किसी साल होने वाली वैश्विक स्पर्धा के प्रारूप को प्राथमिकता देने की जरूरत: बुमराह
लंदन (छत्तीसगढ दर्पण)। भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ जसप्रीत बुमराह ने स्वीकार कहा है कि खेल के सभी तीन प्रारूपों में काम के बोझ का प्रबंधन मुश्किल है और यही कारण है कि इस साल ध्यान सबसे छोटे प्रारूप पर है क्योंकि सिर्फ तीन महीने बाद टी20 विश्व कप का आयोजन होना है।
मंगलवार को यहां इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 19 रन देकर छह विकेट चटकाने वाले बुमराह ने स्पष्ट किया कि इस साल जोर टी20 प्रारूप पर है क्योंकि सिर्फ तीन महीने बाद आस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप का आयोजन होना है।
बुमराह ने भारत की 10 विकेट की एकतरफा जीत के बाद कहा, ‘‘यह कई चीजों का संयोजन है और सिर्फ इस पर निर्भर नहीं करता कि आपको कौन से मुकाबले चुनने हैं। जैसे कि जिस साल विश्व कप का आयोजन होना है, उस प्रारूप (इस साल टी20) को अधिक प्राथमिकता देने की जरूरत है और अगर किसी साल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल होना है तो ध्यान टेस्ट क्रिकेट पर अधिक होना चाहिए।’’
भारत का कार्यक्रम काफी व्यस्त है लेकिन बुमराह समझ सकते हैं कि ऐसा 2020 और 2021 में कई श्रृंखलाओं के कोविड-19 के कारण स्थगित होने से हुआ। बुमराह ने कहा, आपको कैलेंडर पर ध्यान देना होता है। 2020-21 में कोविड के कारण हम कई श्रृंखलाओं में नहीं खेल पाए और इसलिए हमें लगातार काफी क्रिकेट खेलना पड़ रहा है। इसलिए काफी जागरूकता की जरूरत है। आपको टीम के ट्रेनर, फिजियो और प्रबंधन से बात करनी होती है। जब आप किसी श्रृंखला में नहीं खेल रहे होते तो स्वयं को मानसिक रूप से बेहतर स्थिति में रखना होता है।

