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RBI ने जारी किया नया आदेश, बैंक अब जबरन नहीं कर सकते लोन की वसूली...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आरबीआई ने कस्टमर्स हित को ध्यान में रखते हुए बैंकों के लिए न्य आदेश जारी किया है। आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिया है कि आपत्तिजनक मैसेज भेजने, सोशल मीडिया पर बदनामी करने की घटना को भी बैंक और अन्य संस्थान रोकें। 

अब बैंक किसी विपरीत परिस्थिति में आपसे जबरदस्ती लोन की वसूली नहीं कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तमाम बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक नया सर्कुलर जारी किया है। इस आदेश में बैंकों से यह कहा गया है कि बैंक लोन (Bank Loan) लेने वाले ग्राहकों को धमकाने, प्रताड़ित करने, निजी डाटा के दुरुपयोग की घटनाओं को रोकें।

 

इसमें यह भी कहा गया है कि बैंक कर्ज लेने वालों के रिश्तेदारों, जान पहचान के लोगों को भी तंग करने की घटनाओं को भी रोकें।आरबीआई का ये सर्कुलर सभी कॉमर्शियल बैंक, सभी नॉन बैंक फाइनेंशियल कंपनीज, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनीज, ऑल इंडिया फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और सभी प्राइमरी अर्बन कॉपरेटिव बैंकों पर लागू है। 

आरबीआई ने अपने आदेश में साफ कहा है कि आपत्तिजनक मैसेज भेजने, सोशल मीडिया पर बदनामी करने की घटना को भी बैंक और अन्य संस्थान रोकें। हाल के महीनों में लोन ऐप्स वाले मामलों में रिकवरी एजेंट्स की मनमानी और जबरदस्ती के ढेरों मामले सामने आए हैं। इस नए सर्कुलर में आरबीआई ने यह भी कहा कि नियमों के अनुसार, सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद ग्राहकों को रिकवरी (RBI New Circular for Recovery Agent) के लिए कॉल न किया जाए। 

 

साथ ही आरबीआई ने यह भी कहा कि संस्थाएं ठीक से रिकवरी एजेंट्स से नियमों का पालन कराएं। कस्टमर्स को परेशान कर के इनसे वसूली न की जाए। आरबीआई ने सर्कुलर में यह सलाह दी जाती है, 'बैंक या संस्थान या उनके एजेंट किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न का सहारा नहीं लेंगे। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उनके कर्ज वसूली (Bank Loan Recovery) की कोशिशों में मौखिक या शारीरिक कृत्य का इस्तेमाल नहीं करेंगे। आरबीआई ने साफ कह दिया है कि अगर कस्टमर की तरफ से शिकायत आती है तो इसे हम काफी गंभीरता से लेने वाले हैं।'

 

 

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