बाढ़, भूकंप सहित अन्य आपदाओं से बचाव के लिए किया गया मॉक एक्सरसाईज
अभ्यास के दौरान सबसे पहले प्रोफाइलेक्टिक इवैक्युएशन का अभ्यास किया गया। जिसमें बाढ़ ग्रस्त गांव, मेले की भगदड़, भूकंप की सूचना जैसे ट्रिगर मिलने पर न्युनतम 100 लोगों को उस स्थान से दूर ले जाने का अभ्यास किया गया। इसी प्रकार दुसरा अभ्यास सर्च एंड रेस्क्यू का किया गया। जिसमें बाढ़ जैसे स्थिति में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। तीसरे चरण में साइट स्टेजिंग एरिया बनाकर बाहर से मदद के लिए आये पार्टी के रूकने, उनके वाहनों की पार्किंग, लोगों की भीड़, सैनिटेशन, पेयजल, वे इन-वे आउट आदि की व्यवस्था बनाने अभ्यास किया गया। अभ्यास के चौंथे चरण में रिलीफ कैंप बनाकर आपदा में फंसे लोगों को रिलीफ कैम्प में ठहराने व उनको भोजन, दवाई आदि मुहैया कराने की व्यवस्था से संबंधित अभ्यास किया गया।
अभ्यास के अंतिम चरण में नगर सेना के अग्निशमन दल की ओर से आपदा की कल्पना कर इसमें फंसे लोगों को निकालने का अभ्यास जशपुर के महाराजा चौंक में किया गया। पुरे अभ्यास के पर्यवेक्षण के लिए कलेक्टर रवि मित्तल की ओर से नोडल अधिकारीयों की नियुक्ति की गई थी, जिनका कार्य उस साईट पर होने वाली प्रक्रियाओं को कोआर्डिनेट करना तथा जिले के ईओसी केन्द्र में जानकारी भेजना था। उक्त अभ्यास में अपर कलेक्टर लवीना पांडेय, जिला सेनानी व जिला अग्निशमन अधिकारी योग्यता साहू, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण नगर सेना के जवान तथा आम नागरिक उपस्थित थे।

