छत्तीसगढ़

जिले में 1 अगस्त से शुरू होगा वजन त्यौहार, नौनिहालों के पोषण स्तर का होगा मापन

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शर्मा की अध्यक्षता तथा जिला पंचायत सीईओ कुणाल दुदावत की उपस्थिति में आज जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में जिले में आगामी 1 अगस्त से 13 अगस्त 2022 तक आयोजित किए जाने वाले वजन त्यौहार की पूर्व तैयारियों के सम्बंध में बैठक आयोजित किया गया। कुपोषण के प्रति समुदाय को जागरूक करने के लिए प्रत्येक परिवार को उनके बच्चों की सही पोषण की स्थिति को अवगत कराने व कुपोषण की सही स्थिति आनलाईन साफ्टवेयर में प्रविष्टि कर ग्राम पंचायत तथा विकासखंडवार कुपोषण की आंकलन करने की उद्देश्य से जिले में वजन त्यौहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत 06 वर्ष से कम आयु के बच्चों का वजन कर पोषण स्तर ज्ञात किया जाएगा। बैठक में वजन त्यौहार के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी, सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाइजर मौजूद रहे।

वजन त्यौहार की पूर्व तैयारियों के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देश :

कलेक्टर शर्मा ने सर्व सम्बंधितों को वजन त्यौहार के सम्बंध में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि सही तरीके से सभी बच्चों का डाटाबेस तैयार हो। चार्ट में वजन, ऊंचाई, उम्र तथा अन्य आवश्यक जानकारी उल्लेखित की जाएं, नोडल अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दें। वजन त्यौहार के लिए वजन मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, सभी केन्द्रों में अच्छी व्यवस्था हो।

सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : कलेक्टर

बैठक में कलेक्टर शर्मा ने जिले में सुपोषण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि सुपोषण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। उन्होंने सभी सेक्टर सुपरवाइजर तथा सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को अंडा तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं को सुपोषण थाली दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी कारणवश केंद्र तक पहुंच पाने में असमर्थ माताओं को टिफिन के जरिए सुपोषण थाली उपलब्ध करायी जा सकती है। गर्भवती तथा शिशुवती माताओं को दिए जा रहे टेक होम राशन का रजिस्टर रखें। बच्चों को आवश्यकतानुसार समय-समय पर नियमित रूप से एल्बेंडाजोल टेबलेट तथा आयरन सिरप दें, ताकि बच्चा बेहतर स्थिती में हो। उन्होंने सभी सीडीपीओ को निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों को पोषण की स्थिती में लाने के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भेजें, इसके लिए रोस्टर तैयार करें।

कुपोषित बच्चों के घर गृहभेंट कर परिवारजनों को कुपोषण मुक्ति के लिए करें प्रेरित :

कलेक्टर शर्मा ने बैठक में गंभीर कुपोषित बच्चों के घर गृहभेंट द्वारा बच्चों की दिनचर्या पर ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माह में एक दिवस बच्चों के घर कुछ समय व्यतीत करें तथा परिवारजनों से बात कर दैनिक गतिविधियों के सम्बंध में चर्चा करें   तथा स्वच्छता, देख-रेख, भोजन के संबंध में जानकारी दें। कुपोषण मुक्ति के विषय में विशेषकर माताओं को जागरूक करें।

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