छत्तीसगढ़

सघन टीबी रोगी खोज अभियान से खोजे जा रहे टीबी संक्रमित रोगी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सघन टीबी रोगी खोज अभियान के तहत विकासखंड में फैक्ट्री और कार्यस्थल पर जाकर टीबी रोगियों  की खोज की जा रही है। तिल्दा विकासखंड में इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही  है। स्क्रीनिंग में संभावित मरीजों की टीबी जांच कराई जा रही है। टीबी जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को  निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता डोर टू डोर जाकर सघन टीबी खोज सर्वे भी कर रहे है, साथ ही  जिसमें लक्षण नजर आ रहे है उनकी जांच भी कराई जा रही है । अभियान के तहत जन जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए टीबी के संभावित मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कर उनका सहयोग लिया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सौरभ ने बताया: “प्रदेश को वर्ष 2023 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी रोगियों की सघन खोज कर उनको उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। तिल्दा में  25 मई 2022 तक इस अभियान के तहत से 2 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग में 750 मरीज संभावित मिले थे, जिनकी टीबी जांच की गई। जांच में 24  मरीजों में टीबी की पहचान हुई । जिनका नियमित इलाज विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। टीबी जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जानकारी दी जाती है कि लक्षण आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की नि:शुल्क जांच कराएं। टीबी की पुष्टि होने पर सरकार की तरफ से न केवल नि:शुल्क उपचार किया जाता है,  बल्कि उपचार जारी रहने के दौरान बेहतर पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपए का भुगतान रोगी के बैंक खाते में किया जाता है। क्षय रोग से अब घबराने की नहीं बल्कि समय रहते जांच और उपचार कराने की जरूरत है। नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।“

विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक की अपील टीबी खोजी अभियान में करें सहयोग :
विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक ममता सुनानी ने सभी लोगों से अपील की है कि सभी लोग टीबी खोजी अभियान का सहयोग करें। टीबी के प्रारंभिक लक्षण जैसे – दो सप्ताह से ज्यादा का बुखार या खांसी का आना, सीने में दर्द और खांसी के साथ मुंह से खून आना, भूख कम लगना इसके अलावा वजन का घटना, बच्चों में वजन का न बढ़ना, रात में पसीना आना जैसे लक्षण दिखने पर जांच अवश्य कराएं। टीबी रोग से बचाव के लिए टीबी रोगी का इलाज शीघ्र कराएं। मीडिया ने लोगों को इस अभियान के उद्देश्य के बारे में सूचित करने में मदद की जिसके परिणामस्वरूप कोई प्रतिरोध नहीं हुआ और लोग स्क्रीनिंग टीमों के साथ सहयोग भी कर रहे है। 

रोग को ना छिपाएं :
विकासखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आशीष सिन्हा ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “डोर टू डोर सर्वे में अगर टीम के सदस्य किसी के घर पहुंचे तो टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका समुचित इलाज किया जाएगा।“ उन्होंने आगे कहा, “टीबी हारेगा देश जीतेगा थीम पर चलने वाले अभियान के दौरान टीम के लोग जन सामान्य को माइकिंग, पंपलेट, के माध्यम से भी टीबी से बचाव के लिए जागरूक कर रहे है । टीबी रोगी के बारे में सूचना देने वाले को 500 रुपए प्रोत्साहन स्वरूप भी दिए जा रहे है।“

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