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पूर्व प्रधानमंत्री के लाइव भाषण पर सरकार ने लगाई रोक...

 इस्लामाबाद/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नई शहबाज़ सरकार ने बड़ा झटका दिया है। पाकिस्तान के मीडिया नियामक प्राधिकरण ने उनके लाइव प्रसारण पर रोक लगा दी है। दरअसल पाकिस्तान के मीडिया नियामक प्राधिकरण ने इस्लामाबाद में एक संबोधन के दौरान एक पुलिस अधिकारी और एक महिला मजिस्ट्रेट को धमकी देने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान के लाइव भाषणों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पीईएमआरए ने अपनी अधिसूचना में कहा कि इमरान खान का भाषण हमारे प्राधिकरण नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा इमरान का भाषण संविधान के अनुच्छद 19 भी का उल्लंघन है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) ने कहा है कि इमरान के रिकॉर्ड किए गए भाषण को प्रभावी निगरानी और संपादकीय नियंत्रण सुनिश्चित करने के बाद ही प्रसारित होने की अनुमति होगी।



बता दें कि इमरान खान ने जेल में बंद इमरान के करीबी नेता शाहबाज गिल के समर्थन में एक रैली निकाली थी। जिसमें इमरान ने यह  बयान दिया था। गिल को एक निजी टीवी चैनल पर देश के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। इमरान ने कहा कि अगर गिल के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है, तो फजलुर रहमान, नवाज शरीफ और राणा सनाउल्लाह को भी न्यायिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। खान ने कहा कि गिल के साथ जो हुआ वह उनके द्वारा कही गई बातों के कारण नहीं था, यह बदले की राजनीति के तहत हुआ है।



पीईएमआरए ने उस समय यह फैसला लिया जब इमरान खान ने जेल में बंद पीटीआई नेता शाहबाज गिल के ऊपर अत्याचार को लेकर इस्लामाबाद के महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक और महिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। बताया जा रहा है कि इमरान खान के खिलाफ और भी पाबंदी लगाई जा सकती है।

इमरान खान ने सेनाध्यक्ष की नियुक्ति पर उठाया सवाल
इमरान खान ने पाकिस्तान में मौजूदा स्थिति को सेनाध्यक्ष की नियुक्ति से जोड़ा और इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया कि देश में सब कुछ एक नियुक्ति के लिए हो रहा था। पूर्व प्रधानमंत्री ने संघीय राजधानी में सोशल मीडिया प्रभावितों से बातचीत में कहा कि सेना प्रमुख की नियुक्ति योग्यता के आधार पर की जानी चाहिए।

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