चोरी के जेवर बेचने के आरोप में गिरफ्तार ऋषभ की आधा दर्जन से अधिक जगहों पर संचालित है ज्वेलर्स दुकान...
कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भूमाफिया सराफा कारोबारियों और उनके रिस्तेदारो द्वारा एक ही नाम महावीर ज्वेलर्स के नाम से जिले में अलग अलग जगहों लोहारा, पांडातराई, रेंगाखर, झलमला, रबेली, कंझेटा, इन्दोरी, दशरंगपुर और बिरोडा में दुकान संचालन का राज क्या है। प्रोपराइटर भले ही अलग-अलग हो किन्तु असली मालिक कौन इसकी जांच आवश्यक है क्योंकि विगत दिनों पांडातराई दुकान में मध्यप्रदेश के शातिर डकैत व चोर से माल खरीदने के आरोप में संचालक ऋषभ जैन जेल की हवा खा रहा है। महावीर ज्वेलर्स की जिला मुख्यालय के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित दुकानों की सीसी टीवी की जांच प्रशासन करे तो कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते है।
भूमाफिया दबंग मामा और भांजों की दुकानों की सीसी टीवी फुटेज की जांच आखिर कौन करेगा , क्योंकि इनकी राजनैतिक पहुंच के चलते इनके खिलाफ होने वाली शिकायतों पर कार्यवाही करने में शासन प्रशासन के हाथ पैर फूल रहे है। सनद रहे कि नगरपालिका में इनके अवैध निर्माण पर पालिका मात्र नोटिश नोटिश खेल रही है अबैध निर्माण पर 6 नोटिश के बाद फिर 7 वी नोटिश दे कर भूमाफिया सराफा कारोबारी भाइयो को बचाने का चल रहा खेल । कुंवा चोरी की शिकायत मामले की जांच भी डेढ़ बरस में नही हों पाई है चालू।
महावीर ज्वेलर्स पांडातराई के ऋषभ जैन की गिरफ्तारिनके बाद से महावीर ज्वेलर्स के सम्बंधित प्रतिष्ठानों की जांच आवश्यक हो चली है आखिर इन सबका असली मालिक है कौन ? भूमाफिया सराफा कारोबारी बन्धुओ व उनके रिश्तेदारों की फाइलों को दबाने आखिर किसका है दबाव किसकी है रुचि ? क्या भूमाफिया सराफा कारोबारियों के खिलाफ जांच व कार्यवाही हो पाएगी या राजधानी के इशारों पर फाइल दफन कर दी जाएगी समय के गर्भ में है।

