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किसान मेला का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल एवं बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेंगांव जंगल में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में किसान मेला लगाने का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं और उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि यहां के किसान भी आधुनिक खेती से जुड़कर अधिक लाभ कमा सकें। 

     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार जिन किसानों ने धान बेचा है, उन्हें 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से शेष अंतर की राशि का भुगतान होली पर्व से पूर्व एकमुश्त कर दिया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। पीएम श्री एकलव्य आवासीय विद्यालय के मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने तथा आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
      इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, सभापति श्री रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, श्री नीतेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेश राम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री मोहन,  बोडला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय पाटिल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री मनीराम साहू, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री सुरेश दुबे, श्री अमित वर्मा, सहित जनप्रतिनिधि क्षेत्र के नागरिक उपस्थित थे।

उन्नत कृषि से बढ़ेगा उत्पादन और आमदनी

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उन्नत कृषि के उदाहरण देते हुए टमाटर और बैंगन की मिश्रित ग्राफ्टिंग से तैयार पौधों के उत्पादन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान केवल एक ही फसल पर निर्भर न रहें, बल्कि बहुफसली खेती अपनाकर आय के नए स्रोत विकसित करें। उन्होंने कहा कि किसान वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण कर खेत में जैविक खाद तैयार कर सकते हैं, जिससे लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि खेती किसानों का जीवन और परिश्रम है, इसलिए इसे आधुनिक, लाभकारी और वैज्ञानिक तरीके से करना आवश्यक है।

आजीविका डबरी से मिलेगा दोहरा लाभ

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आजीविका डबरी योजना के अंतर्गत खेतों में तालाब का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए जिला पंचायत और जनपद पंचायत में आवेदन किया जा सकता है। इससे एक ओर खेत में जल संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर सब्जी उत्पादन, मछली पालन और बकरी पालन जैसे कार्यों से अतिरिक्त आय के साधन विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के माध्यम से बकरी पालन, मछली पालन सहित अन्य गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है तथा उन्नत किस्म के बीज भी उपलब्ध कराए जाते हैं। किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए।

आधुनिक तकनीक के साथ खेती की ओर आगे बढ़े

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में अब युवा वर्ग आधुनिक तकनीक के साथ खेती की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई पीढ़ी खेती को रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम मानकर इसमें नवाचार और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रही है, जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ आय के नए अवसर भी बन रहे हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि समय के साथ खेती की पद्धति में बदलाव लाना जरूरी है। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, जैविक खाद और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। 

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किसान मेला में लगे कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन सहित विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को आधुनिक तकनीक और शासकीय योजनाओं की सही जानकारी देकर अधिक से अधिक लाभान्वित किया जाए।

उत्कृष्ट कृषकों का सम्मान, योजनाओं के तहत सामग्री और सहायता राशि वितरित

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को जैविक कीटनाशक तैयार करने के लिए 100 लीटर क्षमता के प्लास्टिक ड्रम वितरित किए गए। इसके साथ ही गन्ना विकास योजना अंतर्गत चयनित किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बैटरी स्प्रेयर प्रदान किए गए। कार्यक्रम में किसानों को समूह चेक का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें खेती और आजीविका से जुड़े कार्यों में आर्थिक सहयोग मिल सके।

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