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भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए विश्वसनीय भूमि प्रबंधन अनिवार्यः रक्षामंत्री

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों का आह्वान किया कि वे भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए भूमि के विश्वसनीय प्रबंधन को सुनिश्चित करें। वे आज 4 अगस्त, 2022 को आयोजित एक वेबिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। वेबिनार का आयोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सेटेलाइट एंड अन्मेंड रीमोट व्हीकल इनिशिएटिव (सीओई-एसयूआरवीईआई) द्वारा विकसित जीओग्राफिक इफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित एप्लीकेशंस का केंद्र और राज्य सरकारों के सभी विभागों, नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों तक प्रसार करने और इसके व्यापक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया।

सीओई-एसयूआरवीईआई की स्थापना रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपत्ति महानिदेशालय (डीजीडीई) द्वारा भूमि सर्वेक्षणों, आंकड़ों के विश्लेषण और भूमि प्रबंधन के काम में नई उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए की गई थी। पिछले कुछ महीनों में केंद्र ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र विशाखापट्टनम, भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशंस एंड जीयो इन्फॉरमेटिक्स गांधीनगर, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर आईआईटी दिल्ली और अन्य केंद्र सरकार के संगठनों के साथ मिलकर बहुत से सॉफ्टवेयर्स का विकास किया है ताकि प्रभावी भूमि प्रबंधन किया जा सके।

रक्षामंत्री ने कहा, निजी क्षेत्र के साथ सहयोग कर सीओई-एसयूआरवीईआई तेजी से भूमि सर्वेक्षण, विश्लेषण एवं प्रबंधन संबंधी देश की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक वन स्टॉप सेंटर बनने की ओर अग्रसर है। सीओई-एसयूआरवीईआई द्वारा विकसित एप्लीकेशंस में भूमि उपयोग विश्लेषण, भूमि उपयोग सर्वेक्षण, थ्रीडी इमेजरी विश्लेषण और चेंज डिटेक्शन एप्लीकेशंस शामिल हैं।

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