राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पली बढ़ी वंंशिका पांडे भारतीय थल सेना में लेफिनेट बनकर छत्तीसगढ़ लौटी हैं। वंशिका छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला लेफ्टिनेंट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। राजनांदगांव निवासी अजय पांडेय कि पुत्री वंंशिका ने 30 जुलाई को चेन्नई स्थित प्रशिक्षण अकादमी की पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट की पदवी से विभूषित किया गया। वंशिका आज अपने गृहनगर राजनांदगांव पहुंची जहां लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।
बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही वंशिका
वंशिका बचपन से ही मेधावी छात्रा रही है। शहर के स्व. रज्जूलाल पांडे की पौत्री और अजय पांडे की सबसे छोटी पुत्री वंशिका ने राजनांदगांव में कक्षा पहली से लेकर कक्षा नवमीं तक की पढ़ाई बाल भारती पब्लिक स्कूल में की। इसके बाद कक्षा दसवीं से कक्षा बारहवीं तक की पढ़ाई युगांतर पब्लिक स्कूल से की।
इंजीनियरिंग में प्राप्त किया मेडल
स्कूल की पढ़ाई समाप्त होने के बाद वंशिका ने इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया जिसके लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई ज्ञान गंगा इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर से की और राजीव गांधी औद्योगिक यूनिवर्सिटी भोपाल की मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान पर रही। वंशिका पांडे ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग में पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस तरह हुआ वंशिका का चयन
वंशिका के मन में बचपन से ही डेकोरेटेड ऑफिसर बनने की चाह थी। लेकिन इंजीनियरिंग के पढ़ाई के बाद एसएससी परीक्षा में शामिल होकर उन्होंने अपना सपना पूरा किया। एसएससी में सलेक्ट होने के बाद उसे थल सेना में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जहां इंटरव्यू और मेेडिकल फिटनेस के बाद ट्रेनिंग के लिए आफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) चेन्नई भेज दिया गया। वंशिका ने आफिसर्स अकादमी चेन्नई में ट्रेनिंग के सभी टेस्ट सफलतापूर्वक पास किया। जिसके बाद 30 जुलाई को पासिंग आउट परेड में उन्हेें लेफ्टिनेंट के रूप में विभूषित किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ की पहली महिला लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन होने वाली वंशिका को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पूर्व सीएम रमन सिंह ने उन्हें बधाई दी है. उन्होने ट्वीट कर लिखा कि "बेटी वंशिका पांडे पर छत्तीसगढ़ को गर्व है. राजनांदगांव जिले की बेटी वंशिका पांडे ने भारतीय थल सेना में छत्तीसगढ़ की पहली महिला लेफ्टिनेंट बनकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है. बेटी ने कठिन परिस्थितियों से लड़कर यह मुकाम हासिल किया है, मेरी बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं"। इसके साथ ही राजनांदगांव के लोग भी गर्व महसूस कर रहें हैं। कि जिले की बेटी छत्तीसगढ़ की पहली महिला लेफ्टिनेंट बन चुकी है।कमीशन के बाद वंशिका आज अपने निवास राजनांदगांव के जूनीहटरी पहुंची हैं। जहां उनका परिजनों ने भव्य स्वागत किया।