छत्तीसगढ़

मंडी समितियों में अब होगा मनोनयन, सदन में सहकारिता संशोधन विधेयक पारित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विधानसभा में सहकारिता संशोधन विधेयक मतविभाजन के बाद पारित किया गया। सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह ने विधेयक पेश किया।संशोधन विधेयक के जरिये सहकारिता के अहम पदों पर निर्वाचन की बाध्यता को बदल कर सरकार नियुक्ति का नियम ला रही है। इसका विरोध करते हुए अपने वक्तव्य में शिव रतन शर्मा ने  कहा कि भाटापारा में एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है जिसमे मंडी की नियुक्ति के लिए रुपए की मांग की गई है।

इस पर सदन में हंगामा हुआ।शिवरतन शर्मा ने कहा कि मंडी  में नियुक्ति के पद बिक रहे हैं।एक व्यक्ति को पैसा दो नियुक्ति हो रही है ऐसा बदलाव गलत होगा। इस पर पूरा सत्ता पक्ष शिवरतन शर्मा पर नाराज हुआ।सत्ता पक्ष के विधायकों ने बयान पर जताई आपत्ति। सीएम बघेल बोले कि
प्रक्रिया में आइए,अगर आपके पास सबूत है तो थाने में रिपोर्ट करें।

बाहर की बात यहां रिफ्रेश कर प्रदर्शन की कोशिश ना करें। शर्मा ने सबूत सदन में रखने की मांग  की ।सीएम बघेल ने विपक्ष पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

शिवरतन शर्मा ने कहा कि ऑडियो से पता चलता है कि नियुक्ति में कैसी गड़बड़ी होती है।चुनाव को रोककर कांग्रेसियों को उपकृत करने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है।

सहकारिता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष सहमत नही है। भाजपा विधायकों ने कहा कि सहकारी समितियों में चुनाव के स्थान पर मनोनयन को लेकर है यह संशोधन विधेयक। विधेयक पारित करने भाजपा ने डिवीजन मांगा। इस पर हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 52 और विपक्ष में 12 वोट पड़े। संशोधन विधेयक पारित किया गया।

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