छत्तीसगढ़

बेरोजगारी उच्चतम स्तर पर है, सार्वजनिक उपक्रम बेचे जा रहे हैं : सुनील सिंह

 राजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बलरामपुर जिले के ब्लॉक कांग्रेस राजपुर द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देश भर में महंगाई के विरोध में धरना प्रदर्शन व चर्चा-परिचर्चा कर कांग्रेस लोगों को बढ़ती महंगाई बेरोजगारी व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विक्रय करने जैसे नीतियों के विरोध में आवाज उठा रही है और लोगों को बताने में लगी है कि किस तरह से मोदी सरकार आम लोगों के साथ छलावा करने में अव्वल रही है।


बढ़ती महंगाई को लेकर चर्चा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व ब्लॉक अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और महंगाई आसमान छूने लगी है जो एलपीजी 2014 में ₹410 घरेलू सिलेंडर मिला करता था वह  ₹1053 में मिल रहा है और उसकी वृद्धि 156% की दर्ज की गई है इसी तरह से पेट्रोल 2014 में ₹71 थी और वर्तमान में ₹100 है इसमें भी 40% की वृद्धि हुई है डीजल ₹57 प्रति लीटर थी और अब 2022 में ₹95 प्रति लीटर है इसमें भी 75% की वृद्धि हुई है सरसों का तेल ₹90 प्रति किलो मिलता था जो अब ₹200 प्रति किलो मिल रहा है इसमें 122% की वृद्धि हुई है आटा ₹22 किलो था जो बढ़कर 35 से ₹40 प्रति किलो तक मिल रहा है इसमें भी 81% की वृद्धि दर्ज की गई है दूध ₹35 लीटर अधिकतम मिला करता था जो अब ₹60 प्रति लीटर मिल रहा और इसमें 71% की वृद्धि दर्ज हुई है। दैनिक जीवन की सबसे आवश्यक वस्तु नमक 41% महंगा हो गया है सब्जियों में 35% तक की वृद्धि हुई है डाले 60 से 65% तक महंगी हो गई है कोई भी चीज ऐसी नहीं है जो अब सरकार के नियंत्रण में है आम जनता को परेशान करके और ऊपर से जनता के ऊपर जीएसटी जैसे टैक्स का बोझ लगाकर सरकार अपना खजाना भर रही है।

 
 

केंद्र सरकार ने संसद के चालू सत्र में बताया है कि 8 सालों में उसने 7.22 लाख लोगों को नौकरियां दी हैं,हर साल औसतन एक लाख से भी कम लोगों को नौकरी मिला मिला है यह अत्यंत चिंताजनक आंकड़ा है 8 सालों में 22.5 करोड़ लोगों ने सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन किए हैं सोचा जाए कि 22 करोड लोगों में से सिर्फ 7.2 दो लाख लोगों को नौकरी मिली या नहीं 0.33 प्रतिशत आवेदन देने वाले हजार लोगों में से 3 लोगों को नौकरी मिली है ऐसी दशा में मोदी सरकार ने जो वादे किए थे वह सभी वादे अधूरे रह गए हैं अच्छे दिन और बदलाव का नारा मोदी सरकार का पूरी तरह से सिमट गया है।

 

अच्छे दिन का वादा करके आम चुनाव में मोदी जी ने खुद यह वादा किया था कि हर साल कम से कम दो करोड़ नौकरियां हमारी सरकार देंगी लेकिन सरकार बनने के बाद एक लाख लोगों को भी सालाना नौकरी नहीं मिल पाई निजी सेक्टर में इससे भी बदतर स्थिति है नोटबंदी से लेकर जीएसटी कानून को लागू करने में जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई गई जिस तरह से कोरोनावायरस के दौरान पूरी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा उसे नौकरी का पूरा परिदृश्य बदल गया है देश में ऐतिहासिक बेरोजगारी की स्थिति है और वर्तमान में गंभीर संकट उत्पन्न हो गई है। सरकार में पीएसयूज लगातार बेचे जा रहे हैं स्टार्टअप्स और अन्य छोटे उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बेचे जाने से देश में हताशा और निराशा की स्थिति बन गई है ऐसी स्थिति निर्मित हो गई है कि पीएचडी होल्डर्स भी अब चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन दे रहे हैं अग्निपथ योजना ने तो युवाओं के घाव पर नमक छिड़कने का काम किया है सेना में शामिल होकर गर्व से देश के सेवा का जो लोग सपना देखते थे उन्हें 4 वर्ष के लिए ठेके पर नौकरी करने को कहा जा रहा है, इसमें ना पेंशन की गारंटी है ना सुरक्षित भविष्य की ऐसे में युवा तनाव मुक्त होकर देश सेवा कैसे करेंगे।

 

इस दौरान विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जितेंद्र गुप्ता, विधि प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अधिवक्ता संजय पांडेय, लघु वनोपज प्रबंधक संघ के उपरांत अध्यक्ष सुरेश सोनी,किसान प्रकोष्ठ के ब्लॉक अध्यक्ष रामबिहारी यादव, सुनील भगत,देवशरण जयसवाल,बिगन यादव, साजाराम के अलावा काफी संख्या में बढ़ती महंगाई से परेशान ग्रामीण जन भी मौजूद रहे। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर तथा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बिक्री के विरुद्ध में पर्चे भी वितरित किए गए।

 

 

 

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