मार्केट में बूम : दीपावली पर जमकर चमकेगा सराफा व कपड़ा बाजार
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी केे बाजारों में दीपावली की रौनक बढ़ गई हैं। वही मुख्य सड़कों पर साज सज्जा और त्यौहार की सामाग्री की दूकानें सजी नजर आने लगी हैं ।जबकि हर रोज खरीदारी के लिए दिन में भीड़ बढ़ रही है। यातायात को नियंत्रित व व्यवस्थित करने पुलिस विभाग ने जवानों की तैनाती शुरू की है। रायपुर के सदर सराफा बाजार और पंडरी के कपड़ा व्यापारियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए बाजार में कई प्रकार की वैरायटी लेकर आए है और उम्मीद कर रहे है कि इस बार दीपावली पर सराफा बाजार में 100 और कपड़ा बाजार में 150 करोड़ का व्यापार होने की उम्मीद है ।
सोने की कीमत में उछाल- दीपावली पर सराफा बाजार में बने ट्रेंड पर जनजागरूकता से बातचीत में सदर सराफा ऐसोंसिएशन के अध्यक्ष सुरेश भंसाली ने बताया कि सदर सराफा बाजार में इस बार अच्छा माहौल है । बाजार में 50 से 75 प्रतिशत ग्रोथ आई है। इसीलिए सोने के दाम में पिछले एक हफते में काफी उछाल आया है और सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 51 हजार से बढ़कर 53 हजार प्रति 10 ग्राम हो गया है इसमें 2 हजार रूप्ए की तेजी आई है ऐसे में सभी व्यापारी उम्मीद कर रहे है कि बहुत अच्छा सेल होगा इस दीपावली मेें 100 करोड़ के व्यापार की उम्मीद है। उनका कहना था कि सोने के दाम में बढ़ोत्तरी के कारण ग्राहक कम वजन वाले सोने के आभूषण को पसंद व मांग कर रहे है। आने वाले दिनों में दीपावली के बाद शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा इसीलिए आम लोग दोनोे उत्सव को ध्यान में रखकर खरीदी कर रहे है। यही वजह की ग्राहक एडवांस में बुकिंग कर रहे है ताकि भाव में परिवर्तन आने पर भी विशष असर न हो । उन्होनें बताया कि व्यापारी दीपावली और शादी के मददेनजर स्टॉक लाकर रखा है । उनके अनुसार इस समय बाजार के सभी पैरामीटर सही है ।
राज्य सरकार से मिल रहा अच्छा सहयोग -ऐसों के अध्यक्ष भंसाली ने बताया कि दीपावली पर राज्य सरकार से अच्छा सहयोग मिल रहा है। व्यापार बढ़ाने के लिए अच्छा सहयोग मिल रहा है यहां कोविड के 2 साल बाद व्यापार को लेकर यातायात सहित सभी तरह की सुविधाएं मिल रही है
ग्राहकों की विशेष मांग इस बार ग्राहक बजट के अनुसार कम वजन के सोने के आभूषण को पसंद कर रहे है। चैन, कंगन कान की बाली फैंसी ज्वेलरी व कुंदन मोती की विशेष मांग की जा रही है ।
3 प्रतिषत जी एस टी- भंसाली ने बताया कि सोने सहित सभी तरह के आभूषण में 3 प्रतिशत जी एस टी लगाया जाता है इसके बाद भी ग्राहक और व्यापारी सभी तरह के कर जमा करने के लिए तैयार है और जमा कर रहे हैं।
मध्य भारत का सबसे बड़ा मार्केट बना रायपुर
