हिंदुस्तान - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

हिंदुस्तान

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
और भी

होली पर्व के अवसर पर 04 मार्च 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पीआरएस काउंटरों की द्वितीय पाली बंद रहेगी

होली पर्व के अवसर पर कल दिनांक 04 मार्च 2026 (बुधवार) को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत सभी स्टेशनों पर यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) काउंटरों की द्वितीय पाली बंद रखने का निर्णय लिया गया है।


यात्रियों की सुविधा एवं आवश्यक आरक्षण सेवाओं की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम 01 पीआरएस काउंटर कार्यरत रखा जाएगा, जिससे आरक्षण सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे अपनी यात्रा की योजना पूर्व निर्धारित करते हुए उपलब्ध सेवाओं का उपयोग करें।

रेल प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।
और भी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में होली त्योहारों के अवसर पर स्टेशनों में यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष तैयारी।

 दिनांक 1 मार्च 2026 से रंगो भरे होली त्यौहार के दौरान रायपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों को कई सुविधाएं दी जा रही है जैसे कि :- स्पेशल ट्रेन, कंफर्म बर्थ, होल्डिंग एरिया, भीड़ - भाड़ प्रबंधन, खान - पान सुविधा जैसे कई सुविधाये दी जा रही है। यात्रियों की सुगम यात्रा हेतु स्टेशनों पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देशन पर विशेष क्राउड मैनेजमेंट किया गया है।  


होलिडिंग एरिया / ठहराव की सुविधा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ती हैं तो उनके लिए होल्डिंग एरिया बनाये गये हैं। जिससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ का जमाव ना हो। 30 x 150 साइज़ का लगभग 4500 स्क्वायर फीट विशाल होल्डिंग एरिया  500 से अधिक यात्रियों के बैठने लिए बनाया गया है । होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए निशुल्क पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। यात्रियों की संख्या के अनुरूप होल्डिंग एरिया का और विस्तार किया जा सकता है।
जिसमें चेयर की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए, एयर कूलर एवं पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होल्डिंग एरिया में खान-पान की व्यवस्था बहुत ही न्यूनतम दरों पर जनता खाना ₹15 में, इकोनामी मिल ₹20 में, एवं ₹14 में रेल नीर की व्यवस्था की गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए टीटीई द्वारा लगातार यात्रियों को पर्याप्त जानकारी एवं काउंसलिंग किया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए अन्य स्टेशनों पर भी क्राउड मैनेजमेंट होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी है।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर किसी भी तरह का भगदड़ न हो इसीलिए भीड़ को कंट्रोल करने के लिए यात्रियों के ठहराव की सुविधा रेलवे स्टेशन परिसरों पर प्रदान गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया में पानी की सुविधा, होल्डिंग एरिया में ही टिकट लेने की सुविधा, व्हील चेयर, स्ट्रेचर सीसीटीवी कैमरा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

एम्बुलेंस की सुविधा रायपुर स्टेशन पर किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस की सुवधा भी उपलब्ध कराई गई है।

स्पेशल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों की सुविधा के लिए 14 स्पेशल गाड़ियां चलाई जा रही है । दुर्ग रायगढ़ के बीच पूर्णता लोकल मेमू ट्रेन।

टिकट काउंटर टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ न हो यात्री व्यवस्थित होकर टिकट ले इस हेतु समुचित टिकट काउंटरों की व्यवस्था की गई है। इसमें स्टेशन परिसर में ही टीटीई द्वारा मोबाइल यू.टी.एस. टिकटिंग कि सुविधा। रायपुर स्टेशन परअनारक्षित टिकट काउंटर का रेलवे आरक्षण केंद्र में शिफ्टिंग है। ATVM है, अनारक्षित टिकट लेने में असुविधा ना हो इस हेतु वाणिज्य विभाग के अधिकारियों वाणिज्य निरीक्षकों सुपरवाइजरो द्वारा लगातार भीड़ की निगरानी की जा रही है।   

उद्घोषणा-उद्घोषणा सिस्टम के माध्यम से स्टेशनों पर लगातार कोच पोजिशन एवं ट्रेनों का आवागमन का समय एवं प्लेटफार्म की सूचना यात्री हित की अन्य सूचनाओं को प्रदान किया जा रहा है।

इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सा रूम (ईएमआर) रायपुर स्टेशन पर इमरजेंसी मेडिकल चिकित्सा रूम बनाया गया है। हेल्थ चेक - अप की सुविधा एवं डॉक्टर " ऑन कॉल बेसिस" पर उपस्थित रहेगें।

यात्रियों का स्टेशन में सुगम्य प्रवेश- रायपुर स्टेशन पर यात्रियों का निर्वाध प्रवेश हो इस हेतु रायपुर स्टेशन के सभी गेट पर प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था की गई है।..

