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CJI UU Lalit ​विदाई समारोह में हुए भावुक, बोले- 'मेरी यात्रा अब यहीं समाप्त', 10 हजार से ज्यादा मामले निपटाए

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश) उदय उमेश ललित आज रिटायर हो गए। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा उनके सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यू.यू. ललित भावुक हो गए। उन्होंने बार के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, "इस अदालत में मेरी यात्रा कोर्ट 1 में शुरू हुई। मैं यहां एक मामले का उल्लेख करने आया था जिसे मैं सीजेआई वाईवी चंद्रचूड़ के समक्ष पेश कर रहा था। मेरी यात्रा अब यहां समाप्त होती है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।"

बता दें कि, अपने कार्यकाल के अंतिम दिन भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा किया। उन्होंने कहा कि, मैंने अपने कार्यकाल की शुरूआत से लेकर अब तक 10,000 से अधिक मामलों को निपटारा किया है। इसके अलावा हमने 13,000 से अधिक मामलों का निष्पादन किया है।' उन्होंने कहा कि, वह एक उपलब्धि की भावना के साथ जा रहे हैं।

यूयू ललित को नामित सीजेआई न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने विदाई दी। औपचारिक पीठ में सीजेआई ललित, जिसकी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया गया, मुख्य न्यायाधीश-नामित न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी के साथ बैठे नजर आए। इस मौके पर, नामित सीजेआई न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा कि, भारत के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित द्वारा अपने 74 दिनों के कार्यकाल के दौरान जिन सुधारों की शुरूआत की गई है, उनमें निरंतरता बनी रहेगी।'

भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश थे यूयू ललित
अब आगामी 8 नवंबर को यूयू ललित के रिटायरमेंट के बाद जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को भारत का 50वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाएगा। भारत की न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में यूयू ललित का 74 दिनों का संक्षिप्त कार्यकाल था। उन्होंने कहा कि, वह उपलब्धि की भावना के साथ जा रहे हैं और उन्हें पूर्ण संतुष्टि भी है।' मालूम हो कि, सीजेआई ललित ने शपथ लेते हुए वादा किया था कि साल भर में कम से कम एक संविधान पीठ काम करने की कोशिश करेगी।
बार के सदस्यों ने कहा कि वे सीजेआई ललित को याद करते रहेंगे। इसके बाद सदस्यों ने उन्हें बेंच पर एक सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी।

न्यायाधीश बनने से पहले वरिष्ठ अधिवक्ता थे
बता दें कि, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने से पहले न्यायमूर्ति ललित एक प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता थे। उन्हें 13 अगस्त 2014 को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। जस्टिस ललित ऐसे दूसरे CJI बने, जिन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की बेंच में पदोन्नत किया गया था। जस्टिस एसएम सीकरी, जो जनवरी 1971 में 13वें CJI बने, वह मार्च 1964 में सीधे शीर्ष अदालत की बेंच में पदोन्नत होने वाले पहले वकील थे।

9 नवंबर 1957 को महाराष्ट्र में जन्म हुआ
जस्टिस ललित का जन्म 9 नवंबर 1957 को महाराष्ट्र के सोलापुर में हुआ था। उनके पिता, यूआर ललित, बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में एक अतिरिक्त जज और सुप्रीम कोर्ट में एक वरिष्ठ वकील थे। न्यायमूर्ति ललित ने जून 1983 में एक वकील के रूप में नामांकन किया। उन्होंने आपराधिक कानून में विशेषज्ञता हासिल की और 1983 से 1985 तक बॉम्बे उच्च न्यायालय में अभ्यास किया। उन्होंने जनवरी 1986 में अपनी प्रैक्टिस को दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया और अप्रैल 2004 में उन्हें शीर्ष अदालत द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। बाद में उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सुनवाई के लिए सीबीआई का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया।

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