त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव को 'मुख्यमंत्री पद' से हटाया गया, विधायक दल की बैठक के बाद होगा अहम ऐलान
अगरतला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देव को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया है। शाम 5 बजे विधायक दल की बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सीएम देव अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप चुके हैं। पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिप्लब देव ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
बता दें वें 7 जनवरी 2016 से त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे 2018 में हुए त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा के जीत के सूत्रधार हैं। 9 मार्च 2018 को बिप्लब कुमार देब ने त्रिपुरा के दसवें मुख्यमन्त्री के रूप में शपथ ली थी।
इस्तीफे के बाद बिप्लब देब ने जारी की पहली प्रतिक्रिया
इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बिप्लब देब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि पार्टी किसी भी पद से बड़ी है। उन्होंने आने वाले वर्षों में त्रिपुरा के समग्र विकास के लिए काम करना जारी रखने का भी वादा किया।
बिप्लब देब ने कहा, "पार्टी सर्वोच्च है। मैं पार्टी के फैसले का सम्मान करता हूं और मेरा मार्गदर्शन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देता हूं। मैं त्रिपुरा के समग्र विकास के लिए काम करना जारी रखूंगा।"
अपनी पहली प्रतिक्रिया में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दावा किया कि देब का इस्तीफा भाजपा में 'अंदरूनी' का कारण था। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया, "बिप्लब देब के साथ जो हुआ वह भाजपा के दो समूहों के बीच संघर्ष का परिणाम है। उनमें बहुत गुटबाजी है, यह (इस्तीफा) अंदरूनी कलह का परिणाम है।"
बिप्लब देब का इस्तीफा 2023 के त्रिपुरा चुनावों की अगुवाई में आया है। 25 साल के वाम मोर्चे के शासन को समाप्त करने के बाद 2018 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था।

