इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद बताया कि देश के कई इलाके समंदर में बन चुके हैं। पाकिस्तान में जल प्रलय के कारण देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो चुका है। बुधवार तक बाढ़ से मरने वाले लोगों का कुल आंकड़ा 1,343 हो गया है। पाकिस्तान में 22 करोड़ की जनसंख्या में से तीन करोड़ तीस लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेवार बताया जा रहा है जिसके कारण हजारों लोग बेघर हो गए और 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
बाढ़ देख चिंतित हुए पीएम
बुधवार को सिंध के दक्षिणी प्रांत का दौरा करने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मीडिया को बताया, 'जितना नुकसान हुआ है आप उसपर सहज भरोसा नहीं करेंगे। जहां तक आप देखेंगे हर जगह पानी ही पानी है। यह समंदर की तरह है।' इस त्रासदी से निजात पाने के लिए हमें अरबों रुपये की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए नकद सहायता को बढ़ाकर 70 अरब पाकिस्तानी रुपये कर दिया है। अब सरकार बाढ़ के कारण विस्थापितों के लिए 200,000 टेंट खरीदेगी।
बाढ़ से निपटने के लिए होगी करोड़ों रुपये की जरूरत
पीएम शरीफ ने कहा कि घटता जलस्तर नई चुनौतियां लेकर आया है। पानी के कारण संक्रामक बीमारियां हो रहीं हैं। उन्होंने कहा, 'हमें इस आपदा के बाद होने वाली समस्याओं से निबटने के लिए खरबों रुपये की जरूरत होगी।' संयुक्त राष्ट्र ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 160 मिलियन डॉलर की सहायता का आह्वाहन किया है। बाढ़ प्रभावितों में से अधिकतर सिंध के हैं जहां पाकिस्तान की सबसे बड़ी झील का पानी खतरनाक तरीके से बढ़ रहा है।
24 घंटे में 8 बच्चों की हुई मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही कह दिया है कि 6.4 मिलियन से अधिक लोग हैं जिन्हें मानवीय सहायता की जरूरत है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि बीते 24 घंटों में बाढ़ के कारण हुई मौतों में आठ बच्चे हैं। देश का यह हाल मानसून के मौसम में हुई रिकार्ड बारिश व देश के उत्तरी पहाड़ों पर ग्लेशियर पिघलने का नतीजा है।
मोहनजोदड़ो भी बाढ़ की चपेट में आया
इस बाढ़ से मोहनजोदड़ो के पुरातात्विक स्थल पर भी भारी असर पड़ा है। सिंधु नदी के बढ़े जलस्तर से आई बाढ़ से इस इलाके के कई महत्वपूर्ण हिस्से डूब गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐतिहासिक खंडहर के कई इलाके सीवरेज नाले बाढ़ के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। सिंधु नदी पर बने ज्यादातर बांध अपनी क्षमता से ज्यादा भरे हुए हैं और उनके ऊपर से पानी बह कर आ रहा है।