अधिकारियो द्वारा निगरानी ट्रेनों में टीटीई को निर्देशित किया गया है कि वह क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान एवं यात्रियों की यात्री सुविधाओं को सुनिश्चित कर रेल नियमों का पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित ट्रेनों में प्रवेश करा रहे है। वाणिज्य विभाग के अधिकारी, निरीक्षक लगातार क्राउड मैनेजमेंट पर निगरानी बनाए हुए हैं।

पूछताछ केंद्र पूछताछ केंद्र पर त्वरित एवं सही जानकारी उपलब्ध हो इस हेतु भी संबंधित निरीक्षकों एवं स्टाफ को निर्देशित किया गया है।

अतिरिक्त टिकट चेकिंग स्टाफ अतिरिक्त टिकट चेकिंग स्टाफ को तैनाती

पेयजल एवं खानपान- यात्रियों के लिए पेयजल एवं खानपान की व्यवस्था स्टेशनों पर उपलब्ध सभी स्टॉल एवं कैटरिंग यूनिटों को निर्देशित किया गया है पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध रखें ताकि यात्रियों को और असुविधा न हो।

यात्री सुरक्षा - यात्रियों की सुरक्षा हेतु स्टेशन पर सी.सी.टी.वी कैमरा, स्कैनर लगाए गए हैं अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल, अन्य सेवा दलो की व्यवस्था की गई है।

वाणिज्य कंट्रोल रूम  विशेष क्राउड मैनेजमेंट वाणिज्य कंट्रोल रूम बनाया गया है 24 घंटे सभी ट्रेनों एवं स्टेशनों पर उपलब्ध वाणिज्य स्टाफ से लगातार संपर्क बनाए रखने हेतु व्यवस्था जाएगी एवं संबंधित वाणिज्य निरीक्षक यात्रियों की सुविधा हेतु जानकारी लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराएंगे रेल मदद पर यात्री सक्रीय है तुरंत ही उनकी समस्या का निवारण किया जा रहा हैं।

सजगता- सतर्कता - एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म का उपयोग करते समय सावधानी रखने, लिफ्ट ओवर लोडेड ना हो एस्केलेटर का संचालन सही हो इसकी सुनिश्चितता करेंगे एवं सुव्यवस्थित पार्किंग पर निगरानी, आगजनी की घटनाओ से बचाने के लिए सभी स्टाफ की सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है।
और भी

AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम : इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन में रायपुर के अनुराग मानिक और आस्था मानिक ने हासिल किया प्रथम स्थान

 नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
और भी

नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क से डिजिटल नवाचार और उच्च तकनीकी निवेश को मिलेगी नई गति - मुख्यमंत्री श्री साय

 भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 


“छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा।

स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है। राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की। यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
और भी

भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर - केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री श्री साय ने  सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा।


    केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है। 

आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना

      श्री शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु श्री राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की। श्री शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।


उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। 

40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है

        केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं। 

 दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ   

     श्री शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।

बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री श्री साय

          मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री श्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी श्री शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है।

समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन

      श्री साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया।

बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में

      मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है।

बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है

        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है।  श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे। 

आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास

       मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार - (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में पहुंचाई हैं। आत्मसमर्पण नीति को और अधिक मानवीय और संवदेनशील बनाया है, जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सम्मान के साथ पुनर्वास कराया जा रहा है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में भी बस्तर के विकास की चर्चा की। श्री साय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म, होम-स्टे, ट्रेकिंग जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सतत पर्यत्नशील है, जिससे बस्तर ही नहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता की जानकारी पर्यटकों को मिल सके और पर्यटन छत्तीसगढ़ की ओर आर्कर्षित हो सके। 

