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भारतीय मूल की प्रोफेसर को इमर्जिंग लीडर इन हेल्थ एंड मेडिसिन स्कॉलर चुना गया

 ह्यूस्टन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय मूल की प्रोफेसर स्वाति अरूर को नेशनल अकैडमी ऑफ मेडिसिन (एनएएम) ने वर्ष 2022 के लिए ‘इमर्जिंग लीडर इन हेल्थ एंड मेडिसिन स्कॉलर’ चुना है। अरूर टेक्सास विश्वविद्यालय में ‘एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर’ में जेनेटिक्स की प्रोफेसर और उपाध्यक्ष हैं। एमडी एंडरसन की स्थापना 2016 में हुई थी और अरूर इस प्रतिष्ठित समूह में शामिल की जाने वाली फैकल्टी की पहली सदस्य हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर उनका जुनून तब से जगजाहिर है जब वह 1991-1994 में दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कर रही थीं और उन्होंने एचआईवी पीड़ित बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए एक गैर सरकारी संगठन की शुरुआत की थी। अरूर ने 2001 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से माइक्रोबायलॉजी में पीएचडी किया और इसके बाद कनेक्टिकट विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की।

 
 
 

एमडी एंडरसन के अध्यक्ष पीटर पिस्टर्स ने कहा, हमें प्रसन्नता है कि नेशनल एकैडमी ऑफ मेडिसिन ने लाइफ साइंस के क्षेत्र में डॉ अरूर के योगदान और बेहतरीन नेतृत्व को मान्यता दी। पिस्टर्स ने कहा, कैंसर मेटास्टेसिस अनुसंधान को आगे बढ़ाने की उनकी लगन, विशेषज्ञता और कार्य हमारे प्रतिष्ठान के लिए अनमोल हैं और हम उन्हें चुने जाने का स्वागत करते हैं। ‘एनएएम इमर्जिंग लीडर फोरम’ वाशिंगटन में 18-19 अप्रैल 2023 को आयोजित किया जाएगा।

 
 
 

अरूर ने अपने चयन पर कहा, हमारे पास सर्वश्रेष्ठ दुनिया नहीं है। बल्कि विश्व हमारे कार्यों का प्रतिबिंब है कि हम पीछे क्या छोड़ कर जाएंगे और आगे क्या कीमत चुकाएंगे। उन्होंने कहा, उभरती हुई शख्सियत के तौर पर नामित होना न केवल एक सम्मान है बल्कि यह मुझे वैश्विक शख्सियतों के साथ काम करने और उनसे सीखने का एक मौका भी देगा...।

 

 

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