नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय महिला क्रिकेट की 'सचिन तेंदुलकर' कही जाने वाली मिताली राज ने हाल ही में क्रिकेट के सभी फार्मेट से संन्यास लिया है लेकिन वो अभी भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं क्योंकि उनकी बायोपिक 'शाबाश मिट्ठू' का ट्रेलर जो रिलीज हुआ है। इस ट्रेलर के जरिए मिताली की लाइफ की अनकही बातें सामने आ गई हैं, जिनके बारे में अभी तक लोग अंजान थे। आज मिताली क्रिकेट जगत का बहुत बड़ा नाम है लेकिन इस मुकाम को हासिल करने के लिए मिताली को निजी जिंदगी में काफी कुछ सहना पड़ा है।
'शाबाश मिट्ठू'
आपको बता दें कि 'शाबाश मिट्ठू' में लीड रोल मशहूर अभिनेत्री तापसी पन्नू निभा रही हैं। ट्रेलर में तापसी भी छाई हैं और इसमें कोई शक नहीं फिल्म के ट्रेलर ने फिल्म के प्रति उत्सुकता पैदा कर दी है। मिताली ने जिस वक्त क्रिकेट खेलना शुरू किया था, उस वक्त महिला और क्रिकेट दो अलग-अलग बातें थीं। क्रिकेट को पुरुषों का खेल समझा जाता था। मिताली एक तमिल परिवार से हैं और वो क्लासिकल डांसर बनने की इच्छा रखती थीं लेकिन उनके अंदर क्रिकेटर बनने की क्षमता थी, जिसे पहचाना था उनके भाई के कोच ने, जो उनके भाई मिथुन को ट्रेनिंग देते थे।
'इसमें गॉड गिफ्टेड टैलेंट है'
अपने भाई के साथ शौकिया क्रिकेट खेलने वाली मिताली को देखकर कोच ने कहा था कि 'इसमें गॉड गिफ्टेड टैलेंट है, अगर इसे सही मार्गदर्शन मिला तो नेशनल खेल सकती है।' जब ये बात मिताली की फैमिली ने सुनी थी तो उन्हें अच्छा नहीं लगा था और कोच की इस बात का मिताली के दादा-दादी ने विरोध भी किया था लेकिन मिताली के माता-पिता ने अपनी बेटी की इस खूबी को समझा और उसे आगे बढ़ने का मौका दिया। जिसके बारे में विस्तार से फिल्म 'शाबाश मिट्ठू' में दिखाया गया है।
लोगों का मजाक और तंज सहना पड़ा
मिताली को शुरुआती दिनों में लोगों का मजाक और तंज सहना पड़ा था। वो लड़कों के साथ गेम खेलती थीं तो लोग उनका ही नहीं उनके मम्मी-पापा का भी मजाक उड़ाते थे लेकिन मिताली ना रूकीं, ना थकीं और ना हारीं बल्कि वो लोगों के लिए मिसाल बन गईं बल्कि आज भारतीय महिला क्रिकेट की दशा और दिशा बदलने का सारा श्रेय मिताली को ही जाता है।
23 साल बेदाक करियर
गौरतलब है कि 26 जून 1999 को इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाली मिताली राज ने मार्च 2022 तक क्रिकेट खेली है। उन्होंने अब तक 12 टेस्ट, 232 वनडे इंटरनेशनल और 89 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली मिताली राज खेल के अलावा बहुत अच्छी 'भरतनाट्यम' डांसर और प्रस्तोता हैं। उन्होंने कई स्टेज शो भी किए हैं।
21 साल की उम्र में भारतीय टीम की कमान संभाली
मिताली पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्हें विजडन इंडिया क्रिकेटर अवॉर्ड मिला है। उन्हें 21 साल की उम्र में भारतीय टीम की कमान सौंप दी गई थी। मिताली को खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवॉर्ड(2003) और Padma Shri (2015) से नवाजा जा चुका है।
शाबाश मिट्ठू' का निर्देशन श्रीजीत मुखर्जी ने किया
आपको बता दें कि 'शाबाश मिट्ठू' का निर्देशन श्रीजीत मुखर्जी ने किया है। प्रिया एवेन द्वारा लिखित, यह फिल्म मिताली राज के जीवन के उतार-चढ़ाव, असफलताओं और सफलता की कहानी कहती है, ये फिल्म 15 जुलाई को रिलीज हो रही है।