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हर साल 17,600 लोग सेना में समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं, किसी ने उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे: लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच  रक्षा मंत्रालय ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान भारतीय नौसेना की ओर से कहा गया कि 21 नवंबर से पहला नौसैनिक अग्निवीर बैच ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट आईएनएस चिल्का, ओडिशा में पहुंचना शुरू हो जाएगा। इसके लिए महिला और पुरुष दोनों अग्निवीरों को जाने की अनुमति होगी।

इस दौरान यह भी कहा कि कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वालों ने छात्रों को भड़काकर प्रदर्शन कराया है। अग्निवीर बनने वाले शपथपत्र देगा कि उसने कोई प्रदर्शन नहीं किया है न तोड़फोड़ की। बिना पुलिस वेरीफिकेशन के कोई सेना में शामिल नहीं होगा। युवा फिजिकली तैयार हों, ताकि वह हमारे साथ जुड़कर ट्रेनिंग कर सकें। महिलाएं भी अग्निवीर बनेंगी, उन्हें अलग-अलग ट्रेड में शामिल किया जाएगा।
 
लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी, अतिरिक्त सचिव, सैन्य मामलों के विभाग ने कहा की हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी कहा , अग्निवीर को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती है। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।

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