छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री को किये महज एक ट्वीट पर दिव्यांग सुशांत को तत्काल मिली राहत

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक आम जनता की पहुंच कितनी सुलभ है और वे लोगों की तकलीफों को कितनी संजीदगी से लेकर उनका निराकरण करवाते है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिलासपुर निवासी प्रशांत दास मानिकपुरी द्वारा अपने दिव्यांग पुत्र की परेशानी को लेकर किये गये महज एक ट्वीट पर उनकी समस्या का तुरंत समाधान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से किया गया।

मानिकपुरी ने अपने 11 वर्षीय दिव्यांग बेटे सुशांत मानिकपुरी के लिये ट्वीटर पर मुख्यमंत्री से सहायता की मांग की थी। मुख्यमंत्री सचिवालय ने उनके ट्वीट को तत्काल संज्ञान में लेते हुए संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग को मामले का परीक्षण करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने त्वरित कार्यवाही करते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को उनके उसलापुर स्थित निवास में भेजा। अधिकारियों ने सुशांत की जरूरत को देखते हुए उसे आने जाने में सुविधा देने के लिए व्हील चेयर तत्काल दिया। सालों से बहु दिव्यांगता का दंश झेल रहे सुशांत के लिए यह व्हील चेयर किसी वरदान से कम नहीं है। समाज कल्याण विभाग की ओर से इनका यूडीआईडी कार्ड भी तत्काल बनाया गया। जिसमें बताया गया कि सुशांत की दिव्यांगता का प्रकार मानसिक मंदता है तथा यह 60 प्रतिशत है। फिलहाल सुशांत की शिक्षा व्यवस्था प्राथमिक शाला शांतिनगर में हो रही है। सुशांत को छात्रवृत्ति के साथ सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्काउड एलाउंस भी शिक्षण व्यवस्था के तहत दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त समाज कल्याण विभाग की ओर से स्पेशल एजुकेशन व पेंशन देने की प्रकिया भी शुरू कर दी गई है।

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