छत्तीसगढ़

महिलायें अपने अधिकारों के प्रति रहें जागरूक : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव के तत्वाधान मे  पुष्पलता मारकंडे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर की अध्यक्षता मे आज जिला पंचायत के सभाकक्ष मे विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पलता मारकंडे ने महिलाओं से संबंधित कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा सम्पत्ति पर महिलाओं के बराबर के अधिकार और टोनही प्रताडऩा कानून व बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने महिलाओ को अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई। जागरूकता कार्यक्रम का शुभारम्भ किरण नैलवाल चतुर्वेदी महिला संरक्षण अधिकारी महिला बाल विकास विभाग की ओर से किया गया। वहीं परियोजना अधिकारी नारायणपुर शैल उसेण्डी द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का पुष्पगुछ से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर चंद्र प्रकाश कश्यप अधिवक्ता की ओर से महिलाओं के कानूनी अधिकारों के विषय में जानकारी दी गयी। वहीं महिला संरक्षण अधिकारी की ओर से घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 क़ानून के बारे मे महिलाओ को विस्तार से बताया और उस क़ानून से मिलने वाले लाभ के बारे में बताया गया। सखी वन स्टॉप सेंटर से केस वर्कर तरनुम खान ने पीडि़त महिलाओ सखी से मिलने वाली सुविधा के बारे मे जानकारी दिया। कार्यक्रम मे महिला बाल विकास के अधिकारी व कर्मचारी, अधिवक्तागण, महिला, शिक्षिका व स्व सहायता समुह की महिलाएं उपस्थित थी।

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