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सच में वो इजरायल की 'दादी' थीं, 1971 में दिया था भारत का साथ, नहीं भूलेंगे हम वो बात....

 नई दिल्ली/तेल अवीव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बात सन 1971 की है, एक तरफ भारत-पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ा हुआ था। वहीं, भारत से हजारों किलोमीटर दूर इजरायल में कोई इस युद्ध पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए था। हम बात कर रहे हैं, इजरायल की प्रथम महिला प्रधानमंत्री गोल्डा मेयर ( Israel, the country's first female Prime Minister Golda Meyer) के बारे में। 1971 की जंग की बात हो और इजरायल का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। वैसे भी आज 'अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे' है (International Friendship Day)।

इजरायल की दादी ने दिया भारत का साथ
भारत एक अकेला इजरायल का ऐसा दोस्त है, जो एक दूसरे के सुख-दुख के साथी हैं। भारत के इजरायल के साथ-साथ रूस, सऊदी अरब के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं। रूस हमेशा से भारत का अच्छा दोस्त रहा है। जब भारत पाकिस्तान के बीच जंग चल रहा था और अमेरिका ने पाकिस्तान का साथ का साथ देते हुए भारत को झुकाने की कोशिश की थी, ऐसे वक्त में रूस ने भारत का साथ दिया। मॉस्को की सैन्य ताकत के आगे अमेरिका ने अपने घुटने टेक दिए थे। यह है भारत और रूस की दोस्ती। हालांकि, आज हम इजरायल से दोस्ती की बात कर रहे हैं, तो इस पर हम अपना फोकस रखते हैं।

भारत-इजरायल की दोस्ती एक मिसाल है
यूक्रेन की राजधानी कीव में जन्मी गोल्डा मेयर को इजरायल की 'दादी' कहा जाता था। कहा जाता है कि, गोल्डा बिना फिल्टर की सिगरेट पीती थीं। इसको लेकर इजरायल के प्रथम प्रधानमंत्री डेविड बेन गुरियों उन्हें मंत्रिमंडल की अकेली पुरुष कहकर संबोधित करते थे।

पीएम गोल्डा मेयर ने दोस्ती की रखी नींव
गोल्डा मेयर को भारत-इजरायल दोस्ती की नींव रखने के लिए जाना जाता है। भारत जब जंग की आग में झुलस रहा था तो ऐसे वक्त में 'इजरायल की दादी' ने भारत का समर्थन किया था। कहा जाता है कि, उन्होंने ही भारत और इजरायल के बीच दोस्ती को आगे बढ़ाया था। भारत और पाकिस्तान के बीच जंग (1971) के समय इजरायल के साथ हमारे अच्छे संबंध नहीं थे। उस वक्त इजरायल का सबसे करीबी दोस्त अमेरिका इस जंग में पाकिस्तान का साथ दिया था। उस समय गोल्डा मेयर ने भारत को साथ देने का मन बना लिया था। उन्होंने तय किया कि किसी भी परिस्थिति में वे भारत का साथ देंगी।

जंग में दिया भारत का साथ
कहा जाता है कि, तत्कालीन इजरायली पीएम गोल्डा मेयर ने भारत को इस जंग में गुप्त तरीके से सैन्य सहायता भेजी थी। इस बात का जिक्र अमेरिका के पत्रकार गैरी जे बास ने अपनी किताब ब्लड टेलिग्राम में किया है। किताब में जिक्र बातों के मुताबिक, गोल्डा ने इजरायली हथियार विक्रेता श्लोमो जबलुदोविक्ज के माध्यम से भारत को कुछ हथियार और मोर्टार गुपचुप तरीके से भिजवाए थे। बता दें कि, भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग में रूस और इजरायल ने भारत का साथ दिया था।

छोड़ेंगे न हम तेरा साथ .......
आज रूस जब यूक्रेन में जंग को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों से अलग-थलग पड़ गया है, ऐसे वक्त में भारत रूस का साथ नहीं छोड़ रहा है। अमेरिका समेत कई देश भारत को रूस के खिलाफ जाने के लिए उकसाता रहता है लेकिन भारत अपनी बात मजबूती के साथ अंतरराष्ट्रीय पटल पर रखते हुए रूस का साथ नहीं छोड़ रहा है।

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