हमर तिरंगा अभियान से अधिक से अधिक लोग जुड़कर राष्ट्रध्वज को दें सम्मान : कलेक्टर
धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत आमजनों में राष्ट्रध्वज के प्रति आस्था व जागरूकता लाने के उद्देश्य से स्वतंत्रता सप्ताह 11 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक घर, संगठन, कार्यालय व व्यावसायिक प्रतिष्ठान में राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा।
उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने आज अपराह्न तीन विभिन्न संगठनों, संघों, सामाजिक व राजनीतिक पदाधिकारियों की बैठक लेकर इस अभियान से जुडऩे और अधिकाधिक लोगों को शामिल करते हुए हर घर में तिरंगा फहराने की अपील की। इस दौरान उन्होंने झंडा संहिता के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे सम्मान के साथ हर वर्ग, धर्म, जाति, पंथ, समुदाय और संगठन के लोगों को इस अभियान का हिस्सा का बनने का अनुरोध किया।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आगामी 11 से 17 अगस्त के बीच हमर तिरंगा अभियान चलाकर लोगों को राष्ट्रध्वज के प्रति सद्भावना, आस्था और सम्मान की मूल भावना को जागृत करना है और बेहतर होगा कि यह कार्य सावधानीपूर्वक करें। ऐसा कोई काम नहीं करें, जिससे तिरंगा की गरिमा व आन, बान व शान को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि 11 से 17 अगस्त के बीच राष्ट्रध्वज को दिन में फहराकर रात में भी रख सकते हैं, बशर्तें आदर्श झंडा संहिता का उल्लंघन ना हो। कलेक्टर ने उपस्थित पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों से अधिकाधिक संख्या में आम लोगों को जोड़कर हर घर तिरंगा फहराने की बात कही। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पुन: राष्ट्रध्वज फहराने की अपील करते हुए झण्डा अधिनियम का पालन करने की बात कही।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंका महोबिया ने बताया कि जिले के महिला स्वसहायता समूहों की ओर से निर्धारित आकार व अनुपात में तिरंगा ध्वज तैयार किया गया है। जिन्हें राष्ट्रध्वज प्राप्त करना हो समूह की महिलाओं से संपर्क कर क्रय सकते हैं। इसके लिए कलेक्टोरेट में स्टाल लगाया गया है। इसके लिए सभी जनपद पंचायतों में राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हर घर तिरंगा की फोटो भारत सरकार के लिंक में अपलोड की जा सकती है। ए.डी.एम. ऋषिकेश तिवारी ने यह सुनिश्चित करने कहा कि एक खंभे में सिर्फ एक ही राष्ट्रध्वज फहराएं। साथ ही यह भी ध्यान में रखें कि ध्वज सही क्रम, यानी सबसे उपर में केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा रंग, बीच में नीले रंग के अशोक चक्र के साथ में होना जरूरी है। साथ ही यह भी बताया कि जहां पर भी राष्ट्रध्वज फहराया जा रहा हो, उसकी ऊंचाई अन्य झंडों से अधिक हो।
कैसा हो राष्ट्रध्वज :
गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय ध्वज संहिता 1971 में आंशिक संशोधन किया गया है, जिसके अनुसार खादी के अतिरिक्त हाथ से कता हुआ, हाथ से बुना हुआ या मशीन द्वारा निर्मित सूती, पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम से बने हुए ध्वज का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके अनुसार अब किसी भी आकार में राष्ट्रध्वज का निर्माण किया जा सकता है, किन्तु यह अवश्य सुनिश्चित करना होगा, कि इसकी लम्बाई और ऊंचाई तीन अनुपात दो में ही हो।

