मोदी सरकार और रुपए के बीच नीचे गिरने की होड़ लगी है : मरकाम
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने बयान दिया था कि रूपया उसी देश का गिरता है जहां की सरकार भ्रष्ट और गिरी हुई होती है। अब मोदी बताएं कि उनकी सरकार कितनी गिरी हुई और कितनी भ्रष्ट है। वर्तमान में डॉलर के मुकाबले रुपया 80.79 अब तक के सबसे निचले स्तर पर गिर चुका है, साथ ही और भी गिरने की संभावना बनी हुई है। मोदी सरकार की दिशाहीन नीतियां ऐसी ही बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब डॉलर के मुकाबले रुपया 100 के बराबर पहुंच जाएगा। 2014 में अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार का ग्रहण लगने से पहले रुपए का मूल्य 1 डॉलर के मुकाबले 58 रुपये था। उस समय नरेंद्र मोदी कहते थे कि रुपए की मजबूती के लिए मोदी जरूरी है मगर मोदी सरकार भारतीय रुपए के लिए वायरस सिद्ध हुई और उसे लगातार कमजोर बनाती जा रही है।
मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों का प्रभाव हर सेक्टर में दिख रहा है जिसके कारण दिन-ब-दिन अर्थव्यवस्था तबाह हो रही है और रुपया कमजोर हो रहा है। सरकारी कंपनियों का लगातार निजीकरण हो रहा है और प्राइवेट सेक्टर कंपनियों पर लगातार ताला लगते जा रहा है। उद्योगपतियों का लाखों करोड़ों का कर्जा माफ किया जा रहा है। रोजगार लगातार खत्म हो रहे हैं और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। सेना बैंक और रेलवे इत्यादि बड़े पैमाने पर रोजगार देते हैं मगर इन सभी विभागों पर निजीकरण का संकट मंडरा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने रिसर्च बुलेटिन में सरकार को आगाह किया था कि बैंकों का निजीकरण अर्थव्यवस्था में तबाही ला सकता है, लेकिन मोदी सरकार के दबाव के कारण 24 घंटे के भीतर आरबीआई को अपना यह बयान वापस लेना पड़ा। रुपए के इस प्रकार लगातार अवमूल्यन से महंगाई और बेरोजगारी और भी ज्यादा बढ़ेगी। मोदी सरकार कि तानाशाही और आत्ममुग्धता देश को बर्बादी की ओर ले जा रही है। मोदी सरकार इस सबकी जिम्मेदारी लेकर अपनी नीतियां बदलने के बजाय अभी भी बड़ी ही बेशर्मी से यूक्रेन युद्ध और कोरोना महामारी को जिम्मेदार बता रही है।

