दुनिया-जगत

रूस ने मान लिया PoK और अक्साई चीन को भारत का हिस्सा, चीन-पाकिस्तान को लगा करारा झटका

 

मास्को (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रूस (Russia) और भारत (India) के बीच की दोस्ती दशकों पुरानी है। हालिया वक्त में अमेरिका संग बढ़ती नजदीकियों के बीच भी भारत ने रूस का साथ नहीं छोड़ा है। ऐसे वक्त में जब पाकिस्तान (Pakistan) लगभग हर बड़े मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है रूस ने ऐसा काम किया है जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। रूसी स्वामित्व वाली समाचार एजेंसी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों का नक्शा जारी किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्धाख (Ladakh)और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) को भारत का हिस्सा बताया गया है।

समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने इंफोग्राफ किया जारी
समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने शंघाई सहयोग संगठन पर एक इन्फोग्राफिक जारी किया है। इस इन्फोग्राफिक में SCO के विस्तार के बारे में पूरा विवरण दिया गया है। इसके साथ ही नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन के साथ-साथ समस्त अरुणाचल प्रदेश को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया है। इन दोनों क्षेत्रों को एक साथ भारत के हिस्से के रूप में दिखाना राजनीतिक रूप से स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना बताया जा रहा है।

चीन और पाकिस्तान दोनों हैं SCO के सदस्य
सबसे अहम बात ये है कि पाकिस्तान और चीन भी SCO के सदस्य देश हैं, लेकिन उनकी परवाह किए बगैर रूसी एजेंसी ने यह कदम उठाया है। पाकिस्तान आजादी के बाद से ही PoK हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। लेकिन रूस द्वारा PoK को भारतीय क्षेत्र के रूप में स्वीकार करने के बाद से पाकिस्तान की समस्याएं और बढ़ गई हैं।

मानचित्र जारी किए जाने के बाद भारत का दावा मजबूत
इससे पहले चीन ने SCO का नक्शा जारी किया था और उसने नक्शे में में भारत के कुछ इलाकों को अपना हिस्सा दिखाया था। लेकिन रूसी एजेंसी ने सही नक्शे का चित्रण कर चीन और पाकिस्तान के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। भारत के सरकारी सूत्रों के मुताबिक SCO के संस्थापक सदस्यों में होने के नाते रूस ने नक्शे का सही ढंग से चित्रण कर एक तरह का रिकॉर्ड स्थापित किया है। रूसी एजेंसी द्वारा जारी किए गए इस मानचित्र से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और SCO के भीतर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत की स्थिति और भी मजबूत हो गई है।

आजादी के बाद से ही भारत का समर्थक रहा है रूस
आपको याद दिला दें कि हाल ही में पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की यात्रा की थी। यात्रा के बाद उन्होंने ट्विटर पर इस इलाके को 'आजाद कश्मीर' बताया था। इसके कुछ दिन बाद जर्मनी ने भी पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए कश्मीर विवाद को सुलझाने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का सुझाव दिया था। गौरतलब है कि सोवियत संघ और उसके बाद रूस ने 1947 से कश्मीर पर भारत का समर्थन किया है और भारत विरोधी प्रस्तावों को अवरुद्ध करने के लिए यूएनएससी में वीटो का इस्तेमाल किया है।

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