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अन्याय प्रतिकार यात्रा : विवादस्पद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा समेत 25 आरोपी फरार घोषित

 वाराणसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वाराणसी में अन्याय प्रतिकार यात्रा के सात साल पुराने मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा, महंत बालकदास समेत फरार 25 आरोपियों की संपत्ति कुर्क का आदेश कोर्ट ने दिया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत ने एडीसीपी काशी राजेश कुमार पांडेय को गैर जमानती वारंट जारी करते हुए संपत्ति कुर्क करने और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। इसमें पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल, आसित दास अन्य 25 आरोपी हैं। ये सभी कोर्ट से फरार हैं।



अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान हुआ था भारी बवाल
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पांच अक्तूबर 2015 को मैदागिन स्थित टाउनहाल मैदान से प्रतिकार यात्रा निकाली गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगे-आगे भी एक जत्था चल रहा था। शाम करीब साढ़े चार बजे के आसपास गोदौलिया चौराहे पर खड़ा एक सांड भड़क गया और गिरजाघर चौराहे की ओर भागा। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

भगदड़ देख चौक से गोदौलिया की ओर बढ़ रही अन्याय प्रतिकार यात्रा में शामिल लोग भी भागने लगे। उन्हें लगा कि पुलिस ने यात्रा रोकी है और लाठीचार्ज कर दिया गया है। इसी बीच मौका पाकर उपद्रवियों ने पहले पुलिस बूथ फिर एक सरकारी जीप में आग लगा दी। बूथ में लगी आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटों ने ठीक पीछे तांगा स्टैंड को भी अपनी चपेट में ले लिया।

एक मजिस्ट्रेट की जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस की वैन, लगभग दो दर्जन बाइक आग के हवाले कर दी गई। इस दौरान गोदौलिया तांगा स्टैंड पर कहीं से दो पेट्रोल बम भी फेंके गए। इससे आग और तेजी से फैली। वहीं पथराव में तत्कालीन एडीएम एमपी सिंह, सिगरा थानाध्यक्ष, पीएसी का एक जवान और एक चैनल का फोटोग्राफर बुरी तरह घायल हो गया।

उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं, फिर आंसू गैस और रबड़ बुलेट का इस्तेमाल किया। हवाई फायरिंग भी हुई। पुलिस ने उपद्रव प्रभावित इलाकों को जाने वाले रास्तों को सील कर दिया। हालात काबू में नहीं आता देख कोतवाली, चौक, दशाश्वमेध, लक्सा और चेतगंज थाना क्षेत्रों में दो से ढाई घंटे का कर्फ्यू लगाया गया था।

इसी मामले में दशाश्वमेध थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा, महंत बालक दास, पूर्व विधायक अजय राय,  पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल, असित दास समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मामले में पूर्व विधायक अजय राय कोर्ट में हाजिर हो गए हैं, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत 25 लोगों के हाजिर न होने पर कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर संपत्ति कुर्क का आदेश दिया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में 28 अक्टूबर को होनी है। जमानत अर्जी पहले से ही कोर्ट में है, ऐसे में गिरफ्तारी वारंट का कोई मतलब नहीं है।
- रमेश कुमार उपाध्याय, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता


बता दें कि इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में ज्योतिष पीठ के नए शंकराचार्य के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पट्टाभिषेक पर रोक लगा दी थी। जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा पीठ को सूचित करने के बाद आदेश पारित किया कि पुरी में गोवर्धन मठ के शंकराचार्य ने एक हलफनामा दायर किया है।

 

 

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