हिंदुस्तान

डकैत समझकर वन विभाग की टीम पर हमला, गोली भी चली, एक कर्मी घायल...

चीता की ट्रैकिंग के लिए देर रात घूम रही थी टीम

श्योपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कूनो नेशनल पार्क की सीमा लांघकर आशा चीता एक बार बाहर निकल गई है। इस दौरान उसे ट्रैक कर रही वन विभाग की टीम को चोर और शिकारी समझकर ग्रामीणों ने घेरा और हमला कर दिया। हवाई फायरिंग भी हुई। हमले में एक वनकर्मी घायल है। घटना के बाद कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन ने पोहरी थाने में कार्यवाही के लिए आवेदन दिया है।

मामला बीती रात साढ़े 12 बजे का है। आशा चीता कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल गई थी। उसे ट्रैक कर रही टीम भी पीछे-पीछे चल रही थी। बूराखेड़ा गांव में टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने चीता को ट्रैक कर रही टीम को डकैत समझा और उन्हें भगाने के लिए हवाई फायर किए। पथराव और मारपीट में वन विभाग के चार कर्मचारियों के चोटिल होने की खबर है। पोहरी अस्पताल में इनका मेडिकल कराया गया है।  

कूनो नेशनल पार्क से मादा चीता आशा बाहर निकल गई है। उसके गले में लगी रेडियो कॉलर को ट्रैक कर वन विभाग की चीता ट्रैकिंग टीम उसे ट्रैक कर रही थी। रात के समय में टीम शिवपुरी के बूराखेड़ा गांव के पास से गुजरी। रात में एक साथ टीम के सदस्यों को जाता देख ग्रामीणों ने मवेशी चोर समझकर उस पर फायरिंग कर दी। ताकि मवेशी चोर भाग जाएं। टीम वापस नहीं लौटी तो ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों से मारपीट भी कर दी। पथराव भी किया। इसमें वन विभाग का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। वन विभाग के चार कर्मचारी इस हमले में घायल हुए हैं।

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा के मुताबिक मादा चीता आशा गुरुवार शाम को नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर शिवपुरी जिले के पोहरी के जंगल तक पहुंच गई थी। चार सदस्यीय ट्रैकिंग टीम उसे फॉलो कर रही थी। शुक्रवार सुबह चार बजे के आसपास भूरीखेड़ा के निकट ग्रामीणों ने ट्रैकिंग टीम को रोक लिया। पूछा कि तुम लोग कौन हो? रात में यहां क्या कर रहे हो? टीम के सदस्यों ने बताया कि हम चीता को ट्रैक कर रहे हैं। ग्रामीण नहीं माने और टीम को डकैत-बदमाश बताते हुए हमला कर दिया। ग्रामीणों के हमले के बाद वनकर्मियों ने कूनो के अधिकारियों को सूचना दी। आनन-फानन में वहां दूसरी टीम भेजी गई। हमने मामले को लेकर पोहरी थाना पुलि

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