हिंदुस्तान

6 वर्ष से अधिक सजा वाले सभी अपराधों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य : अमित शाह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा कर विभिन्न विषयों पर अधिकारियों के साथ लम्बी बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोषसिद्धि दर को बढ़ाने और आपराधिक न्याय प्रणाली को फोरेंसिक विज्ञान जांच के साथ एकीकृत करने के लिए दिल्‍ली में 6 वर्ष से अधिक सजा वाले सभी अपराधों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिये। श्री शाह ने यह भी कहा कि गंभीर प्रकृति के चिंहित अपराधों में पुलिस द्वारा चार्जशीट को लीगल वैटिंग (Vetting) के पश्‍चात ही दायर किया जाए। गृह मंत्री ने कहा कि निगरानी (surveillance) अपराध को रोकने व इसकी जांच में पुलिसिंग का प्रमुख अंग है,इसलिए दिल्‍ली में सिविल प्रशासन, पुलिस द्वारा लगाये गए कैमरों के साथ ही सार्वजानिक स्थलों जैसे एयरपोर्ट, रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैण्‍ड, बाजार, RWAs द्वारा लगाये गए CCTV कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा (Integrate) जाए।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ड्रग्स के अभिशाप से देश को मुक्त करने के लिए संकल्परत है इसलिए दिल्‍ली में नार्कोटिक्‍स के ऊपर नकेल कसने के लिए विस्‍तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। उन्होने कहा कि दिल्ली/एन.सी.आर व समीप के राज्यों में सक्रिय मल्‍टी स्‍टेट क्रिमिनल गैंग्स पर नकेल कसने की रणनीति बनाई गई है। बैठक में भारत में आयोजित होने वाले जी-20 सम्‍मेलन की सुरक्षा पर गहन चर्चा की गई। केन्द्रीय गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि गृह मंत्रालय की एक टीम द्वारा सुरक्षा अध्‍ययन के लिए कुछ ऐसे देशों का दौरा किया जाये जहां जी-20 सम्‍मेलन का सफल आयोजन हो चुका है।

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