बीजिंग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अभी भी कोरोना की मार झेल रहे चीन ने दुनिया की पहली इनहेल्ड कोविड 19 वैक्सीन तैयार कर ली है। इस वैक्सीन के जरिए चीन की प्राथमिकता कोरोना की रफ्तार पर रोक लगाना है। सोमवार को चीन के दवा नियामक ने इस इनहेल्ड वैक्सीन को बतौर बूस्टर डोज के रूप में इसके आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी।
बिना सुई के लगेगी यह वैक्सीन
वैक्सीन निर्माता कंपनी कैनसिनो बायोलॉजिक्स इंक ने एक बयान जारी कर बताया है कि दुनिया की पहली इनहेल्ड वैक्सीन को चीन के दवा नियामक ने मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि लोगों को यह वैक्सीन बिना सुई लगाए दी जा सकेगी। इसे नाक के जरिए सूंघ कर लिया जाएगा। Convidecia Air नाम की इस वैक्सीन को नेबुलाइजर से सांस के जरिए लिया जाएगा।
आपको बता दें कि CanSino की इंजेक्टेड Convidecia कोविड 19 वैक्सीन का पहले से ही चीन में इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य देशों में भी इसका इस्तेमाल हो रहा है। अगर इस इनहेल्ड वैक्सीन के असर की बात की जाए तो इसे बनाने वाली कंपनी का दावा है कि यह लक्षणों को रोकने में 66 प्रतिशत प्रभावी है और गंभीर बीमारी निपटने में 91 प्रतिशत प्रभाव के साथ काम करती है, लेकिन कई एक्सपर्ट इस वैक्सीन पर सवाल उठा चुके हैं।
कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार सूंघने वाली वैक्सीन की मदद से सेलुलर इम्यूनिटी को स्टीमुलेट किया जा सकता है, जिससे इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के बिना ही सुरक्षा को बढ़ाया जा सकता है। जैसा कि यह वैक्सीन सुई रहित है, इसलिए इसका इस्तेमाल खुद भी किया जा सकता है। इस वैक्सीन को खुद लेने वाली खासियत से लोगों को यह आकर्षित कर सकती है और इसकी डिमांड बढ़ सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा बनाए गए एक डेटाबेस के अनुसार, कैनसिनो का नया उत्पाद दो विशेष रूप से "इनहेल्ड" टीकों में से एक है, जो नैदानिक चरण के विकास तक पहुंच गया था, क्योंकि दुनिया भर में कई कंपनियां कोविड -19 सुरक्षा प्रदान करने के लिए इनहेल्ड वैक्सीन पर शोध कर रही हैं।