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर पांडुम के भव्य आयोजन से बस्तर की समृद्ध और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और स्थायी शांति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने छेरछेरा पंडुम, तिहार और विजा पंडुम जैसे पारंपरिक उत्सवों को जनजातीय जीवन, प्रकृति और कृषि से जुड़ी अमूल्य परंपराएं बताया। नक्सलवाद पर दृढ़ प्रहार की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय ध्वज की उपस्थिति पहुँची है, जो विकास और विश्वास की नई शुरुआत है। श्री शर्मा ने बस्तर पांडुम को समाज-नेतृत्वत आयोजन बताते हुए कहा कि इसके असली सूत्रधार मांझी-चालकी, गयाता और पुजारी जैसे पारंपरिक समाज प्रमुख हैं, जिनके सहयोग से बस्तर पंडुम का आयोजन सफल हुआ। उन्होंने इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर पंडुम 2026 के उद्देश्य और 12 विद्याओं पर भाग लेने वाले कलाकारो की विस्तृत जानकारी दी, और कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी। 

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, पद्म श्री अजय मंडावी, श्रीमती बुधरी ताती, श्री हेमचंद मांझी, श्री पंडीराम मांझी, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
और भी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।


बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति (Security Centric Strategy), इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। श्री शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई (scattered) नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।
और भी

आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है। 


जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा । सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव - राज्यपाल श्री रमेन डेका

राज्यपाल श्री रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।

बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।

अब नया बस्तर - डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। 

कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरणदेव सिंह, सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
और भी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जगदलपुर आगमन: राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर किया आत्मीय स्वागत

 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। 


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और महापौर श्री संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत एवं अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मां दंतेश्वरी की पावन, ऐतिहासिक एवं आस्था से परिपूर्ण धरती पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। इनका आगमन बस्तर अंचल सहित समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का क्षण है। आदिवासी संस्कृति, परंपरा और समृद्ध विरासत से सुसज्जित इस पावन क्षेत्र में उनकी गरिमामयी उपस्थिति प्रदेश के विकास, जनजातीय अस्मिता और नई संभावनाओं को और अधिक सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
और भी

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला : मुख्यमंत्री श्री साय

अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।


 मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के   प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। 

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। 

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।
और भी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग ने जनवरी 2026 तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं । बेहतर योजना, तकनीकी उन्नयन और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप वैगन अनुरक्षण, मरम्मत एवं कोच ओवरहॉलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं ।


रायपुर मंडल के भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स ने जनवरी 2026 में 1,311 वैगनों का अनुरक्षण कर दिसंबर 2025 के 1,301 वैगनों के पूर्व रिकॉर्ड को पार किया । इसी क्रम में जनवरी 2026 में 1,591 वैगनों का सर्वाधिक मासिक रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) आउटटर्न दर्ज किया गया, जो 37.18 प्रतिशत की संचयी वृद्धि को दर्शाता है ।

रायपुर वैगन रिपेयर शॉप द्वारा जनवरी 2026 में 537 वैगनों का अब तक का सर्वाधिक मासिक पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) आउटटर्न प्राप्त किया गया। वहीं, मोतिबाग कार्यशाला ने कोच पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) में 38.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक प्रदर्शन किया।

वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि

(वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26)

रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) वैगन आउटटर्न: 11,178 से बढ़कर 15,334 वैगन

वैगन पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) (रायपुर): 4,400 से बढ़कर 4,733 वैगन

 कोच पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) (नागपुर): 287 से बढ़कर 397 कोच

तकनीकी उन्नयन में अग्रणी भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स

रायपुर मंडल के रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) डिपो, पीपी यार्ड, भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक तकनीकी प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जिनमें कम्प्यूटरीकृत सिंगल वैगन टेस्ट रिग, कम्प्यूटरीकृत रेक टेस्ट रिग, कम्प्यूटरीकृत डीवी टेस्ट बेंच, मोटराइज्ड बोगी एवं बोल्स्टर मैनिपुलेटर तथा एआईआधारित वैगन निरीक्षण प्रणाली शामिल हैं।
इन नवाचारों से परीक्षण समय में कमी, एयर ब्रेक परीक्षण में उच्च सटीकता, मानवीय त्रुटियों में न्यूनता तथा भौतिक रिकॉर्ड के रख-रखाव में उल्लेखनीय कमी आई है।

