मोदी सरकार आत्ममुग्ध, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को कर रही तुच्छ : सोनिया गांधी
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को बधाई देते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। सोनिया ने लिखित संदेश में आरोप लगाया कि मोदी सरकार आत्ममुग्ध है जो स्वतंत्रता सेनानियों की उपलब्धियों को कमजोर साबित करने की कोशिश कर रही है। उनके संदेश में आगे लिखा गया है कि राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही गलत बयानबाजी का कांग्रेस विरोध करेगी।
सोनिया ने अपने संदेश में लिखा कि पिछले 75 सालों में भारत ने मेहनत के आधार पर विज्ञान, शिक्षा समेत सभी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक अमिट छाप छोड़ी है। भारत ने अपने दूरदर्शी नेताओं के नेतृत्व में एक और जहां स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था स्थापित की, वहीं प्रजातंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाया। इसके साथ भारत ने धर्म संप्रदाय की बहुलतावादी कसौटी पर खरा उतरने वाले एक अग्रणी देश के रूप में पहचान बनाई है।
अपने संदेश में सोनिया गांधी ने आगे लिखा कि आज की आत्ममुग्ध सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की गौरवपूर्ण उपलब्धियों को तुच्छ करने पर तुली हुई है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक लाभ के लिए ऐतिहासिक तथ्यों पर कोई भी गलत बयानी तथा गांधी, नेहरू, पटेल, आजाद जी जैसे महान राष्ट्रीय नेताओं को असत्यता के आधार पर कठघरे में खड़े करने के हर प्रयास का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
रविवार को भाजपा ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को बंटवारे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इस पर कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सच यह है कि सावरकर ने सबसे पहले दो राष्ट्रों की थ्योरी दी और मोहम्मद अली जिन्ना ने इसे अमलीजामा पहनाया।वहीं कर्नाटक सरकार ने भी अपने विज्ञापन में स्वतंत्रता सेनानियों की सूची में नेहरू को स्थान नहीं दिया था, जिसकी कांग्रेस ने आलोचना की।

