ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में से उत्साह से पारंपरिक खेलों का आयोजन
दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल की ओर से छत्तीसगढ़ में पारंपरिक खेल गतिविधियों के संरक्षण के लिए राज्य में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक खेल का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जिले के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में 14 प्रकार के पारंपरिक खेलों जैसे गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी, बाटी व एकल खेल में गेड़ी दौड़, बिल्लस, फुगड़ी, भंवरा, 100 मी. दौड़, लम्बी कूद खेल का आयोजन किया जा रहा है।
इस खेल में हर आयु वर्ग को अवसर देने के लिए तीन श्रेणियों में बांट दिया गया है। जिसमें प्रतिभागी वर्गानुसार खेल कला में प्रदर्शन कर रहे है। इन तीन श्रेणियों में महिला, पुरुष दोनों वर्गों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। महिलाओं को भी इस खेल के माध्यम से आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक से प्रतिभागियों को एक मंच मिल रहा है। वहीं लोगों में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और खेल भावना का विकास होगा। जिले में वर्तमान में जोन स्तर का खेल 15 अक्टूबर से शुरू हुआ है जिसमें राजीव युवा मितान क्लब स्तर से विजेता खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। यह खेल 20 अक्टूबर तक चलेगा। जोन स्तर पर विजेता खिलाडिय़ों को 27 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक विकासखंड स्तर में खेलने का अवसर मिलेगा।

