वायु सेना में सात वर्ष पूरे किये स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ने
नई दिल्ली: स्वदेशी तेजस हल्के लड़ाकू विमान शनिवार को वायुसेना में सात साल सेवा के पूरे करेगा। तेजस एक बहुउद्देशीय विमान है और अपनी श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों में से एक है। यह वायु रक्षा और समुद्री निगरानी के साथ-साथ लड़ाकू अभियानों में भी सक्षम है। तेजस लड़ाकू विमानों का रखरखाव आसान है और ये विभिन्न युद्धाभ्यास करने में सक्षम हैं।
मल्टी-मोड एयरबोर्न रडार, हेलमेट-डिस्प्ले, सेल्फ-डिफेंस सूट और लेजर पॉड इसकी क्षमताओं को और बढ़ाते हैं। तेजस पहली बार 45वें स्क्वैड्रन फ्लाइंग ड्रेगर्स में शामिल हुआ। बाद के वर्षों में इसे 2रे स्कवैड्रन में भी शामिल किया गया। तेजस मई 2018 में नंबर 18 स्कवैड्रन में शामिल हुआ। तेजस अब तक कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हिस्सा लेकर अपना दमखम दिखा चुका है।
तेजस ने 2017 से 2023 तक हर साल मलेशिया 2019, दुबई एयरशो 2021, श्रीलंका एयरशो 2021, सिंगापुर एयरशो और इंडिया एयरशो में अपनी जौहर और रण कौशल का प्रदर्शन किया है। इसके अलावा विभिन्न सैन्य अभ्यासों में भी इसने अपनी ताकत और क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। आने वाले समय में यह विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनकर उभरेगा ।

