छत्तीसगढ़

रायपुर पुलिस के निजात अभियान से कई लोगों को मिला जीवन का नया रास्ता

 रायपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'निजात' अभियान के तहत जिले में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता और काउंसलिंग के माध्यम से दर्जनों लोगों ने नशे की लत से मुक्ति पाई है, जबकि सैकड़ों लोगों को उनके जीवन को एक नई दिशा मिली है।

आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. संतोष सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित व्यक्तियों को पुनर्वासित करना है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न थानों में नशा-मुक्ति कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां एनजीओ, डॉक्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से प्रभावित व्यक्तियों की काउंसलिंग की जा रही है।



अब तक, 370 लोगों को काउंसलिंग दी गई है, जिनमें से कई ने नशे को पूरी तरह से छोड़ दिया है। उदाहरण के लिए, थाना उरला के तहत ललित साहू, जो पहले नशे का आदी था, अब टाटा मोटर्स में मैकेनिक का काम कर रहा है। इसी तरह, एक अन्य युवक, जो बचपन से नशे का आदी था, अब रायपुरा में एक कार श्रृंगार दुकान संभाल रहा है।



थाना सिविल लाइन क्षेत्र के करण रेड्डी, जो शराब के नशे में लोगों के साथ मारपीट करता था, अब बस स्टैंड भाठागांव में काम कर रहा है और उसके व्यवहार में काफी सकारात्मक परिवर्तन आया है।



पुलिस की लगातार काउंसलिंग और प्रयासों से कई परिवार, जो नशे के कारण बिखर गए थे, अब सुखद जीवन बिता रहे हैं। थानों के प्रभारी और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार नशे से ग्रसित व्यक्तियों की मदद कर रहे हैं, जिससे वे न केवल नशे से मुक्त हो रहे हैं, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा भी दे रहे हैं।

अभियान के तहत कुछ नामों को उनकी सहमति से सार्वजनिक किया गया है, जबकि अन्य की जानकारी गोपनीयता के मद्देनजर नहीं दी गई है।



रायपुर पुलिस के इस प्रयास को स्थानीय समुदाय में काफी सराहना मिल रही है, और इसे एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

Leave Your Comment

Click to reload image