के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।

घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर

       मंत्री श्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश

         केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा।  केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

        केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिस इंडिया छत्तीसगढ़ सुश्री अनुष्का सोन ने की सौजन्य मुलाकात : सदन का ऐतिहासिक सत्र सुनने विधानसभा पहुंची थी मिस इंडिया छत्तीसगढ़

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज विधानसभा में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 सुश्री अनुष्का सोन ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर सुश्री अनुष्का ने मुख्यमंत्री को नारी सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर विशेष सत्र आयोजित करना एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।


सुश्री अनुष्का ने बताया कि वे आज विधानसभा की ऐतिहासिक कार्यवाही को सुनने विशेष रूप से पहुंची थीं और इस अनुभव को उन्होंने अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखना उनके लिए एक नई सीख रही, जिससे वे समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए और अधिक प्रोत्साहित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं, जो एक सशक्त और जागरूक समाज की पहचान है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल महिलाओं के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बेटियां शिक्षा, कला, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सुश्री अनुष्का सोन को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक बनें।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा उपस्थित थे।
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विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका-केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मंडाविया

 राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest'  के आयोजन में युवा मामले और खेल मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मंडाविया का वर्चुअल संबोधन में विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। 


         राज्य निदेशक(प्रभारी)  MY Bharat छत्तीसगढ़, युवा मामले और खेल मंत्रालय भारत सरकार श्री अर्पित तिवारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार  भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, MY Bharat छत्तीसगढ़ द्वारा 13 अप्रैल 2026 को IIIT रायपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' का सफलतापूर्वक समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से 500 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नीतिगत संवाद और राष्ट्र-निर्माण की पहलों में युवाओं की गहरी भागीदारी को दर्शाता है।

        कार्यक्रम के शुभारम्भ में  पर्यटन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित किया । कौशल विकास मंत्री  श्री गुरु खुशवंत साहेब के मुख्य अतिथि के रूप में सामपन सत्र में इस कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं को बजट क्वेस्ट कार्यक्रम में  विकसित भारत मे संकल्प को पूरा करने का आव्हान किया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं से चर्चा कर बजट के विषय पर प्रकाश डाला।

        इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मानव पूंजी विकास और विकसित कृषि (विकसित खेती) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सारगर्भित चर्चाएँ आयोजित की गईं। इन सत्रों ने प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद, नवीन विचारों के आदान-प्रदान और नीति-उन्मुख सोच को बढ़ावा दिया। 'MY Bharat Budget Quest'  ने युवाओं के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य किया, जिसके माध्यम से वे बजटीय और विकासात्मक ढाँचों को समझने, उन पर चर्चा करने और उनमें योगदान देने में सक्षम हुए। यह पहल भारत की प्रगति में युवा नागरिकों को एक हितधारक(stakeholder) के रूप में सशक्त बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

         इस आयोजन का समापन युवा-नेतृत्व वाले परिवर्तन के एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिसने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया। श्री ओपी व्यास डायरेक्टर IIIT रायपुर ने भी सभी का स्वागत किया।
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जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

 भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।


             डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
            स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी

   प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

    प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

           जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

निगरानी

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

       जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।
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ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
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होली पर्व के अवसर पर 04 मार्च 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पीआरएस काउंटरों की द्वितीय पाली बंद रहेगी

होली पर्व के अवसर पर कल दिनांक 04 मार्च 2026 (बुधवार) को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत सभी स्टेशनों पर यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) काउंटरों की द्वितीय पाली बंद रखने का निर्णय लिया गया है।


यात्रियों की सुविधा एवं आवश्यक आरक्षण सेवाओं की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम 01 पीआरएस काउंटर कार्यरत रखा जाएगा, जिससे आरक्षण सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे अपनी यात्रा की योजना पूर्व निर्धारित करते हुए उपलब्ध सेवाओं का उपयोग करें।

रेल प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।
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