छत्तीसगढ़

फेडरेशन ने हरेली की परंपरा का किया निर्वाह, जारी रहा आंदोलन

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक ओर जहां पूरे राज्य में छत्तीसगढ़ का प्रमुख हरेली त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया वहीं दूसरी ओर इतने बड़े पर्व के दिन भी प्रदेश के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना स्थल पर डंटे रहे। खरसिया में भी यह नज़ारा देखा गया जहाँ हरेली त्योहार भी कर्मचारियों के उत्साह को कम न कर सकी और पर्व के दिन घरवालों के साथ समय बिताने के बजाये सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे। हालांकि उन्होंने आंदोलन स्थल पर ही छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना की और नारियल फेंककर परम्परा का निर्वहन किया।

गौरतलब है कि केंद्र के समान छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और सातवां वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता प्रदान करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों द्वारा छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले विगत 25 जुलाई से 29 जुलाई तक निश्चित कालीन आंदोलन किया जा रहा है। इसके तहत पूरे राज्य में कर्मचारी कलम बंद-काम बंद के नारे के साथ सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी तारतम्य में खरसिया तहसील के कर्मचारी भी 25 जुलाई से आंदोलनरत हैं। आज 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ का प्रथम और प्रमुख हरेली त्योहार होने के बावजूद आंदोलन के चौथे दिन भी धरना पंडाल में सभी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिदिन की तरह चौथे दिन भी कर्मचारियों ने धरना पंडाल में माँ सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण कर किया। इसके पश्चात राष्ट्रीय गीत और राज्यगीत का गायन कर आंदोलन प्रारम्भ किया। इसके पश्चात सम्बोधन का क्रम शुरू किया गया जिसमें अनेक महिला और पुरुष कर्मचारियों ने अपनी बात रखी।  इसी बीच दोपहर में हरेली के मद्देनजर कर्मचारियों के मध्य सर्वप्रथम नारियल फेंकने की प्रतियोगिता रखी गई जिसमें महिला और पुरुष दोनों वर्ग के कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके पश्चात संयुक्त रूप से दोनों वर्गों का कुर्सी दौड़ का आयोजन भी धरना स्थल पर किया गया। इस तरह प्रदेश के इस प्रमुख पर्व के दिन भी खरसिया के कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी के साथ सैकड़ों की संख्या में अपनी उपस्थिति देकर आंदोलन में भाग लिया।

इस दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संघो के सैकड़ों कर्मचारी और विशेषकर मातृशक्ति के रूप में महिला कर्मचारी अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में धरना आंदोलन में पूरे समय तक उपस्थित रहे।

नारिशक्तियों का किया गया सम्मान :
निश्चित कालीन आंदोलन के चौथे दिन 28 जुलाई को हरेली त्योहार होने के बावजूद महिला कर्मचारियों की सम्मानजनक उपस्थिति की वजह से आंदोलन स्थल पर तिलक लगाकर और पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने करतल ध्वनि के साथ नारेबाजी करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और आभार भी व्यक्त किया।

 

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