छत्तीसगढ़

खूंटाघाट व घोंघा जलाशय के खोले जाएंगे गेट 7 को

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  खूंटाघाट व घोंघा जलाशय से खरीफ  फसलों की सिंचाई के लिए 7 अगस्त को पानी छोड़ा जाएगा। जल संसाधन विभाग की ओर से इस दिन सुबह 8 बजे नहरों के कपाट खोल दिये जाएंगे। इससे मस्तुरी व बिल्हा विकासखंड के 208 गांवों में अल्प वर्षा से प्रभावित फसलों को जीवनदान मिलेगा। खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलेगी। खूंटाघाट जलाशय में वर्तमान में 88 प्रतिशत व घोंघा जलाशय में 59 प्रतिशत जलभराव उपलब्ध है। गौरतलब है कि कमिश्नर डॉ संजय अलंग व कलेक्टर सौरभकुमार ने स्वयं मस्तुरी तहसील के आधा दर्जन गांवों का दौरा कर फसलों की स्थिति का अवलोकन किया था। जनप्रतिनिधियों व किसानों ने जलाशयों से पानी छोडऩे की मांग रखी थी।

जल संसाधन विभाग खारंग के कार्यपालन अभियंता ने आज यहां बताया कि खूंटाघाट जलाशय के बांयी व दायी दोनों तट नहरों तथा घोंघा जलाशय की नहरों से पानी छोड़ा जाएगा। मुख्य नहर की वितरक शाखा व उप शाखा नहरों में उनकी क्षमता के अनुरूप सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य नहर के अंतिम छोर तक निर्बाध सिंचाई के लिए मैदानी अमलों को दिन-रात पेट्रोलिंग के निर्देश दिये गये हैं। क्षेत्र के किसानों से सहयोग की अपील की गई है, कि वे पानी व नहर को सुरक्षित रखते हुये जरूरत के मुताबिक ही पानी का उपयोग करें। मछली मारने वालों और अन्य असामाजिक किस्म के लोगों की ओर से रात में नहर के पानी को हेडअप कर रोकने की प्रवृत्ति को देखते हुए रात में भी पेट्रोलिंग किया जाएगा। नहर पाटने या पम्प अथवा अन्य माध्यम से अवैधानिक रूप से सिंचाई करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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