हिंदुस्तान

भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने से विश्व स्तरीय ज्ञान और विज्ञान प्राप्त होगा : मुर्मू

 

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण) राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय भाषाओं में शिक्षा देने का आह्वान किया है। दिल्‍ली के इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय मुक्‍त विश्‍वविद्यालय -इग्‍नू के 36वें दीक्षांत समारोह में उन्‍होंने कहा कि विज्ञान की विश्‍वस्‍तरीय शिक्षा भी भारतीय भाषाओं में दी जा सकती है। 

राष्‍ट्रपति ने शिक्षा सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में महिलाओं की प्रगति की सराहना की है। उन्‍होंने कहा कि डिग्री, प्रमाणपत्र और डिप्‍लोमा प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों में 55 प्रतिशत महिलाएं हैं। लगभग दो लाख उन्‍नासी हजार नौ सौ अट्ठारह विद्यार्थियों को डिग्री, प्रमाणपत्र और डिप्‍लोमा दिये गए हैं।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार देश में 2035 तक 50 प्रतिशत दाखिले के अनुपात को प्राप्‍त करने का लक्ष्‍य है। इग्‍नू इस लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में बडा योगदान दे रहा है। उन्‍होंने कहा कि नई नीति का उद्देश्‍य भारत को वैश्विक ज्ञान का सुपर पावर बनाना है।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि इग्‍नू ने उच्‍च शिक्षा को बढावा देने में एक सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्‍होंने कहा कि दूर दराज, ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्‍च‍ शिक्षा के अवसर प्रदान करने में विश्‍वविद्यालय ने एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्‍होंने कहा कि कई नौकरीपेशा और स्‍वरोजगार वाले व्‍यक्ति अपने कौशल को बढाने के लिए इग्‍नू से शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं। राष्‍ट्रपति ने कहा कि इस प्रकार के लोग दूरस्‍थ शिक्षा के जरिए शिक्षा लेकर रोजगार प्राप्‍त कर सकते हैं।

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