150 करोड़ रूप्ए का होगा व्यापार- पंडरी कपड़ा मार्केट की स्थिति पर चर्चा करते हुए जनजागरूकता को रायपुर थोक कपड़ा व्यापारी संघ के पूर्व अध्यक्ष वर्तमान में सरंक्षक चंदर विधानी ने बताया कि अच्छी ग्राहकी हो रही है। व्यापारियों ने अच्छा कलेक्न किया है ताकि ग्राहकों को हर वैरायटी के कपड़े उपलब्ध करा सके। उन्होनें बताया कि रायपुर में ओड़िसा, झारखंड विदर्भ, महाकोषल से खरीदी के लिए काफी व्यापारी आते है साथ ही आम लोग भी खरीदी करते है इसी वजह से रायपुर का पंडरी कपड़ा मार्केट मध्यभारत का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है । अच्छा कलेक्षन और वैरायटी के कारण अब उच्च घराने के लोग भी त्यौहार या पारिवारिक फेस्टीवल में खरीदी के लिए अब कोलकाता मुंबई नही जाते है रायपुर आकर खरीदी करना पसंद करते है। यही नहीं उनका कहना था कि मध्यम वर्गीय परिवार को खरीदी के अच्छे शो रूम और आउटलेट रायपुर में उपलब्ध हो गए है ।
150 करोड़ के व्यापार की उम्मीद- संघ के सरंक्षक विधानी ने बताया कि रेडीमेड और होलसेल का बड़ा मार्केट होने के कारण इस बार 150 करोड़ से अधिक के व्यापार की उम्मीद व्यापारी कर रहे है। कोरोना के 2 साल बाद बाजार पूरी तरह से खुले है आम से लेकर खास सभी मिलकर जमकर खरीदी कर रहे है।
2 हजार से 2 लाख तक घाघराचोली, लांचा उपलब्ध- उन्होने बताया कि आने वाले दिनों मे दीपावली के तुंरत बाद शादियों का सीजन आ जाएगा इसीलिए व्यापारियों ने लांचा और घाघराचोली ब्रांडेड साड़ियां ट्रेडीसनल साड़ियां का स्टॉक तैयार किया है इसमें 2 हजार से लेकर 2 लाख रूप्ए तक वैरायटी उपलब्ध है। युवाओं में अच्छे ब्रैेंड ब्लेैकबेरी, क्लीयर्स, के शो रूम है जहां खरीदी हो रही है।
महानगरीय शोरूम की झलक- उनका कहना था कि रायपुर में महानगरीय संस्कृति वाले शो रूम खुल गए है जहां खरीदी की जा रही है पाष्चात्य पंसद के कपड़े उपलब्ध है इसमें मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बजट अनुसार सलवार कुर्ते शेरवानी मोदी जैकेट कुर्ता पैजामा आदि विषेष है जो पंसद किए जा रहे है और मांग भी है। शेरवानी ओैर घाघराचोली तो शादियों में विषेष उपयोगी होती है इसीलिए अभी से मांग में है।
आर्डर बनाकर देते हेै पसंद के कपड़े- पंडरी कपड़ा बाजार में अब खुबियां है कि ग्राहक को ललचा सकती है क्योंकि फोटो के अनुसार ग्राहक को कपड़ा तेैयार कर दिए जाने लगा है हर रेंज के कपड़े आर्डर बनाकर दिए जाते है।
ग्राहक की खरीदी क्षमता में इजाफा-बताया जा रहा हेै कि कपड़ा बाजार में अब सस्ता माल व कपड़ा आना बंद हो गया सैलरी बढ़ने के कारण हर किस्म के ग्राहक मंहगे कपड़े खरीदना पसंद कर रहे है डिमांड भी बढ़ रही है एक आम ग्राहक 1हजार से 1लाख तक की खरीदी सीजन में करने लगा है । इसमें ग्राहकी की मांग और आवष्यकता भी देखी जाती है।
कपड़े पर 5 से 12 प्रतिशत जीएस टी- व्यापारी विधानी ने बताया कि कपड़े पर 5से लेकर 12 प्रतिशत तक जीएसटी लगता है इसमें 12 प्रतिशत रेडीमेड पर जीएसटी लगता है जो कपड़े के दाम में शामिल होता है। फिर भी ग्राहकी अच्छी है और अच्छी होने की उम्मीद है।

