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राष्ट्रपति ने सभी से श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी से श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। वे आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि सभी देशवासी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि महात्मा गांधी सहित स्वतंत्रता सेनानी श्रीमद्भगवद गीता से मार्गदर्शन लेते थे। उन्होंने विदेशों में पवित्र ग्रंथ को लोकप्रिय बनाने के हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गीता और योग शास्त्र पूरी मानवता को भारत की देन हैं।

राष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों के लिए हरियाणा सरकार की प्रशंसा भी की। उन्होंने हरियाणा परिवहन-नेशनल कॉमन ई-मोबिलिटी कार्ड और निरोगी हरियाणा योजना की ई-टिकटिंग प्रणाली का  वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। श्रीमती मुर्मू ने 950 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिरसा मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास भी किया।

आयोजन से पहले राष्ट्रपति ने गीता पूजन किया और गीता यज्ञ में पूजा अर्चना की। उन्होंने राज्य प्रदर्शनी, हरियाणा पवेलियन और शिल्प उद्यान का भी उद्घाटन किया। राष्ट्रपति दो दिन के हरियाणा दौरे पर हैं।

 

 

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