छत्तीसगढ़

अधिकारी-कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल 22 से...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अपनी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने 22 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आव्हान किया है। पिछली हड़ताल के बाद कई संगठनों ने इस हड़ताल से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। कई संगठनों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है। इस दौरान कुछ कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित होंगे, तो वहीं कुछ कर्मचारी हड़ताल पर बैठेंगे। इस दौरान संभावना जताई जा रही है कि जो संगठन और कर्मचारी हड़ताल में है वह ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को रोकने की कोशिश करेंगे। ऐसे में विवाद की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव संजय अग्रवाल ने रायपुर कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्यालय आने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का अनुरोध किया है। साथ ही मुख्य द्वार में आवश्यकतानुसार वीडियोग्राफी कराने के लिए भी निवेदन किया है । इसका सीधा मतलब है कि जहां एक तरफ सरकार हड़ताली कर्मचारियों पर कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ कार्यालय आने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी उनकी चिंताएं बनी हुई है।

दरअसल छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन अपने दो सूत्रीय मांग – केन्द्र के समान देय दिनांक से 34% महंगाई भत्ता एरियर्स सहित देने एवं सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता दिए जाने की प्रमुख मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। प्रदेश के लगभग पांच लाख कर्मचारी एवं अधिकारी के साथ राज्य के न्यायायिक सेवा के कर्मचारी 23 जिलों में हड़ताल में रहेंगे।

राज्य के शासकीय कार्यालय, कलेक्ट्रेट, पीडब्लूडी, खनिज, पीएचई, स्कूल शिक्षा, कोषालय, स्वास्थ्य, सिंचाई, वेटनरी, नवा रायपुर अंतर्गत समस्त संचालनालय इंद्रावती भवन, लोक सेवा आयोग, आरटीओ, जनपद, कृषि, वन विभाग, समाज कल्याण विभाग, आयोग, निगम मण्डल सहित 52 विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे। इस आंदोलन में राज्य के 91 कर्मचारी-अधिकारी संगठन फेडरेशन के साथ हड़ताल में शामिल रहेंगे।

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