हिंदुस्तान

वर्ष 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले में शहीद सुरक्षाकर्मियों को लोक सभा ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: वर्ष 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए बहादुर सुरक्षाकर्मियों को लोक सभा ने बुधवार को मौन रह कर श्रद्धांजलि दी। लोक सभा ने संसद भवन पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले को विफल करने के दौरान शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया, उन्हें श्रद्धांजलि दी और साथ ही शहीदों के परिवारों के प्रति सहानुभूति के साथ और दृढ़ता के साथ खड़े होने की बात भी कही।

बुधवार को सुबह 11 बजे लोक सभा की कार्यवाही शुरू होते ही लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आतंकी हमले को याद करते हुए कहा, आज हम 13 दिसंबर 2001 की उस दुखद घटना का स्मरण करते हैं जब कुछ आतंकवादियों ने हमारे संसद भवन पर हमला किया था और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आघात करने का प्रयास किया था। आज के दिन हम उन सशस्त्र बलों की बहादुरी को भी नमन करते हैं जिन्होंने हमारे लोकतंत्र के प्रतीक संसद भवन पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले को विफल कर दिया था।

आज हम संसद सुरक्षा सेवा, दिल्ली पुलिस सेवा और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उन आठ सुरक्षाकर्मियों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान का भी स्मरण करते हैं जिन्होंने इस हमले को विफल करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इस आतंकवादी हमले में एक सीपीडब्ल्यूडी कर्मी भी शहीद हुए थे। यह सभा उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। यह सभा उन शहीदों के परिवारों के प्रति सहानुभूति के साथ और दृढ़ता के साथ खड़ी है। इस अवसर पर हम आतंकवाद का डटकर सामना करने के अपने संकल्प को भी दोहराते हैं तथा अपने राष्ट्र की एकता,अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पुनः शपथ की पुष्टि करते हैं।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image