छत्तीसगढ़

नदी-नाले एवं पुराने पुल-पुलिया को पार करते समय एहतियात बरतें

 मानसून के चलते जिले में चार पांच दिन से भारी बारिश हो रही है, जिससे नदी-नालों और पुराने पुल-पुलियों में जलस्तर बढ़ गया है। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने जनता के नाम जारी संदेश में कहा कि वे किसी भी हालत में जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नाले पार न करें।

  कलेक्टर श्री मलिक ने कहा कि भारी बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने पुल-पुलियों पर पानी का बहाव तेज है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस मौसम में अत्यंत सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
 कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन ने सभी आवश्यक उपाय किए हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है। इसलिए, किसी भी स्थिति में जोखिम न लें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।“ उन्होंने विशेष रूप से वाहन चालकों से कहा है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलमग्न सड़कों पर ड्राइविंग न करें। साथ ही, पैदल यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और आवश्यकतानुसार राहत कार्यों को सुनिश्चित करें। आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि किसी भी जरूरतमंद को त्वरित सहायता मिल सके। आपदा नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07723-223305 तथा ई-मेल  msamund.cg@nic.in है।
  कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा, “आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसलिए, सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मांगें।“

 

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