संरक्षा नवाचार एवं कर्मचारी कल्याण

कर्मचारियों की संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु परीक्षण यार्ड में पर्यावरण-अनुकूल बाँस से निर्मित “बाहुबली फेंसिंग” स्थापित की गई है, जिससे रनिंग लाइन से स्पष्ट पृथक्करण सुनिश्चित हुआ है।
इसके अतिरिक्त, मालगाड़ी गार्डों की सुविधा के लिए ब्रेक वैन उन्नयन कार्य प्रगति पर है, जिसमें आधुनिक बैठने की व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाएँ आरडीएसओ के दिशानिर्देशों के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उच्च वैगन आउटटर्न के परिणामस्वरूप लोडिंग के लिए वैगनों की उपलब्धता में वृद्धि हुई है, जिससे राजस्व सृजन में सुधार तथा परिचालन दक्षता के नए मानक स्थापित हुए हैं। यह उपलब्धि यांत्रिक विभाग के समर्पित प्रयासों और कर्मचारियों की टीम भावना का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की आय एवं प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि हो रही है।
 
और भी

महाराष्ट्र की प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएँ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र की प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार के शपथ ग्रहण पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल नेतृत्व में श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार महाराष्ट्र की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान करेंगी।
और भी

छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप बनाएंगे विशेष नीति: केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेहतर समन्वय के साथ काम हो रहा है, और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने संबंधी योजना, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा।



मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।

केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहा है ।

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।
और भी

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मंथन

नवा रायपुर में आज हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17 वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चारों राज्यों में सामाजिक- आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मध्य क्षेत्र के इन चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों का समाधान निकालने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद अधिकारी चारों राज्यों के नवाचारों और बेस्ट प्रेस्टिसेस से भी रू-ब-रू हुए। 


            मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है, इसमें लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों के लंबित अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किया जाता है।

          मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा चारों राज्यों के संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

          मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में कहा कि आज चारों राज्यों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच राज्य सरकारों और भारत सरकार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के जरिए मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज हुई चर्चा के निष्कर्षों के अनुरूप चारों राज्य तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विचार-विमर्श से आपसी संवाद बेहतर होंगे। केंद्र सरकार एवं मध्य क्षेत्रों के राज्यों की साझा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस व व्यावहारिक निर्णय लेने में इससे मदद मिलेगी।

इन मंत्रालयों एवं विभागों से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा

     मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रेल मंत्रालय, खान मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल जीवन मिशन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अभिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, वित्त सेवा विभाग, डाक विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, वाणिज्य विभाग तथा मछली पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। 

चारों राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस से रू-ब-रू हुए अधिकारी

      मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय, विकास और सुशासन के साथ-साथ चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस की भी प्रस्तुति हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों के नवाचारों और प्रभावी योजनाओं की जानकारी साझा की।

       छत्तीसगढ़ द्वारा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की प्रस्तुति दी गई, जिसे जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लॉन्च किया गया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे औद्योगिक निवेश, भूमि प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वीकृति और सब्सिडी प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा मॉडल के तहत ब्लॉक-चेन आधारित सुरक्षित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

        मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास को अपनी प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया। इसके तहत 125 गांवों में होम-स्टे और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा बचत एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति- 2025 के माध्यम से 2030 तक 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने के लक्ष्य तथा पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस के जरिए पर्यटन एवं क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की पहल की जानकारी दी गई।

उत्तराखंड द्वारा किसान-से- आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना के माध्यम से सीमावर्ती किसानों की आय वृद्धि, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा जल स्रोतों के पुनर्जीवन की पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुधारों की नई पहलों, श्रम न्याय सेतु पोर्टल तथा सेवा मित्र जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया।
और भी

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक

महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार  सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक बताया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अजित पवार जी का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
और भी

कर्तव्य पथ पर गूंजा छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य का इतिहास

 26 जनवरी 2026- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।
पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर श्री हरिवंश का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा उपस्थित थे।


          उल्लेखनीय है कि श्री हरिवंश आज पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
और भी

जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना वाहन दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिरने से 10 वीर जवानों के शहीद होने को अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताते हुए इस दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत वीर सैनिकों की आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असह्य दुःख को सहन करने की असीम शक्ति दें। उन्होंने हादसे में घायल सभी जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र इन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा और संकट की इस घड़ी में देश उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
और भी
Previous123456789...138139Next