लोगों का न्यायपालिका पर से भरोसा उठा तो लोकतंत्र को खतरा : रमणा
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा ने कहा कि अगर लोगों का न्यायापालिका पर से विश्वास उठ गया तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही दांव पर लग जाएगा। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा बना रहे, उनका भरोसा टूटे नहीं। जस्टिस रमणा अगले हफ्ते प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को न्यायापालिका से भरोसा टूट जाता है और न्यायपालिका ध्वस्त हो जाती है तो लोकतंत्र का बना रहना भी मुश्किल हो जाएगा।
जस्टिस रमणा विजयवाड़ा कोर्ट परिसर का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्र और हाई कोर्ट एवं अन्य अदालतों के जज उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सीजेआइ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जजों की नियुक्ति पर ध्यान दिया। उनके कार्यकाल में हाई कोर्ट में 250 से अधिक न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में 12 और विभिन्न हाई कोर्ट में 15 मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

