छत्तीसगढ़

जिले को एनीमिया मुक्त बनाने अधिकारियों को किया गया निर्देशित

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  रितेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आज एनआईसी कक्ष में एनीमिया मुक्त जशपुर के तहत जिले में चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु यूनिसेफ की टीम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित हुई। बैठक में एनीमिया मुक्त जशपुर हेतु की जा रही गतिविधियों की प्रगति, आगे की कार्य योजना सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर यूनिसेफ के राज्य स्तरीय कम्युनिकेशन फॉर डेवल्पमेन्ट के प्रमुख  अभिषेक सिंह, सीईओ जिला पंचायत  जितेंद्र यादव, यूनिसेफ के जिला सलाहकार किशोर किशोरियों, युवतियों, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुवती माताओं का स्वास्थ्य जांच किया गया है एवं सभी स्कूल, आंगनबाड़ी, आश्रम-छात्रावास में बच्चों को आयरन की गोलियां का वितरण कर नियमित रूप से सेवन किया जा रहा है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि एनिमिया मुक्त जशपुर, एनिमिया मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणास्त्रोत की तरह कार्य करेगा। इस हेतु सभी विभागों को व्यवस्थित कार्ययोजना के साथ गंभीरता से कार्य करना होगा। निचले स्तर से एनिमिक युवतियों, महिलाओं की पहचान कर उनका हीमोग्लोबिन जांच एवं उपचार प्राथमिकता से करना होगा। साथ ही नियमित रूप से निगरानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने आंगनबाड़ियों में पोषण आहार, गर्म भोजन एवं आयरन टेबलेट का सेवन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल एवं स्थानीय भाजियों का सेवन कराने के लिए कहा। उन्होंने मुनगा सब्जी व भाजी को आहार में मुख्य रूप से शामिल करने की बात कही।

कलेक्टर ने जिले को एनीमिया मुक्त बनाने हेतु मिशन मोड में कार्य करने हेतु सभी अधिकारियों को निर्देशित किया। इस हेतु आम जनों में जागरूकता लाने एवं उनका व्यवहार परिवर्तन हेतु विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। जिसमें रात्रि चौपाल एवं अन्य गतिविधियां शामिल है। इस कार्य मे जय हो वॉलिंटियर्स, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य सहित अन्य सभी की सहभागिता लेने की बात कही।

कलेक्टर श्री अग्रवाल ने एनिमिया से मुक्ति हेतु शैक्षणिक संस्थाओं, आश्रम छात्रावासों पर विशेष ध्यान देते हुए संस्थानों में अध्यनरत बच्चों का नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराने एवं उन्हें आयरन की टेबलेट का सेवन कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि आयरन टेबलेट को दवा के रूप में नही पूरक आहार के रूप में लेना चाहिए। इस दौरान यूनिसेफ के श्री अभिषेक ने भी एनीमिया मुक्त जशपुर के लिए यूनिसेफ की टीम द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही आगे की कार्ययोजना पर कलेक्टर सहित सभी जिला अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा की एनीमिया मुक्त जशपुर के प्रथम चरण में एनिमिको की पहचान करने एवं उनका प्राथमिकता से उपचार करने के लिए कहा साथ ही लोगों के व्यवहार परिवर्तन हेतु उनमें जागरूकता लाने की बात कही। 

 

 

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