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भारत को स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक बनाने में मदद करेगा 70 अरब डॉलर का निवेशः गौतम अडाणी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के सबसे अमीर उद्यमी गौतम अडाणी ने मंगलवार को कहा कि अडाणी समूह भारत में निवेश से न तो कभी पीछे हटा है और न ही कभी निवेश को धीमा किया है क्योंकि समूह अपनी वृद्धि को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखता है।

अडाणी ने अपने समूह की कंपनियों के शेयरधारकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नए ऊर्जा कारोबार में 70 अरब डॉलर के निवेश की पहले की गई घोषणा से भारत को कच्चे तेल के आयातक की जगह हरित हाइड्रोजन का निर्यातक बनाने में मदद मिलेगी।

अडाणी समूह के मुखिया ने कहा, भविष्य में हमारे भरोसे एवं यकीन को दर्शाने वाला सबसे अच्छा सबूत भारत के हरित बदलाव को संभव बनाने के लिए किया जाने वाला 70 अरब डॉलर का हमारा निवेश है।

समूह की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) वर्ष 2030 तक 45 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहती है। इसके लिए वह हर साल दो गीगावाट सौर क्षमता विकसित करने के लिए 20 अरब डॉलर का निवेश कर रही है। बाकी राशि का इस्तेमाल हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए विनिर्माण सुविधाएं बनाने में किया जाएगा।

अडाणी ने कहा, नवीकरणीय ऊर्जा में हमारी ताकत हमें हरित हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बनाने में समर्थन देगी। हम भारत को तेल एवं गैस के आयात पर अत्यधिक निर्भर देश से स्वच्छ ऊर्जा के शुद्ध निर्यातक देश में बदलने की पहल में सबसे आगे हैं।

उन्होंने कहा कि अडाणी समूह की सफलता भारत की विकास गाथा के साथ तालमेल पर आधारित है। अडाणी ने कहा, हमने कभी भी भारत में अपने निवेश को न तो धीमा किया है और न ही निवेश से अपने कदम पीछे खींचे हैं।

अडाणी ने कहा कि समूह भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माता के रूप में विकसित हो रहा है जो बड़े सड़क निर्माण अनुबंध हासिल कर रहा है और बंदरगाहों एवं लॉजिस्टिक से लेकर बिजली पारेषण एवं वितरण और शहरी गैस आपूर्ति तक के कारोबार का विस्तार कर रहा है।

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