शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के बारे में हुई चर्चा
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हैदराबाद में शुरू हुई डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्यकारी समूह की बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हाई स्पीड मोबाइल ब्रॉडबैंड के उपयोग और समाज पर इसके प्रभाव, डिजिटल समावेश, टिकाऊ हरित डिजिटल बुनियादी ढांचे से जुडी चुनौतियों और इससे जुड़े अवसरों से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार रखे। बैठक के एक भाग के रूप में दूर संचार मंत्रालय ने तीन विषयों पर सत्र आयोजित किये।
हाईस्पीड मोबाइल ब्रॉडबैंड और इसके प्रभाव पर विशेषज्ञों के पैनल ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक उच्च गति से संचार सम्पर्क सुविधा उपलब्ध कराने के साथ साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के बारे में चर्चा की। बैठक में मोबाइल इंटरनेट तक पहुंच, स्मार्ट फोन और वरिष्ठ नागरिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सहायता पहुंचाने के संबंध में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए अतिरिक्त उपाय किये जाने के बारे में विचार विमर्श किया गया।
डिजिटल समावेश- सम्पर्क से कटे लोगों तक सम्पर्क के संबंध के विषय पर विचार विमर्श के दौरान डिजिटल बदलाव से लोगों को जोडने पर मंथन किया गया। इस दौरान सम्पर्क के साधनों तक पहुंच, उनकी ग्राह्यता, मूल्य सृजन, गति, कम लागत, बुनियादी ढांचे और डिजिटल कौशल विकास के महत्वपूर्ण पक्षों पर भी विचार किया गया।
टिकाऊ हरित बुनियादी ढांचे की चुनौतियों और अवसरों के विषय पर चर्चा के दौरान विशेष रूप से डिजिटल बुनियादी ढाचे को पर्यावरण के अनुकूल बनाने, विकास के दीर्घकालिक लक्ष्यों, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, स्थिति में सुधार, पुनर्चक्रण, और प्रभावशाली डिजिटल बदलाव के मुद्दों पर विस्तार से मंथन हुआ।

