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आगे ही नहीं, कार में पीछे बैठने वालों के लिए भी सीट बेल्ट जरुरी : नितिन गडकरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।जाने-माने उद्योगपति और टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत के बाद रोड सेफ्टी फीचर्स को लेकर कई सवाल खड़े हुए हो रहे हैं। मिस्त्री की मौत एक सड़क हादसे में हो गई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वह पीछे की सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से देश में होने वाले सड़क हादसों को लेकर सवाल पूछा गया। गडकरी ने कहा कि देश के लोगों को सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है।

गडकरी ने इस दौरान चार मुख्यमंत्रियों के साथ कार में सफर का किस्सा भी सुनाया। गडकरी ने बताया कि कैसे सीट बेल्ट ना लगाने पर उन्होंने कार ड्राइवर को डांट लगाई थी। गडकरी कहते हैं, 'आम लोगों को तो भूल जाओ। मैं एक बार चार मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी कार से जा रहा था... नाम मत पूछिये। मैं फ्रंट सीट पर बैठा था, मैंने देखा कि सीट बेल्ट की जगह पर क्लिप लगी थी, जिससे सीट बेल्ट न लगाने पर भी अलार्म की आवाज न आए। मैंने ड्राइवर को डांटा और सुनिश्चित किया कि कार चलने से पहले सीट बेल्ट लगा लूं।' गडकरी ने बताया कि मैंने इस तरह के क्लिप के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मैंने भी जवानी में तोड़े हैं नियम
गडकरी ने कहा, जवानी में मैंने भी बहुत नियम तोड़े हैं, लेकिन तब इसका अहसास नहीं था कि यह कितना खतरनाक है। उन्होंने कहा, कॉलेज के दिनों में चुनाव के टाइम पर वे एक स्कूटर पर चार लोग बैठकर घूमते थे। नंबर प्लेट को हाथ से छिपा लेते थे, जिससे चालान न हो। उन्होंने कहा, हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा और नियमों का पालन करना ही होगा।

पीछे बैठने वालों को भी सीट बेल्ट लगाने की जरूरत :
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'पीछे वाली सीट पर बैठे लोगों को लगता है कि उन्हें सीट बेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है। ये समस्या है। मैं किसी हादसे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, लेकिन आगे और पीछे की सीट पर बैठने वाले सभी लोगों को सीट बेल्ट पहनने की जरूरत है।'

बता दें कि गडकरी आईएए के ग्लोबल समिट- Nations As Brands कार्यक्रम में बोल रहे थे। गडकरी ने कहा कि सरकार सभी कारों में 6 एयरबैग्स अनिवार्य करने पर भी विचार कर रही है। गडकरी ने कहा, 'जब देश से गाड़ी एक्सपोर्ट की जाती है तो उसमें 6 एयरबैग्स होते हैं। तो फिर भारतीय कारों में चार एयरबैग ही क्यों होते हैं। क्या भारतीयों की जान की कीमत नहीं है? जब बड़ी संख्या में एयर बैग का निर्माण होगा तो इसकी कीमत घटकर 900 रुपये रह जाएगी।'

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